DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:
asianpaints

नारी शक्ति: अनुसुइया बाई ने 25 क्रांतिकारी युवकों को फांसी से बचाया था

anusuya bai kale

अनुसुइया बाई काले पहली लोकसभा का चुनाव 1952 में नागपुर क्षेत्र से जीतकर संसद में पहुंचीं। लगातार दूसरी बार भी 1957 में उन्होंने नागपुर से ही लोकसभा का चुनाव जीता। दोनों चुनाव में उन्होंने भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। सन 1942 के आंदोलन के दौरान उन्होंने मुकदमा लड़कर 25 क्रांतिकारी युवकों को फांसी से बचाया था।
 

अनुसुइया बाई युवावस्था में ही राजनीति में सक्रिय हो गई थीं। वे सन 1928 में मध्य प्रांत और बरार विधान मंडल की पहली महिला सदस्य चुनी गई थीं। 1937 में मध्य प्रांत विधानमंडल की उपाध्यक्ष चुनी गईं पर द्वितीय विश्वयुद्ध में अंग्रेज सरकार की भूमिका से नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया। स्वतंत्रता के बाद 1948 में वे ऑल इंडिया वूमेन कान्फ्रेंस की अध्यक्ष भी चुनीं गईं। महिला आंदोलनों में काफी सक्रिय रहीं। वे नागपुर के कई क्लबों की भी सदस्य रहीं।


नारी शक्ति: बुंदेलखंड की राजनीति का प्रमुख महिला चेहरा रहीं सावित्री


औंध के दीवान की बेटी
अनुसुइया बाई महाराष्ट्र के सतारा जिले के औंध राज्य के दीवान के परिवार से आती थीं। उनके पिता सदाशिवराव भाटे जाने माने वकील थे। उनकी पढ़ाई हुजुर पागा हाई स्कूल और फग्र्यूसन कॉलेज पूणे में हुई। वे बाद बड़ौदा कॉलेज, वडोदरा की भी छात्रा रहीं। उनका विवाह नासिक के सबसे अमीर परिवार में पुरुषोत्तम बालकृष्ण काले के संग हुआ। उनकी कुल पांच संताने हुईं। उनके एक बेटे वसंत पुरुषोत्तम काले मराठी के जाने माने कथाकार हुए।


बड़े नेताओं को पराजित किया
अनुसुइया ने विदर्भ के नागपुर शहर को अपनी कर्मभूमि बनाया। 1952में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर सोशलिस्ट पार्टी के विनायक दांडेकर को पराजित किया। 1957 में आवडे हरिदास दामजी को पराजित किया।


नारी शक्ति: जाति प्रथा खत्म करने को लंबे समय तक संघर्ष किया


बापू के अहिंसक आंदोलन में सक्रिय
अनुसुइया बाई ने बापू के अहिंसक आंदोलनों का नागपुर में नेतृत्व किया। वे असहयोग आंदोलन में काफी सक्रिय रहीं। जेल भी गई।


सफरनामा

  • 24 अक्तूबर 1896 को उनका जन्म बेलागावी, कर्नाटक में हुआ।
  • 1928 में मध्य प्रांत विधान मंडल की सदस्य चुनीं गईं।
  • 1948 में ऑल इंडिया वूमेन कान्फ्रेंस की अध्यक्ष चुनीं गईं।
  • 1952 और 1957 में नागपुर से चुनाव जीता।
  • 1958 में उनका सांसद रहते हुए निधन हो गया।
  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Nari Shakti Anusuya Bai kale rescued 25 revolutionary men from hanging death