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लोकसभा चुनाव 2019 : खगड़िया में 20 उम्मीदवार मैदान में पर लड़ाई दो ध्रुवीय

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खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के दंगल की तस्वीर साफ हो चुकी है। यूं तो यहां 20 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं लेकिन मुख्य मुकाबला निवर्तमान सांसद सह एनडीए के लोजपा प्रत्याशी चौधरी महबूब अली कैसर और महागठबंधन के वीआईपी उम्मीदवार मुकेश सहनी के बीच है। यहां सबकी नजर ‘माय’ समीकरण पर है। यादव और मुस्लिम वोटों की गोलबंदी व  बिखराव अर्थात टूट इस बार का चुनाव परिणाम तय करेगा। यदि माय समीकरण की गोलबंदी हुई तो महागठबंधन को बढ़त और यदि बिखराव हुआ तो एनडीए के हाथ बाजी। 

खगड़िया लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक यादव मतदाता हैं। यहां इनकी संख्या 3.5 लाख है। जबकि मुसलमान वोटर भी डेढ़ लाख हैं। अन्य जातियों में निषाद डेढ़ लाख, कुर्मी व कुशवाहा ढाई लाख, सवर्ण डेढ़ लाख, एससी/एसटी डेढ़ लाख, पासवान डेढ़ लाख व अन्य जाति करीब तीन लाख हैं। इस बार यहां के चुनाव की खास बात यह है कि यादव बहुल इस लोकसभा क्षेत्र में पहली बार प्रमुख प्रत्याशी के रूप में कोई यादव प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं है। इस कारण एनडीए और महागठबंधन दोनों यादव मतदाताओं को रिझाने में लगे हैं। 

खगड़िया में जातीय समीकरण को देखें तो यहां करीब पांच लाख यादव और मुस्लिम मतदाता हैं। इनकी गोलबंदी जिनके पक्ष में होगी, उनकी जीत लगभग तय है। इन दोनों मतदाताओं को महागठबंधन अपना आधार वोट मानता है। लेकिन एनडीए राज्य सरकार के कार्यों का हवाला देकर उस वोट बैंक में सेंध लगाने की भरपूर कोशिश में है। हालांकि यादव मतदाताओं ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। फिलहाल एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए खगड़िया प्रतिष्ठा की सीट बन चुकी है। 

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  • Web Title:lok sabha elections 2019 third phase 20 candidates in khagaria polls fray but battle is between two