DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:
asianpaints

मैदान के महारथी: जानें मुलायम की बहू डिंपल यादव ने राजनीति में कैसे बनाई पहचान

dimple yadav

मुलायम सिंह यादव की बड़ी बहू डिंपल का सियासी सफर बहुत लंबा नहीं है। इसमें उतार-चढ़ाव भी काफी रहे हैं। अपना पहला चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास बनाए रखा और सादगी, शालीनता के चलते जल्द जनता के दिलों में उतरती गईं।

डॉ. राम मनोहर लोहिया को अपना आदर्श मानने वाली डिंपल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी हैं। वह संसद में महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए जानी जाती हैं। अखिलेश जब यूपी के मुख्यमंत्री पद पर थे, तब उन्होंने महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई क्रांतिकारी अभियान चलाने में अहम भूमिका निभाई। पार्टी से राज्यसभा सांसद जया बच्चन उनकी खासी करीबी हैं। जया उनके क्षेत्र में प्रचार करने जरूर जाती हैं। 

ऐसे हुई सियासी सफर की शुरुआत : अखिलेश ने 2009 का लोकसभा चुनाव फिरोजाबाद और कन्नौज से लड़ा था। वह दोनों ही सीटों से चुनाव जीतने में सफल भी हुए थे। बाद में उन्होंने फिरोजाबाद सीट छोड़ दी। तब सपा ने फिरोजाबाद में हुए लोकसभा उपचुनाव में पहली बार डिंपल को मैदान में उतारा। पार्टी को उम्मीद थी कि यादव परिवार के नाम के चलते डिंपल आसानी से चुनावी समर पार कर लेंगी। हालांकि वह कांग्रेस के राज बब्बर के हाथों सीट गंवा बैठीं।

कन्नौज लोकसभा से मिली एंट्री-
यूपी का मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद जब अखिलेश ने कन्नौज सीट छोड़ी तो वहां 2012 में लोकसभा उपचुनाव हुआ। इस दौरान सपा ने फिर डिंपल यादव पर दांव खेला। हालांकि खास बात यह रही कि बसपा, कांग्रेस, भाजपा ने उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी ही नहीं उतारा। वहीं, दो अन्य उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इस तरह डिंपल निर्विरोध सांसद चुन ली गईं। 2014 में यूपी में मोदी लहर के बावजूद वह कन्नौज सीट बचाने में कामयाब रहीं।

dimple yadav


निजी जीवन
'15 जनवरी 1978 को पुणे में जन्म, पिता फौज में थे इसलिए महाराष्ट्र, पंजाब, यूपी जैसे राज्यों में शुरुआती पढ़ाई हुई 
'लखनऊ यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में स्नातक किया, 1999 में 21 साल की उम्र में अखिलेश यादव के साथ शादी की

सियासी सफर
2009 में पहली बार सियासी समर में कूदीं, उत्तर प्रदेश की फिरोजाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन राज बब्बर से हारीं
2012 में कन्नौज से किस्मत आजमाईं, निर्विरोध सांसद चुनी गईं, यूपी में यह उपलब्धि पाले वाली पहली महिला सांसद बनीं
2014 के आम चुनाव में कन्नौज सीट बरकरार रखने में सफल रहीं, 2019 में यहां से सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की प्रत्याशी

सोशल प्रोफाइल
220 ट्वीट कर चुकी हैं अभी तक
2.32 लाख के करीब फॉलोअर हैं मौजूद
फरवरी 2017 में ट्विटर से जुड़ीं 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:lok sabha elections 2019: read how dimple yadav the daughter in law of mulayam singh yadav became a successful politician