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Lok sabha Result 2019 - एनडीए नेताओं के लिए जल्द खुलेंगे नये मौकों के द्वार

लोकसभा चुनाव परिणाम आने के साथ ही बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए के घटक दलों जदयू, भाजपा और लोजपा के नेताओं-कार्यकर्ताओं के लिए कई नये मौके खुल गये हैं। विधायकों, विधान पार्षदों के लिए राज्य मंत्रिपरिषद में चुने जाने, विधानसभा-विधान परिषद के रिक्त पदों पर उनके लिए मौके हैं। लम्बे समय से बोर्ड निगमों के अध्यक्ष, सदस्य के रिक्त पदों को भी भरने का यह एनडीए की सरकार के लिए मौका है। गौरतलब हो कि राज्य सरकार के तीन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, दिनेश चन्द्र यादव और पशुपति कुमार पारस लोकसभा का चुनाव जीत गये हैं। फिलहाल बिहार मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत 28 सदस्य हैं। इनमें से तीन के इस्तीफे के बाद यह संख्या 25 बचेगी। 

नियमों के मुताबिक मंत्रिपरिषद में कुल सदस्य संख्या 243 का 15 फीसदी तक अर्थात सीएम समेत 36 सदस्य हो सकते हैं। इसके मुताबिक 11 की रिक्ति हो गयी है। कम से कम आधा दर्जन नये लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने की संभावना जतायी जा रही है। पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के इस्तीफे के बाद फिलहाल कोई महिला मंत्रिमंडल में नहीं हैं। उम्मीद है विस्तार में महिला विधायक को मौका जरूर मिलेगा। पारस के इस्तीफे के बाद लोजपा कोटे से भी मंत्रिपरिषद में कोई नहीं बचेगा। 

लोकसभा चुनाव लड़े 12 विधायकों में आठ हारे 
इसबार जदयू के चार विधायक, राजद के  पांच, कांग्रेस के दो जबकि हम के इकलौते विधायक जीतन राम मांझी लोकसभा के रण में उतरे थे।  इन 12 विधायकों में आठ तो हार गये, लेकिन जदयू के चारों विधायक दिनेशचन्द्र यादव (सिमरी बख्तियारपुर), अजय मंडल (नाथनगर ), गिरधारी यादव ( बांका), जबकि दरौंदा की विधायक कविता सिंह के संसद पहुंच जाने से इन चारों सीट पर उपचुनाव होंगे। जदयू के चार नये नेताओं को विधानसभा पहुंचने का मौका मिल सकता है। वहीं कांग्रेस के किशनगंज विधायक मो. जावेद के यहीं से सांसद बन जाने से यहां विधानसभा उपचुनाव में एक नए नेता को मौका मिलेगा।

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  • Web Title:NDA leaders will open doors for new opportunities in Bihar