Purnea: Casteism politics pressure on issues in mini Darjeeling - पूर्णिया : मिनी दार्जिलिंग में सियासी गरमाहट बढ़ी, मुद्दों पर भारी जात-पात की राजनीति DA Image

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पूर्णिया : मिनी दार्जिलिंग में सियासी गरमाहट बढ़ी, मुद्दों पर भारी जात-पात की राजनीति

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मिनी दार्जिलिंग कहे जाने वाले पूर्णिया में चुनाव के दिन करीब आते ही सियासी गरमाहट बढ़ गई है। इस सीट पर गठबंधन प्रत्याशी संतोष कुशवाहा और महागठबंधन प्रत्याशी उदय सिंह के बीच आमने-सामने का मुकाबला है।

बिहार में पूर्णिया से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चुनाव प्रचार के आगाज के बाद यहां केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और राजद नेता तेजस्वी यादव की चुनावी सभाएं हो चुकी हैं। कई बड़े नाम वाले नेताओं के चुनाव प्रचार के लिए आने की चर्चा है। इस बार चुनाव में स्थानीय मुद्दा गौण दिख रहा है। जात-पात की राजनीति पर जीत की रणनीति तैयार किए जाने की चर्चा है। स्टार प्रचारकों को भी उन्हीं क्षेत्रों में बुलाया जा रहा है, जहां वह जात-पात के नाम पर ज्यादा वोटरों को प्रभावित कर सकें। दल-आधारित बिरादरी के वोट को तयशुदा मानते हुए दोनों गठबंधन प्रत्याशी अपने-अपने दावे कर  रहे हैं।

आजमाए हुए चेहरे को सांसद बनाकर लोकसभा भेजना होगा
रोचक बात यह है कि पूर्णिया के मतदाताओं के सामने तीसरा मौका है, जब उन्हें आजमाए हुए चेहरे को सांसद बनाकर लोस भेजना होगा। 1999 और 2004 के बाद तीसरी बार 2019 में ऐसा रोचक मुकाबला हो रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह जीते तो हैट्रिक लगाएंगे, गठबंधन से जदयू प्रत्याशी संतोष कुशवाहा जीते तो डबल लगाएंगे। लोकसभा जाने के लिए दोनों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। 

बता दें कि जदयू प्रत्याशी संतोष कुशवाहा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में उदय सिंह को लाखों वोट से पराजित कर लोकसभा का मुंह देखा था। उस वक्त जदयू व भाजपा अलग-अलग चुनावी मैदान में थे। इस बार दोनों साथ हैं। इधर, भाजपा में रह चुके पप्पू सिंह इस बार हाथ का दामन थाम मैदान में हैं। सभाओं में लोग दोनों नेताओं को सुन रहे हैं। जांच-परख रहे हैं। देखना है जीते का सेहरा किस आजमाए हुए सांसद के गले में यहां के मतदाता बांधते हैं।


प्रत्याशी           पार्टी         उम्र        शिक्षा
उदय सिंह           कांग्रेस     66 साल    हायर सेकेंड्री
संतोष कुशवाहा     जदयू    42 साल    इंटर
जितेन्द्र उरांव     बसपा    49 साल    स्नातक 
मंजू मुर्मू         झामुमो    46 साल    पांचवीं पास 
शोभा सोरेन         निर्दलीय    28 वष    साक्षर
मृत्युंजय झा         निर्दलीय    41 साल    बीडीएस
अशोक साह         निर्दलीय    64 साल    मैट्रिक 
सागीर अहमद    निर्दलीय    29 साल    आलीम 
सनोज चौहान    निर्दलीय    40 साल    विधि स्नातक 
अनिरुद्ध मेहता    निर्दलीय    54 साल    मैट्रिक 
राजेश कुमार    निर्दलीय    50 साल    इंटर 
सुभाष ठाकुर         निर्दलीय    32 साल    अंतर स्नातक
राजीव सिंह         निर्दलीय    30 साल    मध्यमा 
अर्जुन सिंह         निर्दलीय    46 साल    एलएलबी 
अशोक सिंह        निर्दलीय    45 साल    नौवीं पास
मो. अख्तर अली    निर्दलीय    37 साल    शिक्षित

जदयू को पिछड़ों तो कांग्रेस को अल्संख्यकों से बंधी आस 
पूर्णिया लोकसभा सीट से हिंदू मतदाताओं की संख्या 60 फीसदी यानी लगभग 10 लाख है। इसमें पिछड़ा व अति पिछड़ा मतदाताओं की संख्या 5 लाख है। इसके अलावा लगभग एक से डेढ़ लाख यादव, एक से सवा लाख राजपूत, एक से सवाल लाख ब्राह्मण वोटर हैं। इसके अलावा मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 40 फीसदी यानि लगभग 6 लाख है। जदयू को पिछड़ा व अतिपिछड़ा मतदाताओं से उम्मीद है तो कांग्रेस अल्पसंख्यकों से आस लगाए बैठे हैं।

2009 में लोकसभा चुनाव
जीते : उदय सिंह-भाजपा-    362952
हारी : शांति प्रिया-निर्दलीय-    176725

2014 लोकसभा चुनाव

जीते : संतोष कुशवाहा-जदयू    418826 
हार : उदय सिंह-भाजपा    302157

एक नजर में 2014 लोकसभा चुनाव 
2014 के लोकसभा चुनाव में 20 ने नामांकन किया था, जिसमें दो का नामांकन रद्द हुआ था, जबकि एक  ने नाम वापस लिया था। 17 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ था। 24 अप्रैल को 1457 मतदान केंद्रों पर चुनाव हुए थे। इवीएम में कुल वैध वोट 1005388 डाले गए, वैलिड पोस्टर वोट 362 थे। 11982 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया। 16 मई को मतगणना हुई। संतोष कुशवाहा को कुल 418826 मत मिले, जबकि पप्पू सिंह को 302157 मत मिले थे। इन दोनों को छोड़ सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी थी।

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