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मैदान के महारथी प्रमोद तिवारी : विरोधियों से भी मधुर सियासी रिश्ते रखने में माहिर

प्रमोद तिवारी का नाम लिए बिना कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की सूची पूरी नहीं होती। ऐसा नेता, जो नौ बार प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक चुना गया। 1989 से प्रदेश में कांग्रेस सत्ता से बाहर है। प्रमोद तिवारी के समकालीन अधिकांश नेता इन 30 सालों में कांग्रेस से किनारा कर दूसरे दलों में चले गए। मगर तिवारी ने पार्टी के प्रति निष्ठा बनाए रखी। 

प्रमोद तिवारी सरल, सहज, मृदुभाषी और व्यवहार कुशल राजनेता हैं। यही कारण है कि प्रमोद तिवारी के  दूसरे दलों के नेताओं के साथ भी मधुर रिश्ते हैं। पहला विधानसभा चुनाव उन्होंने इंदिरा जी के समय जीता और करीब चार दशक के अपने सियासी सफर में गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों से बराबर की निकटता है। पार्टी के वह कद्दावर ब्राह्मण  चेहरा हैं। 

वर्ष 2013 में राज्यसभा के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस के पास विधायकों की पर्याप्त संख्या न होने के बावजूद प्रमोद तिवारी अपने इन्हीं मधुर सियासी रिश्तों के कारण राज्यसभा पहुंचे। प्रमोद तिवारी ने कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता का पद भी लंबे समय तक प्रदेश में संभाला। प्रमोद तिवारी सियासत के मंझे हुए खिलाड़ी तो हैं ही, चुनाव प्रबंधन में भी उनका जवाब नहीं। 
प्रतापगढ़ लोकसभा सीट पर रत्ना सिंह की जीत में उनका अहम योगदान था। वकालत में भी वह जब तब अपना लोहा मनवाते रहते हैं। हाल ही में, प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के साथ उनके एक पुराने मामले में जब वह काला कोट पहन कर एमपी, एमएलए कोर्ट में पैरवी करते दिखे तो लोगों को खासा अचरज भी हुआ था।

राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की हालिया प्रयागराज से वाराणसी तक की बोट यात्रा के आयोजन में भी उनकी उल्लेखनीय भूमिका रही। हालांकि प्रमोद तिवारी का नाम अभी तक कांग्रेस द्वारा घोषित प्रत्याशियों की सूची में नहीं है, लेकिन चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व अपने इस कद्दावर नेता को चुनाव लड़ाना चाहती है। कभी इलाहाबाद और कभी लखनऊ लोकसभा सीट से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा जोर पकड़ लेती है।

निजी जीवन

 16 जुलाई 1952 को प्रतापगढ़ में जन्म
 शिक्षा-बीएससी, एलएलबी
 पत्नी-अल्का तिवारी का 2012 में निधन हो गया 
 दो बेटियां- सोना तिवारी, आराधना मिश्रा मोना
 रामपुर खास विधानसभा सीट से उनकी बेटी आराधना विधायक

राजनीतिक सफर
1980 में पहली बार रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक चुने गए

1984 सेे 1989 तक प्रदेश की कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे
 लगातार नौ बार विधायक चुने गए 

2013  में उपचुनाव जीत कर राज्यसभा पहुंचे 

 लंबे समय तक कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता रहे

सोशल प्रोफाइल
2015 अप्रैल, में सोशल मीडिया से जुड़े

24,061 फॉलोअर्स ट्विटर पर 

 रामपुर खास से उनकी बेटी आराधना मिश्रा विधायक हैं  

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  • Web Title:Pramod Tiwari the master of the field specializes in keeping a good political relationship with opponents