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Lok sabha election Result 2019- पाटलिपुत्र: कांटे की लड़ाई में जीते रामकृपाल

पाटलिपुत्र में सबकुछ 2014 की तरह ही रहा। मतगणना में रामकृपाल तीन बजे के बाद आगे हुए। कांटे की लड़ाई हुई। नोटा भी पिछले चुनाव जैसा ही दबा। रामकृपाल यादव ने लगातार दूसरी बार इस सीट पर जीत दर्ज की। इसके साथ ही उन्होंने लालू परिवार की इस सीट पर जीत का सपना चकनाचूर कर दिया। 

इस सीट पर सांप-सीढ़ी का खेल खूब चला। शुरू में मीसा आगे चल रही थी, तीन बजे के बाद रामकृपाल आगे हुए। उन्होंने 39,321 वोट से मीसा भारती को हराया। रामकृपाल को 5 लाख 9 हजार 557 मत मिले जबकि मीसा को 4 लाख 70 हजार 236 मत मिले। इस तरह रामकृपाल ने 39321 मतों से जीत दर्ज की। तीसरे स्थान पर बसपा के कलीमुल्लाह रहे। उन्होंने 13 हजार 973 मत प्राप्त किया। 

इस बार लोकसभा चुनाव में लालू परिवार से सिर्फ वही चुनाव मैदान में थी। ऐसे में राजद इस सीट को प्रतिष्ठा की सीट मानकर चुनाव भी लड़ा पर कामयाबी नहीं मिली। लालू परिवार इस सीट पर जीत के लिए 2009 चुनाव से ही प्रयासरत है। परिसीमन के बाद 2009 में हुए चुनाव में जदयू के रंजन यादव ने राजद प्रमुख लालू यादव को करीब 23,500 वोट से शिकस्त दी थी। वर्ष 2014 में हुए चुनाव में भाजपा के रामकृपाल यादव ने लालू की बड़ी बेटी मीसा भारती को कड़े मुकाबले में 40,322 वोट से हराया था। 

6492 ने दबाया नोटा
पाटलिपुत्र में पिछले चुनाव की तरह ही नोटा का बटन दबा। इस बार 6492 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। पिछले चुनाव में  6361 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था। पटना साहिब में जहां पूरे राज्य में सबसे कम लोगों ने नोटा का बटन दबाया, वहीं पाटलिपुत्र तीसरा सबसे कम रहा। 

ईमानदार मजूरी का जनता ने दिया तोहफा : रामकृपाल
पटना। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आतंकवादियों को सबक सिखाया गया। सबसे बड़ा कारण यह है कि जनआकांक्षाओं के अनुरूप प्रधानमंत्री ने अपनी योजनाओं के माध्यम से सबका साथ सबका विकास किया है। मैंने जनता के बीच जो सेवा भाव से काम किया, ईमानदारी से मजूरी की तो उसकी कीमत मिली है। बिहार में आरजेडी खत्म हो चुका है। राष्ट्रीय जनता दल में किसी गरीब का प्रतिबिंब नजर नहीं आता। पार्टी परिवार तक सिमट कर रह गई है। कौन इस पार्टी को अपनाएगा। रिजेक्ट कर दिया जनता ने, समाप्त हो गई है पार्टी।  

नए सांसद से सवाल
सबसे अधिक प्राथमिकता के तीन काम बताएं? 

जवाब : जनता की सुविधाओं से जुड़ीं योजनाएं लाने का प्रयास करेंगे, पटना में बुलेट ट्रेन चले, इसके लिए प्रयास करेंगे। 

आपकी जीत के दो खास कारण  क्या हैं? 
जवाब : इस बार की लड़ाई महल में रहने वाले और झोपड़ी में रहने वालों के बीच की थी। बतौर केंद्रीय मंत्री कई योजनाएं लानीं।

जीत का श्रेय किसे देते हैं? 
जवाब : सबसे पहले तो क्षेत्र के वोटरों को। फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान को यह श्रेय जाता है। 

इस चुनावी अभियान से क्या सीख मिली? 
जवाब : जनता सर्वोपरि है।इस चुनाव ने परिवारवाद को भी डिरेल करके उसका खात्मा कर दिया।  

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  • Web Title:Ramkripal Yadav win from Pataliputra Lok Sabha seat