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मैदान के महारथी: सहज, सरल और साफ-सुथरी छवि से पहचान मिली

dinesh sharma

उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा जाना पहचाना नाम हैं। उनकी सहज, सरल और साफ-सुथरी छवि की चर्चा उनके विरोधी भी करते हैं। वह लोकसभा चुनाव भले ही नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए वह प्रदेश भर में जनसभाएं कर रहे हैं। वह अब तक 35 से ज्यादा जन सभाएं कर चुके हैं।

दिनेश शर्मा के पिता जनसंघ में सक्रिय थे। मगर उन्होंने कभी कोई पद नहीं लिया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श मानने वाले दिनेश शर्मा को जब भी मौका मिला, उन्होंने अपनी काबिलियत की छाप छोड़ी। लखनऊ में मेयर की जिम्मेदारी मिलने के बाद एक बार जो उन्होंने रफ्तार पकड़ी, उसके बाद फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज यूपी में वह सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। इसीलिए उनकी मांग भी है। वह गुजरात के प्रभारी भी रहे। लिहाजा उन्हें प्रधानमंत्री और अमित शाह का करीबी माना जाता है। 17 मार्च से अभी तक वह ओडिशा में तीन, गुजरात, बंगाल और राजस्थान में 2-2 जनसभाएं कर चुके हैं। इसके अलावा 26 जनसभाएं व बैठक उत्तर प्रदेश में की है।

सियासी सफर :
दिनेश शर्मा अपने पिता के साथ वह संघ की शाखाओं में जाते थे। पहली बार 1979 में वह ऐशबाग वार्ड कमेटी के अध्यक्ष बने। 1992 में वह भाजपा युवा मोर्चे के अध्यक्ष बने। वर्ष 1998 में पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष बने। युवा मोर्चे में रहते हुए उन्हें नरेंद्र मोदी के साथ काम करने का मौका मिला। वर्ष 2006 में पहली बार लखनऊ के मेयर बने। 

 

ऐसे डिप्टी सीएम की कुर्सी तक पहुंचे
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की पहचान मेयर बनने के बाद हुई। प्रत्येक वर्ग, धर्म व समाज में उन्होंने अच्छी पकड़ बनाई। वह शहर के लोगों के सुख-दुख में शामिल होते रहे। समय के साथ उनकी लोकप्रियता पार्टी में भी बढ़ती गई तो पार्टी ने उन्हें और काम करने का अवसर दिया। वर्ष 2014 में पार्टी ने उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। भाजपा सदस्यता अभियान का राष्ट्रीय प्रमुख बनाया गया। उन्होंने 11.27 करोड़ लोगों को सदस्यता दिलाई। गुजरात के प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदेश का प्रभारी बनने से उनके सामने बड़ा इम्तिहान था। इसमें भी पास हुए। 2017 के चुनाव में जब प्रदेश में भाजपा बहुमत से सत्ता में आई तो उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया गया। 

 

निजी जीवन
-12 जनवरी 1964 को लखनऊ में जन्म। पिता लखनऊ में संघ के सक्रिस सदस्य थे। पढ़ा- लिखाई लखनऊ में हुई।  
-- लखनऊ विश्वविद्यालय से एम कॉम के बाद पीएचडी की। कॉमर्स विभाग में प्रोफेसर बने। 
--वर्ष 2010 में मेयर रहते हुए शादी की। पत्नी जयलक्ष्मी आईआईएम अहमदाबाद में प्रोफेसर थी। वर्तमान में लखनऊ विश्वविद्यालय में हैं।


सियासी सफर
1990 में युवा मोर्चे के उपाध्यक्ष 
1992 में युवा मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष 
1998 में पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष 
2002 में यूथ कमीशन के सदस्य 
2006 में पहली बार लखनऊ के मेयर
2012 में दूसरी बार लखनऊ के मेयर 
2014 में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
19 मार्च 2017 को यूपी के उपमुख्यमंत्री 

सोशल प्रोफाइल-
करीब एक वर्ष पहले ट्विटर से जुड़े
--11 लाख 45 हजार फॉलोअर हैं 
--अब तक सैकडों ट्वीट कर चुके हैं

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019 read the political profile BJP leader dinesh sharma the education minister of uttar pradesh