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लोकसभा चुनाव 2019 : ये विधायक-मंत्री सांसद बने तो होगा उपचुनाव 

यूपी के कई विधायक भी देश की सबसे बड़ी  पंचायत का हिस्सा बनने के लिए बेकरार दिखते हैं। इस वक्त प्रदेश सरकार के तीन मंत्री और सात विधायक चुनाव लड़ रहे हैं। यही नहीं एमएलसी तक सांसद बनने की दौड़ में हैं। इन दावेदारों की किस्मत अगर खुली और संसद पहुंच गये तो लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव का सिलसिला शुरू होगा।  मंत्रियों के चुनाव जीतने की सूरत में मंत्रिमंडल में भी फेरबदल होगा। आइए देखते हैं कि विधायक और मंत्री चुनावी जंग में किस तरह जूझ रहे हैं। 

ये विधायक हैं लोकसभा चुनाव की जंग में 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना की प्रतिष्ठित लोकसभा सीट बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी  ने इस बारअपने विधायक प्रदीप चौधरी पर भरोसा जताया है। पार्टी ने इस बार स्व. हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को लोकसभा का  टिकट देने के बजाय   गंगोह से प्रदीप चौधरी को प्रत्याशी बना कर सबको चौंका दिया। श्री चौधरी की गुर्जर बिरादरी में अच्छी पकड़ मानी जाती है। भाजपा से पहले वह कांग्रेस में रह चुके हैं। 
प्रदीप चौधरी,  विधायक गंगोह
प्रत्याशी कैराना  

शिवपाल यादव जसवंत नगर से कई बार से विधायक चुने जाते रहे हैं। वह 2017 में भी समाजवादी पार्टी के जरिए जसवंत नगर से जीते थे। पिछले साल शिवपाल ने सपा से अलग होकर अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली और फिरोजाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट से उनके भतीजे व सपा के सिंटिंग सांसद अक्षय यादव मैदान में है। शिवपाल अगर चुनाव जीतते हैं तो जसवंतनगर में भी उपचुनाव होगा। 
शिवपाल यादव,  विधायक जसवंत नगर
प्रत्याशी फिरोजाबाद   

भाजपा ने बांदा ससंदीय सीट से मौजूदा सांसद भैरा प्रसाद मिश्र का टिकट काट कर अपने विधायक आरके सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया है। पटेल मानिकपुर से विधायक हैं। आरके सिंह पटेल 2009 में सपा से सांसद रहे हैं। 
आरके पटेल, विधायक मानिकपुर
प्रत्याशी बांदा  

राजवीर सिंह दिलेर पिछले विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक चुने गये। वह इस इलाके के कद्दावर नेता किशन लाल दिलेर के बेटे हैं। भाजपा ने हाथरस से सिटिंग प्रत्याशी को हटाकर राजवीर सिंह दिलेर को प्रत्याशी बनाया है।  
राजवीर सिंह वाल्मीकि दिलेर, विधायक इगलास,  प्रत्याशी हाथरस     

समाजवादी पार्टी ने आजम खां को रामपुर लोकसभा सीट से उतारा है। आजम पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। कई बार से रामपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं। आजम खां का बेटा अब्दुल्ला आजम भी रामपुर की स्वार सीट से विधायक है। 
आजम खां, विधायक रामपुर
प्रत्याशी रामपुर    

भाजपा ने बाराबंकी से अपनी सिंटिंग सांसद प्रियंका रावत का टिकट काट दिया और जैदपुर से विधायक उपेंद्र रावत को प्रत्याशी बनाया है। खास बात यह कि उपेंद्र रावत पहली बार विधायक बने थे और इस बार उन्हें लोकसभा चुनाव में लड़ने का मौका मिल गया। 
उपेंद्र रावत, विधायक जैदपुर
 प्रत्याशी बाराबंकी   

भाजपा ने बल्हा सीट से विधायक अक्षयवरलाल गौड़ को बहराइच से प्रत्याशी बनाया है। भाजपा की यहां से सिंटिंग सांसद सावित्री बाई फुले पार्टी में रहते हुए  काफी समय से बागी तेवर दिखाए और वह बाद में कांग्रेस में शामिल होकर यहीं से प्रत्याशी हैं। 
अक्षयवर लाल गौड़ ,विधायक बलहा
प्रत्याशी बहराइच    

ये कैबिनेट मंत्री भी चुनाव मैदान में 


प्रो. एसपी सिंह बघेल  
विधायक टूंडला, प्रत्याशी आगरा सु. मंत्री, पशुधन लघु सिंचाई एवं  मत्स्य 
टूंडला से पहली बार विधायक प्रो. एसपी सिंह बघेल  प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। भाजपा ने उन्हें आगरा सु. सीट से मैदान में उतार दिया है। वैसे उनके लिए लोकसभा की जंग कोई नई नहीं है। वह पहले भी सांसद रहे हैं।  

रीता बहुगुणा जोशी
विधायक लखनऊ कैंट, प्रत्याशी इलाहाबाद मंत्री महिला कल्याण, परिवार कल्याण व पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी इलाहाबाद की मेयर रह चुकी हैं। वह लखनऊ कैंट से 2012 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीतीं तो पिछला चुनाव भाजपा के टिकट पर। जीत के बाद वह भाजपा सरकार में मंत्री बनाई गईं। वर्तमान में वह  महिला कल्याण, परिवार कल्याण व पर्यटन मंत्री हैं। 

सत्यदेव पचौरी
विधायक कानपुर प्रत्याशी कानपुर मंत्री , खादी ग्रामाद्योग, सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योग रेशम 
सत्यदेव पचौरी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। भाजपा पहले भी उनको कानपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा चुकी है, उन्होंने वहां कांग्रेस के श्री प्रकाश जयसवाल को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन कामयाब नहीं हो पाये थे। पचौरी कानपुर की सियासत में लंबे समय से सक्रिय हैं।  

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019: This legislator will be a parliamentarian if the by-election