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मैदान के महारथी केशव प्रसाद, ओबीसी मतदाताओं को साधने की जिम्मेदारी

keshav prasad maurya

केशव प्रसाद मौर्य के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए ही भारतीय जनता पार्टी ने 15 साल बाद उत्तर प्रदेश की सत्ता में लौटी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद वह यूपी में पार्टी के दूसरे नंबर के *नेता हैं। ऐसे में वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में ओबीसी मतों को साधने *की अहम जिम्मेदारी उनके ही कंधों पर है। 

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मौर्य फूलपुर से सांसद थे। हालांकि उनके इस्तीफे के बाद 2018 में हुए उपचुनाव में भाजपा यह सीट हार गई। फिलहाल वह चुनाव मैदान में नहीं हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के एक नए और बड़े ओबीसी चेहरे के रूप में वह न सिर्फ अपनी पहचान बना चुके हैं, बल्कि ओबीसी वोटबैंक को रिझाने की क्षमता भी रखते हैं। प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए पार्टी में उनकी तुलना दिग्गज ओबीसी नेता रहे कल्याण सिंह और ओमप्रकाश सिंह से की जाने लगी थी।

केशव प्रसाद मौर्य जब विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार पर निकलते थे तो कहते थे कि भारतीय जनता पार्टी 265+ सीट जीतकर सत्ता में आएगी। तब किसी को उनकी बातों पर भरोसा नहीं होता था। 


सियासी नब्ज पर मजबूत पकड़-
चुनावी दौरे जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए, उनकी भाषा भी तब्दील होती गई। उन्होंने भाजपा के खाते में 300+ सीटें आने का दावा कर दिया। नतीजा सबके सामने था और पार्टी को चुनाव में सहयोगियों समेत 325 सीटों पर जीत मिली। केशव प्रसाद मौर्य लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े रहे। 

संघर्ष के दिनों में चाय और अखबार बेचा-
7 मई 1969 को यूपी के कौशांबी में एक किसान परिवार में जन्म
बचपन में खेती के साथ चाय की दुकान चलाई, अखबार भी बेचे
प्रयागराज में हिंदी साहित्य संस्थान से स्नातक, खुद का व्यवसाय भी

सोशल मीडिया प्रोफाइल

  • जुलाई 2013 से ट्विटर पर सक्रिय हैं मौर्य
  • 17.51 लाख से अधिक फॉलोअर हैं उनके
  • 11,700 से ज्यादा ट्वीट कर चुके हैं अभी तक

फूलपुर में पहली बार खिलाया था कमल-

  • 2002 और 2007 में दो विधानसभा चुनाव हारने के बाद 2012 में सिराथू सीट पर जीत दर्ज करने वाले पहले भाजपा विधायक बने
  • पार्टी नेतृत्व का भरोसा जीता, 2014 में फूलपुर से भाजपा उम्मीदवार बनाए गए, पहली बार पार्टी को यह सीट दिलाने में भी सफल हुए
  • मौर्य 18 साल तक गंगापार और यमुनापार में विश्व हिंदू परिषद के प्रचारक रहे, वह लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े रहे
  • भाजपा में काशी क्षेत्र के संयोजक और किसान मोर्चा में प्रदेश महामंत्री रहे, राम जन्मभूमि और गोरक्षा आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया 
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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019: read political profile of the BJP Leader Keshav Prasad Maurya