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इंतजार कब तक! बिना संपर्क पथ के करोड़ों के पुल नाकारा

जिले में करोड़ों की लागत से बने चार महत्वपूर्ण पुल बिना संपर्क पथ के नाकारा हैं। पहले पुल के निर्माण में वर्षों लगे। अब पुल बना तो संपर्क पथ नहीं है। नतीजतन यातायात की सुविधा व जिला मुख्यालय से अन्य इलाकों की दूरी कम करने के उद्देश्य से बनाए गए पुल जनता के लिए बेकार साबित हो रहे हैं। इतना ही नहीं इससे राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। 

केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शुमार रहे मुंगेर पुल का शिलान्यास 25 दिसंबर 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। उस समय पुल के निर्माण की अनुमानित लागत 927 करोड़ थी। पुल का निर्माण पांच सालों में पूरा कर लेना था। लेकिन पुल के रूट में किए गए बदलाव के कारण इसके निर्माण में 2700 करोड़ रुपये की लागत आई और 11 साल लग गए। 

प्रधानमंत्री ने किया था पुल का उद्घाटन: 12 मार्च 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुल का उद्घाटन कर मालगाड़ी के परिचालन के साथ पुल पर परिचालन की शुरुआत की। बाद में 12 अप्रैल 2016 को पुल पर डीएमयू सवारी के परिचालन के साथ रेल पुल को जनता के लिए समर्पित कर दिया गया। लेकिन करीब तीन साल बाद भी संपर्क पथ के अभाव में परिचालन बाधित है। सरकार की उदासीनता व भूमि अधिग्रहण विवाद के बीच निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने की संभावना कम ही दिख रही है। 

बलिया-डंडारी पथ पर बने पुल भी बने हैं बेकार
बलिया-डंडारी पथ पर करोड़ों की लागत से तीन पुलों में से दो पुल संपर्क पथ के अभाव में बेकार है। नाबार्ड के सहयोग से मुसबारा एवं सिमरदही पुल का निर्माण 2014 में केवल एक वर्ष के अंदर पूरा कर लिया गया पर मुसबारा पुल के संपर्क पथ का निर्माण चार वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रारंभ नहीं हो सका है। इसी तरह भगवानपुर के समीप बलान नदी पर बसही घाट में बना पुल एप्रोच पथ के अभाव में नाकारा बना है। 

छतौना-वनद्वार पुल 2015 से बनकर है तैयार   
नावकोठी प्रखंड मुख्यालय के छतौना-वनद्वार पुल बनकर पिछले 2015 से बनकर तैयार है। पुल का शिलान्यास जून 2013 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। इसकी प्राक्कलित राशि 14 करोड़ थी। एप्रोच पथ आज तक नहीं बना है। इसके बनने से कई प्रखंडों  नावकोठी, बखरी, गढ़पुरा, बेगूसराय के दर्जनों गांवों के  लोगों को जिला मुख्यालय तथा बखरी, बेगूसराय अनुमंडल जाने में सुविधा होगी। 

बेगूसराय-खगड़िया-मुंगेर के बीच की दूरी घटेगी
संपर्क पथ के निर्माण से मुंगेर-बेगूसराय व खगड़िया-मुंगेर के बीच दूरी सिमट जाएगी। वहीं बेगूसराय जिला कार्यालय से मुंगेर कमिश्नरी कार्यालय की दूरी  90 किलोमीटर से सिमट कर 40 किलोमीटर हो जाएगी। खगड़िया जिला मुख्यालय से कमिश्नरी कार्यालय की दूरी 200 किलोमीटर से घटकर महज 25 किलोमीटर हो जाएगी। राजेंद्र सेतु व विक्रमशिला पुलों पर बढ़ता दबाव भी घटेगा।

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  • Web Title:Reject billions of crores without contact path