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Lok Sabha Elections 2019: दो राजनीतिक परिवारों की साख दांव पर लगी

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बिहार में औरंगाबाद सीट पर मुकाबला कई मायनों में दिलचस्प होने वाला है। एक तरफ यहां से बिहार विभूति अनुग्रह नारायण सिंह के पोते और पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिन्हा के बेटे पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार चुनावी मैदान में दिख रहे हैं। वहीं पूर्व सांसद रामनरेश सिंह उर्फ लूटन सिंह के पुत्र वर्तमान सांसद सुशील कुमार सिंह भी चुनावी मैदान में ताल ठोकते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में दोनों सुरमाओं की सक्रियता से इलाके के लोग इन्हीं दोनों के बीच लड़ाई मान रहे हैं। अब इन दोनों पर अपने-अपने परिवार की विरासत बचाने की चुनौती है। 

औरंगाबाद सीट के लिए भले ही टिकट घोषित नहीं हुआ हो, लेकिन राजनीतिक पंडित मान रहे हैं कि एक बार फिर निखिल कुमार महागठबंधन से और सुशील कुमार सिंह एनडीए के उम्मीदवार हो सकते हैं। इस बार एनडीए से यह सीट भाजपा के खाते में है। वर्तमान सांसद सुशील कुमार सिंह 2009 से लगातार दो बार सांसद हैं। 1998 में भी वे सांसद का चुनाव जीत चुके हैं। वहीं निखिल कुमार और उनकी पत्नी श्यामा सिंह यहां से एक-एक बार सांसद रह चुकी हैं। 1989 से पहले निखिल के पिता सत्येंद्र नारायण सिन्हा यहां सात बार सांसद रहे हैं। जबकि सुशील कुमार सिंह के पिता रामनरेश सिंह उर्फ लूटन सिंह भी दो बार इस क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं।

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औरंगाबाद लोकसभा सीट के साथ एक रिकॉर्ड जुड़ा हुआ है जो 1952 से लेकर अभी तक बरकरार है। 1952 से अबतक यहां सिर्फ राजपूत जाति के उम्मीदवार ही विजयी हो सके हैं। इसलिए इस लोकसभा क्षेत्र को मिनी चितौड़गढ़ के नाम से भी जाना जाता है। यहां के पहले सांसद सत्येंद्र नारायण सिन्हा राजपूत जाति से थे, जो बाद में बिहार के मुख्यमंत्री भी बने थे। 

औरंगाबाद लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। इस सीट पर अधिकांश बार निखिल कुमार के परिवार का ही कब्जा रहा है। लेकिन पिछले दो चुनाव से लगातार वर्तमान सांसद चुनाव जीत रहे हैं। इसके पहले भी एक बार सुशील कुमार सिंह इस क्षेत्र से जीत चुके हैं और इनके पिता रामनरेश सिंह उर्फ लूटन सिंह भी दो बार चुनाव जीत चुके हैं।

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019 two political families credit on stake