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Lok Sabha Election 2019: उद्धव ने अपने पिता बाल ठाकरे से सीखा सियासत का ककहरा, जानें पूरा परिचय

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शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सियासत का ककहरा अपने फायरब्रांड पिता बाला साहेब ठाकरे से सीखा। राजनीति के मैदान में उतरने से पहले वह कला और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी में सक्रिय रहे लेकिन वर्ष 2004 में पिता ने उन्हें पार्टी की कमान सौंप दी।

कॉलेज के दिनों से ही उद्धव शिवसेना के मुखपत्र सामना में संपादकीय विभाग की अहम जिम्मेदारियां निभाने लगे थे। हालांकि शुरुआती दिनों में शिवसेना के कामकाज में उनका खास दखल नहीं रहा। उनके चचेरे भाई राज ठाकरे ही बाला साहेब का दाहिना हाथ बनकर पार्टी में सक्रिय रहे। पर वर्ष 2000 के बाद अचानक परिवार और पार्टी के भीतर हालात बदलने लगे।

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विवादों से पुराना नाता
उद्धव ठाकरे ने कभी प्रधानमंत्री पर परोक्ष हमला किया तो कभी भाजपा को चेतावनी देते हुए उसे अपनी सीमा में रहने को कहा। उन्होंने राफेल सौदे को लेकर खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पार्टी का चाणक्य बताए जाने पर भी सवाल उठाए थे। एक बार शिवाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान योगी आदित्यनाथ के खड़ाऊ पहनने पर भी विवादित बयान दिया था।

संपत्ति को लेकर विवाद
बाला साहेब की संपत्ति को लेकर कई सालों तक परिवार में विवाद चला। हालांकि यह विवाद तब खत्म हो गया जब उद्धव के बड़े भाई जयदेव ने बॉम्बे हाईकोर्ट कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली। जयदेव ने बाला साहेब द्वारा बनाई गई उस वसीयत को चुनौती दी थी जो उन्होंने अपनी मौत से पहले बनाई थी। इसके मुताबिक जयदेव को कुछ भी नहीं दिया गया है। जयदेव ने वसीयत को गलत बताते हुए कहा कि उनके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और भाई उद्धव ठाकरे का उन पर प्रभाव था।

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भाजपा से गठबंधन
पिछले 5 साल के दौरान उद्धव समय-सयम पर मोदी सरकार पर सवाल उठाते रहे। हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले शिवसेना अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा से गठबंधन के लिए राजी हो गई। महाराष्ट्र की 48 सीटों में से शिवसेना 23 और भाजपा 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 2014 के आम चुनाव में शिवसेना ने 20 में से 18 जबकि भाजपा ने 24 में से 23 सीट जीती थीं। अब उद्धव के सामने महाराष्ट्र में अपनी पार्टी की जीत का रिकॉर्ड कायम रखने की चुनौती है।

निजी जीवन

  • 27 जुलाई 1960 को मुंबई में जन्म हुआ।
  • मुंबई के सर जेजे स्कूल ऑफ आर्ट से स्नातक की डिग्री हासिल की।
  • उद्धव को वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी से खास लगाव है।
  • फोटोग्राफी पर उनकी दो किताबें भी प्रकाशित हो चुकी हैं।

राजनीतिक सफर

  • 2002 में पहली बार मुंबई के निगम चुनाव के दौरान सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
  • 2003 में उनके पार्टी के प्रति काम को देखते हुए शिव सेना के कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए।
  • 2004 में बाला साहेब ने उन्हें शिव सेना का अध्यक्ष घोषित कर दिया।
  • 2006 से पार्टी का मुखपत्र सामना मुख्य संपादक के रूप में संभाल रहे हैं।
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  • Web Title:lok sabha elections 2019 know about shiv sena chief uddhav thackeray political and personal life