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लोकसभा चुनाव 2019: देश को पहला पीएम देने वाली मछलीशहर संसदीय सीट के लिए मतगणना शुरू 

जौनपुर जिले में जौनपुर अौर मछलीशहर दो लोकसभा सीटें हैं। नवीन मंडी समिति चौकियां में दोनों सीटों के लिए गिनती शुरू हो चुकी है। प्रत्येक विधानसभा में 14 के अलावा दो अन्य टेबल लगे हैं। पहला रुझान साढ़े 9 बजे से आने की सम्भावना है। मछलीशहर इलाका पहले फूलपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता था। यहीं के लोगों ने पहली बार देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को सांसद बनाया था। इस बार यहां लड़ाई मुख्य रूप से भाजपा के बीपी सरोज अौर बसपा के त्रिभुवन राम के बीच है। 

मतगणना के लिए 171 पर्यवेक्षक, 171 माइक्रोआब्जर्वर, 171 मतगणना सहायक, 171 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगाए गए हैं। एक विधानसभा क्षेत्र में 14 टेबल लगें हैं। एक टेबल पर चार कर्मचारी हैं। 

इसमें केराकत में सबसे अधिक 32 राउंड तो मड़ियाहूं में सबसे कम 25 राउंड मतगणना की जाएगी। जिले में कुल नौ विधानसभा है, इसमें मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र का एक विधानसभा पिंडरा वाराणसी में आता है। वहां से हर राउंड का इनपुट मिलने पर यहां जोड़ा जाएगा। जौनपुर लोकसभा क्षेत्र के विधानसभा बदलापुर में 26, शाहगंज में 27, जौनपुर में 30, मल्हनी में 27, मुंगराबादशाहपुर में 28 राउंड मतगणना होगी। मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र के विधानसभा मछलीशहर में 29, मड़ियाहूं में 25, जफराबाद में 28, केराकत में 32 राउंड मतगणना होगी। लोकसभा चुनाव के मतगणना के मद्देनजर इस बार बड़े पैमाने पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए है। ड्रोन कैमरे से मतगणना स्थल की निगरानी हो रही है। 

 

पूर्वांचल में राजनीतिक दृष्टि से मछलीशहर संसदीय सीट महत्वपूर्ण रही है। देश को पहला प्रधानमंत्री देने में भी इस क्षेत्र का योगदान रहा है। जवाहर लाल नेहरू जिस फूलपुर लोकसभा सीट से जीत कर प्रधानमंत्री बने उसकी एक विधानसभा सीट मछलीशहर भी थी। परिसीमन की दृष्टि से इस सीट ने अनेक बदलाव देखे। जौनपुर जिले में छह तहसील हैं। इनमें मछलीशहर तहसील भी है जो मुख्यालय से 30 किमी प्रयागराज मार्ग पर स्थित है। इसी के नाम पर मछलीशहर लोकसभा पड़ा। मछलीशहर लोकसभा का क्षेत्रफल जिले के पूर्वी छोर गाजीपुर से शुरू होकर प्रयागराज बार्डर पर मुंगराबादशाहपुर तक यानि 100 किमी लम्बाई में है। 

बौद्ध काल में यह नगर मच्छीकासंड के नाम से जाना जाता था। बाद में इसका नाम मछलीशहर हो गया। शायर सलाम मछलीशहर यहीं के निवासी थे। उनकी रचना ' हर साख पर उल्लू बैठे हैं अंजाम गुलिस्तां क्या होगा' आज भी लोंगों की जुबान पर है।  

आजादी के बाद 1962 में मछलीशहर लोकसभा अस्तित्व में आया था। शुरू से ही यह क्षेत्र पिछड़ा रहा। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री श्रीपति मिश्र, पूर्व केन्द्रीय गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द जैसे दिग्गज सांसद रहे चुके हैं। 

परिसीमन बाद 2009 में मछलीशहर सुरक्षित घोषित हुआ। इस सीट पर कई बार परिवर्तन हुआ। वर्ष 2014 के चुनाव में मछलीशहर सीट से भाजपा के रामचरित्र निषाद ने चुनाव दर्ज की लेकिन विकास के प्रति उनकी निष्क्रियता के चलते उन्हें 2019 के चुनाव में टिकट से वंचित कर दिया गया।

 

वर्ष 2014 के नतीजे 

रामचरित्र निषाद (भाजपा) विजेता     4,38,210 मत

बसपा के बीपी सरोज को               2,66,055 मच

सपा के तूफानी सरोज को             1,91,387 मत

वोट का प्रतिशत ---  52.44 फीसदी मत 

2014 में कुल मतदाता 15.47 लाख रहे

2019 में कुल मतदाता 1789564 हैं

 पुरूष मतदाता 953590 

महिला मतदाता  835890

 

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