Lok Sabha Elections 2019 Moon Moon Sen did not know of violence in her constituency says I woke up late - लोकसभा चुनाव 2019: मूनमून सेन को नहीं पता, उनके संसदीय क्षेत्र में क्यों हुई हिंसा DA Image
7 दिसंबर, 2019|10:23|IST

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लोकसभा चुनाव 2019: मूनमून सेन को नहीं पता, उनके संसदीय क्षेत्र में क्यों हुई हिंसा

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तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) की प्रत्याशी के तौर पर आसनसोल लोकसभा सीट (Asansol Lok Sabha Seat) से बीजेपी उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरी फिल्म से राजनीति में आईं मूनमून सेन (Moon Moon Sen) को नहीं पता कि उनके संसदीय क्षेत्र में हिंसा हुई है। क्योंकि, जिस दिन वोट होने जा रहा है और उनकी किस्मत का फैसला होना है, वह सोकर लेट उठीं।

एक न्यूज चैनल से बात करते हुए मूनमून सेन ने कहा- “मुझे काफी देर बाद चाय दी गई, इसलिए मैं देर से उठी। इसमें मैं क्या कह सकती हूं? वाकई मैं कुछ नहीं जानती हूं।“

सोमवार को 9 राज्यों की 72 सीटों के लिए हो रही वोटिंग के बीच पश्चिम बंगाल की आसनसोल संसदीय सीट पर सोमवार को अचानक हिंसा की खबर आई और वहां के मौजूदा सांसद बाबुल सुप्रियो की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।

बाबुल सुप्रियो ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर घटिया चाल खेलने का आरोप लगाया। उधर, जब बाबुल सुप्रियो का आरोपों के बारे में मूनमून सेन से टेलीविजन चैनल ने पूछा तो उन्होंने कहा- “आप उनका नाम मत लीजिए, नहीं तो मैं बात नहीं कर पाऊंगी।”

बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडिल ने बंगाल में हुई हिंसा को लेकर सोमवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की। साल 2014 में बाबुल सुप्रियो ने तृणमूल कांग्रेस के डोला सेन को 70,480 वोट से हराया था। मूनमून सेन ने साल 2014 में बांकुरा लोकसभा सीट जीती थी।

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