Lok Sabha Elections 2019 Problem for Congress in Haryana senior leaders reluctant to fight Lok Sabha polls - हरियाणा में कांग्रेस के लिए संकट, सीनियर पार्टी नेता चुनाव लड़ने पर अड़े DA Image
22 नवंबर, 2019|6:24|IST

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हरियाणा में कांग्रेस के लिए संकट, सीनियर पार्टी नेता चुनाव लड़ने पर अड़े

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हरियाणा (Haryana) में कांग्रेस (Congress) आगामी लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections) को लेकर जहां एक तरफ उम्मीदवारों के चयन की चुनौतियों से जूझ रही है, तो वहीं दूसरी तरफ राज्य के कई बड़े नेता चुनाव लड़ने पर अड़े हुए हैं। पूरे मामले से वाकिफ पार्टी सूत्रों ने बताया कि इसका संबंध हाल में जींद विधानसभा उप-चुनाव में पार्टी की करारी शिकस्त से जुड़ा हो सकता है।

राज्य में काफी लंबे समय से पार्टी आंतरिक कलह से जूझ रही है और केन्द्रीय नेतृत्व की तरफ से राज्य में एकजुटता लाने के प्रयास अब तक विफल रहे हैं। हाल में गठित राज्य समन्वय समिति की मंगलवार को दिल्ली में हुई पहली बैठक में भी यह बात सामने आई कि सीनियर कांग्रेस के नेता लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर अड़े हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में गठित 16 सदस्यीय पैनल के विवादों में आने के बाद इसे घोषणा को कुछ ही मिनट बाद वापस ले लिया गया। कांग्रेस के महासचिव और हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने बाद में सफाई पेश करते हुए कहा कि इसे इसलिए वापस लिया गया है क्योंकि पार्टी अलग पैनल चाहती है। मंगलवार की बैठक में यह कलहबाजी सामने आ गई।

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कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य कुलदीप बिश्नोई इस बात से नाराज थे कि उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गई। उन्होंने पार्टी की बैठक से खुद को किनारा कर लिया। सीनियर नेता नवीन जिंदल, कुलदीप शर्मा, कुमारी शैलजा लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं हैं।

हरियाणा की 10 लोकसभा सीट कुरुक्षेत्र, सिरसा, हिसाल, करनाल, सोनीपत, रोहतक, भिवानी-महेन्द्रगढ़, अंबाला, गुड़गांव और फरीदाबाद में 12 मई को मतदान होना है जबकि वोटों की गिनती 23 मई को होगी।

पार्टी सूत्र ने बताया कि एक तरफ जहां हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर सिरसा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे तो वहीं भूपेन्द्र सिंह हुड्डा इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों पर अपना ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं। लेकिन, वह सहमत हो सकते हैं अगर पार्टी आलाकमान की तरफ से उन्हें इसके निर्देश दिए जाएं।

बिश्नोई, जिन्होंने अहमदाबाद में 12 मार्च हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से खुद को अलग रखा था, वह हिसार से अपने बेटे भव्य के लिए लोकसभआ चुनाव का टिकट चाह रहे हैं। ऐसी भी खबरें है कि बीजेपी और कुछ अन्य दल ने भी उनसे संपर्क किया है।

जींद में हुए विधानसभा उप-चुनाव में, ऑल इंडिया कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के कम्युनिकेशन हेड और कैथल के मौजूदा विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला तीसरे नंबर पर रहे। जबकि, बीजेपी के कृष्ण लाल मिड्ढा यह सीट जीती। जबकि, जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के दिग्विजय सिंह चौटाला दूसरे नंबर पर रहे।

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