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लोकसभा चुनाव 2019: उम्मीदवारों के चयन में एनडीए ने जातीय समीकरण का रखा ध्यान

Bihar chief minister Nitish Kumar, his deputy Sushil Modi and Union minister Ram Vilas Paswan at the

भागलपुर समेत पूर्व बिहार व कोसी-सीमांचल की 11 में से 10 सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। उम्मीदवारों के चयन में जातीय समीकरण का ध्यान रखा गया है। 10 में सात पर पिछड़े व अतिपिछड़े वर्ग के उम्मीदवार हैं, जबकि एक-एक दलित, सवर्ण और अल्पसंख्यकों को टिकट मिला है।
 
वोटरों पर पासा फेंका
जमुई की सुरक्षित सीट पर रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान दूसरी बार उम्मीदवार बनाए गए हैं। भागलपुर में अजय मंडल को उम्मीदवार बनाकर जदयू ने गंगोता वोटरों पर पासा फेंका है। यहां से राजद के बुलो मंडल इसी जाति से आते हैं। नाथनगर, गोपालपुर, बिहपुर और कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में गंगोता वोटरों की संख्या अच्छी है। कहलगांव को छोड़ तीनों विधानसभा क्षेत्रों में इसी जाति के विधायक हैं। अजय मंडल ने 2005 के विधानसभा चुनाव में कहलगांव से कांग्रेस विधायक सदानंद सिंह को पटखनी दी थी।

इसके बाद अजय का क्षेत्र बदला, लेकिन नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से भी वह जीत गए। यहां से वह दूसरी बार विधायक हैं। लगातार तीन बार से विधायक रहने के चलते भी उनका दावा मजबूत हुआ। यही कारण है कि उन्हें भागलपुर से उम्मीदवार बनने में कामयाबी मिली है। यहां से उम्मीदवारी पर राज्यसभा सदस्य कहकशां परवीन और पिछली बार चुनाव लड़े अबु कैसर के नाम पर भी चर्चा हुई थी। 

जाति के वोटरों को साधने की कोशिश
जदयू ने मधेपुरा से दिनेशचंद्र और बांका से गिरधारी यादव को उम्मीदवार बनाकर राजद के परंपरागत यादव वोटरों को साधने की कोशिश की है। यह कहावत काफी चलन में है कि रोम पोप का और मधेपुरा गोप (यादव) का। वहां के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और पूर्व सांसद शरद यादव के खिलाफ दिनेशचंद्र यादव को आजमाया जा रहा है। बांका सीट पर राजद सांसद जयप्रकाश यादव के जवाब में बेलहर से जदयू विधायक गिरधारी यादव को उतारा गया है। गिरधारी पूर्व में दो बार राजद से बांका के सांसद रह चुके हैं।

किशनगंज के अल्पसंख्यकों में सेंधमारी
 अल्पसंख्यक बहुल किशनगंज से जदयू अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष महमूद अशरफ को उम्मीदवार बनाकर अल्पसंख्यक समीकरण को साधने की कोशिश की गई है।

वीणा की जगह ललन सिंह
मुंगेर सीट पर जलसंसाधन मंत्री ललन सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके पहले यहां से पूर्व सांसद सूरजभान की पत्नी वीणा देवी लोजपा से सांसद थीं। उनकी सीट बदली तो जातीय समीकरण को ध्यान में रखकर ललन सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है।
 

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019: NDA bets on caste equation to win elections and to defeat mahagathbandhan