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लोकसभा चुनाव 2019: यूपी के गाजीपुर में पुराने प्रतिद्वंदियों में मुकाबला, जानिये यहां के बारे में सबकुछ

पूर्वांचल की हाईप्रोफाइल सीट गाजीपुर के दो बड़े नेताओं का कद तय करेगी। इस बार यहां पुराने प्रतिद्वंदियों के बीच ही मुकाबला है। भाजपा के प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा विकास के बल पर चुनावी मैदान में हैं। मनोज सिन्हा तीन बार सांसद रहे और सातवीं बार मैदान में हैं। वहीं गठबंधन ने पूर्व सांसद अफजाल अंसारी दांव लगाया है।अफजाल पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहे हैं।  जिले में दोनों नेताओं का अपना राजनीतिक कद और यह चुनाव दोनों के लिए बड़े फैसले करेगा। 

गाजीपुर में 18 लाख से अधिक मतदाता कई राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के भविष्य तय करेंगे। ईवीएम का बटन दबाकर किसको दिल्ली पहुंचाना है इसका फैसला गाजीपुर 19 मई को होगा। हालांकि नामांकन प्रक्रिया सोमवार यानि 22 अप्रैल से शुरू होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने गाजीपुर लोकसभा सीट के लिए रविवार शाम अधिसूचना जारी कर दी। 

यहां का इतिहास

आजादी के बाद से पिछड़ेपन से उबरने के लिए गाजीपुर सांसद चुनता है। 1962 में संसद पहुंचे विश्वनाथ गहमरी गाय के गोबर से गेहूं छानकर सदन में ले गए। वहां दिखाया कि गाजीपुर की गरीबी और पिछड़ापन कैसा है तो पूरी संसद रोयी थी। पहली बार देश ने जाना कि गाजीपुर में कितनी बदहाली है। विश्वनाथ गहमरी के बाद अब तक 13 सांसद लोकसभा में गाजीपुर का प्रतिनिधित्व कर चुके है, लेकिन हालात कमोबेश अब तक उसी तरह हैं। कमजोर खेती और नौकरी के लिये पलायन अब भी गाजीपुर की पहचान है। अफीम फैक्ट्री को छोड़ दें तो उद्योग के नाम पर जिला बिल्कुल जीरो है। कभी यह क्षेत्र गन्ने की खेती पर निर्भर था, लेकिन नंदगंज की एकमात्र चीनी मिल बंद हो जाने के बाद किसानों को इस फसल का सहारा भी नहीं रहा। रोजगार के लिये एकमात्र सहारा बड़ौरा कताई मिल पर भी ताला लग चुका है। जिले में धान की खेती भी बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती।

गाजीपुर जिले में कुल सात विधानसभा क्षेत्र हैं। इसमें  गाजीपुर सदर, जमानियां, सैदपुर, जंगीपुर और जखनियां गाजीपुर लोकसभा में शामिल हैं। जहूराबाद और मोहम्मदाबाद को बलिया लोकसभा में शामिल है।  पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में विजयी  भाजपा प्रत्याशी मनोज सिन्हा को (3,06,929) मत मिले थे और वह 32,452 से जीते। दूसरे नंबर पर शिवकन्या कुशवाहा  (2,74,477)   और तीसरे नंबर पर बसपा कैलाश नाथ सिंह यादव (2,41,645) रहे । कुल मतदान 9,86,673 हुआ था। 54 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाएं शामिल थे। हालांकि जिले में 26 लाख 27 हजार 338 मतदाता हैं। इनमें पुरुषों की संख्या 14 लाख 33 हजार 814 जबकि महिलाओं की तादाद 11 लाख 93 हजार 423 है। थर्ड जेंडर भी 104 है।

वहीं गाजीपुर लोकसभा में क्षेत्र में 18 लाख 51 हजार 875 मतदाता हैं। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर चले विशेष अभियान के तहत अब तक 50 हजार 303 नए मतदाता बन चुके हैं। जिले की आबादी 41,46,963 लाख है जिनमें पुरुषों की संख्या 21, 24, 960 और महिलाओं की 20,22,003 लाख है। यहां की औसत साक्षरता दर 60.7% है। 

 

संक्षिप्त  विवरण : 

 

गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र में मतदाता:  18 लाख 51 हजार 875 मतदाता

पुरुष मतदाता  1009105

महिला मतदाता  842685

अन्य वोटरों की संख्या ::: लगभग 100

युवा मतदाताओं की संख्या 19 हजार 253

 

जातिगत  समीकरण

लोकसभा में यादव बाहुल्य सीट पर दलित, बिंद, मुस्लिम, समेत ओबीसी बड़ी तादता में हैं।वहीं ब्राह्मण, क्षत्रिय, भूमिहार भी निर्णायक स्थिति में है। 

चुनाव कार्यक्रम- 2019

नामांकन  22 अप्रैल से

नामांकन की अंतिम तिथि 29 अप्रैल

नामांकन पत्र की जांच 30 अप्रैल

नामांकन पत्र की वापसी 02 अप्रैल

19 मई को अंतिम चरण में मतदान

मतगणना 23 मई

 

गाजीपुर लोकसभा के अनुमानित जातीय आंकड़े

यादव- 3.75 से 4 लाख

बिंद- 1.50 से 1.75 लाख

ब्राहृमण- 80 हजार से - 1 लाख

दलित- 3.50 से 4 लाख

कुशवाहा- 1.50 से 1.75 लाख

राजभर- 75 हजार से 1 लाख

अन्य ओबीसी 3 लाख

मुस्लिम- 1.50 से 1.75 लाख

भूमिहार- 50 हजार से अधिक 

क्षत्रिय- 1.75 से 2 लाख

वैश्य- 90 हजार से 1 लाख

अन्य सवण्र जातियां- 50 हजार

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