Lok Sabha Elections 2019: Havalala Businessman On Eye Of Election Commission -  लोकसभा चुनाव 2019 : हवाला कारोबारी चुनाव आयोग के निशाने पर DA Image

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 लोकसभा चुनाव 2019 : हवाला कारोबारी चुनाव आयोग के निशाने पर

इस लोकसभा चुनाव में हवाला कारोबारी आयोग की ‘रडार’ पर हैं। पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों को चुनाव आयोग की तरफ से संदेश दिया गया है कि चुनाव के दौरान हवाला के जरिए मोटी धनराशि इधर से उधर करने वालों की धड़पकड़ की जाए। 

शुक्रवार की शाम और फिर शनिवार को राजधानी लखनऊ में एक-एक कर दो चुनाव पर्यवेक्षक आ रहे हैं। खास बात यह है कि दोनों पर्यवेक्षक आयकर विभाग से हैं। आने के साथ ही दोनों पर्यवेक्षक पैसा, शराब या सोना-चांदी इधर से उधर पहुंचा कर मतदाताओं को प्रभावित करने वालों पर अंकुश लगाएंगे। डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि अभी तक उड़ाका दस्ते वाहनों और संदिग्ध लोगों की जांच कर रहे थे। अब स्टैटिक सर्विलांस टीमें सक्रिय हो जाएंगी। इस तरह राजधानी में 27 उड़ाका दस्ते और इतनी ही स्टैटिक सर्विलांस टीमें सक्रिय हो चुकी हैं। अलग-अलग इलाकों में बैरियर लगाकर वाहनों की तलाशी ली जाएगी। यदि बिना दस्तावेज 50 हजार से ऊपर की धनराशि जा रही होगी तो उसे जब्त किया जाएगा।

सर्विलांस टीमों की कार्रवाई से होगी शुरुआत :चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धनबल का प्रयोग न हो, इसे आयोग रोकना चाहता है। एयरपोर्ट, रेलवे और बस स्टेशनों, प्रमुख मार्गों पर स्टैटिक सर्विलांस और उड़ाका दस्तों ने जांच शुरू कर दी है। इस दौरान उनकी कार्रवाई के बारे में एक-एक मिनट की जानकारी आयकर के पर्यवेक्षकों को दी जाती रहेगी।

क्या है हवाला कारोबार :पांच किलोमीटर की दूरी पर एक व्यक्ति से पैसा दूसरे तक पहुंचा। फोन कॉल हुई और सैकड़ों किलोमीटर दूर वही पैसा पहुंच गया। यह है हवाला कारोबार।

  सुराग मिलते ही पड़ेंगे छापे 
एक अधिकारी ने बताया कि वाहनों की जांच के दौरान यदि कहीं बड़ी धनराशि पकड़ी जाती है तो तुरंत आयकर अफसर सक्रिय हो जाते हैं। पूछताछ में जैसे ही सुराग मिलता है कि धनराशि कहां से आई है, सम्बंधित व्यक्तियों के यहां आयकर की छापेमारी शुरू हो जाती है। चुनाव के दौरान किसी भी सूरत में मतदाता को धन, शराब या किसी भी तरह के अन्य प्रलोभन से बचाना आयोग की जिम्मेदारी है।
 ट्रक तो कभी एम्बुलेंस बनी जरिया 

पुलिस और प्रशासन की ओर से पूर्व के चुनावों की कार्रवाई का भी अध्ययन कराया गया है। इससे यह पता लगा कि पिछले चुनावों में मोटी धनराशि इधर से उधर ले जाने के लिए क्या तरीके अपनाए गए। उदाहरण के लिए पिछले चुनाव में बैंकों की कैश वैन का इस्तेमाल किया गया था जो पकड़ी गई थीं। इसके अलावा ट्रकों और एम्बुलेंस में भी पैसा इधर से उधर करते पकड़ा जा चुका है। पुलिस और प्रशासन की टीमें ऐसे सभी माध्यमों पर नजर रखे हुए हैं। 

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