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लोकसभा चुनाव 2019 : बड़े राज्यों में प्रदर्शन पर निर्भर करेगा भाजपा का भाग्य

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चुनावी समीक्षा 
चुनावों में कौन जीतेगा, कौन नहीं, इसकी भविष्यवाणी करना तो मुश्किल है, लेकिन यह स्पष्ट है कि भाजपा के भाग्य का फैसला कुछ बड़े राज्यों में उसके प्रदर्शन के आधार पर तय होगा। इन राज्यों में भाजपा को कांग्रेस या क्षेत्रीय दलों से चुनौती मिल रही है।

हिंदी पट्टी के राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुल 143 सीटें हैं, जिनमें से भाजपा के पास 118 सीटें हैं। मगर मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को दिसंबर के प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद है। यही नहीं, भाजपा को पश्चिम बंगाल (42) व महाराष्ट्र (48) जैसे बड़े राज्यों में ज्यादा सीटें हासिल करनी होंगी। कर्नाटक की 28 सीटें भाजपा और कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के बीच बंट सकती है। 

छह प्रमुख राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और कर्नाटक) में 1998 से हुए 23 चुनावों की समीक्षा की गई, जब विधान सभा चुनावों के एक साल के भीतर लोकसभा चुनाव हुए थे। 80 फीसदी मामलों में विस चुनाव में जीतने वाली पार्टी को लोस चुनाव में फायदा हुआ। 

भाजपा रहती आगे 
15 बार भाजपा राज्य में जीतने के बाद लोकसभा चुनाव भी जीती 
03 बार कांग्रेस राज्य का चुनाव जीतने के बाद लोकसभा चुनाव हारी 
06 राज्यों में एक बार भी ऐसा नहीं हुआ, जब भाजपा राज्य का चुनाव जीतने के बाद केंद्र का चुनाव हारी हो।
1998 में कांग्रेस मध्य प्रदेश और राजस्थान में लोकसभा चुनाव हारी 
2013 में कर्नाटक में सरकार बनाने के बाद कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में विफलता मिली 

पार्टी में आंतरिक फूट नहीं होने का मिलता लाभ 
वर्ष 2016 के एक रिसर्च पेपर में गेरेथ नेलिस ने पाया था कि अगर पार्टी के भीतर आतंरिक फूट नहीं है तो वो ज्यादा सफल होती है। संगठन के तौर पर ज्यादा मजबूत रहता है, उसे ज्यादा फायदा होता है। भाजपा की सफलता के पीछे भी यही कारण है। जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह गुटों में बंटा दिख रही है। राजस्थान में भी सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थकों में खींचतान दिखती है। 

राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांटे की टक्कर 
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस का वोट शेयर लगभग बराबर ही रहा है, जिससे यहां कांटे की टक्कर की उम्मीद है। दोनों ही राजनीतिक दलों ने पिछले विधानसभा चुनावों में करीबी अंतर से जीत दर्ज की थी। 

पिछले चार विस चुनावों में वोट शेयर का अंतर कम रहा

राज्य    भाजपा (%)    कांग्रेस (%)
कर्नाटक       36.2       38
राजस्थान    38.8        39.3
गुजरात       49.5        41.4
मध्य प्रदेश   41.1        41
छत्तीसगढ़     33           43
(स्रोत : त्रिवेदी सेंटर फॉर पॉलिटिकल डाटा, अशोका यूनिवर्सिटी)
 

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  • Web Title:lok sabha elections 2019 read election review here bjp performance in big states will decide its fate