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लोकसभा चुनाव 2019 : मथुरा सीट ने दिया था अटल को सबसे तगड़ा झटका

भारतीय राजनीति में चुनिंदा बड़े नामों में से एक एवं देश के कद्दावर नेता रहे अटल बिहारी वाजपेयी के लिए एक चुनाव ऐसा भी था, जिसमें उनकी जमानत तक जब्त हो गई थी। बात 1957 के आम चुनाव की है। श्री वाजपेयी यूपी के तीन संसदीय क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे थे। उस समय निर्वाचन से जुड़े नियमों में आज की तरह अधिकतम दो निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की सुविधा जैसा कोई प्रावधान नहीं किया गया था। 

ऐसे में अटल बिहारी वाजपेयी प्रदेश में तीन संसदीय क्षेत्र मसलन मथुरा, बलरामपुर एवं लखनऊ संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनसंघ के टिकट पर चुनाव में खड़े हुए थे। तीनों सीटों में से अटल केवल बलरामपुर सीट से ही जीत पाए थे जबकि मथुरा एवं लखनऊ संसदीय सीट पर उन्हें भारी पराजय का सामना करना पड़ा था। मथुरा सीट पर तो अटल अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए थे। दस्तावेजों के अनुसार उस समय अटल की आयु करीब 32 वर्ष थी और वे अपनी पार्टी के  सबसे तेज तर्रार युवा नेता थे। उस चुनाव में जनसंघ ने दो सीटें जीती थी उसमें एक अटल की सीट थी। कहा तो यहां तक जाता है कि उस चुनाव में अटल को सबसे अधिक मथुरा सीट पर ही जीत की उम्मीद थी लेकिन उसी सीट ने उन्हें सबसे बड़ा झटका दिया। उनकी जमानत तक जब्त हो गई।

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 इस बात का जिक्र अटल ने अपने कई राजनीतिक सभाओं में भी की थी। राष्ट्रधर्म नामक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की मासिक पत्रिका जिसमें अटल कॉलम लिखा करते थे, में उन्होंने लिखा था कि अपने बिहारी (भगवान श्रीकृष्ण) की नगरी में इस अटल बिहारी को जीत की सबसे अधिक उम्मीदें थी। जनसभाओं में जनता का जोश देखकर भरोसा भी हो चला था लेकिन परिणाम झकझोरने वाला था। कांग्रेस भी नहीं जीत पाई  और एक राजा साहब ने अपने आभामण्डल से सभी को परास्त  कर दिया। अटल ने यह भी लिखा, उस क्षेत्र में उनकी पकड़ अच्छी थी लोगों का उन पर भरोसा भी बहुत था लिहाजा मतदाताओं ने मुझसे ज्यादा उन्हें तरजीह दी और उन पर अधिक भरोसा किया। इस झटके में बलरामपुर से अच्छी खबर आई, भारतीय जनसंघ को विजयी श्री हासिल हुई।

 बताया गया कि लखनऊ में अगर थोड़ी और मेहनत होती तो वहां भी जीत हो सकती थी लेकिन मोटरसाइकिल एवं एक जीप से उबड़-खाबड़ रास्तों पर तीनों क्षेत्रों में एक जैसा जनसम्पर्क  सम्भव न था। वैसे भी संसद में तो किसी एक ही क्षेत्र से प्रतिनिधित्व किया जा सकता था और उत्तर  प्रदेश की जनता ने बलरामपुर से यह अवसर प्रदान कर दी थी।   

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019: Mathura seat given to Atal the strongest blow