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लोकसभा चुनाव 2019 : पहले चरण में ईवीएम व वीवीपैट खराब होने की शिकायतों पर आयोग गंभीर

तैयारियों तो कुछ ऐसी थीं कि एक नहीं तीन-तीन बार जांच पड़ताल की गई, मतदान ड्रयूटी में लगने वाले कार्मिकों को बाकायदा ट्रेनिंग भी दी गई बावजूद इसके पहले चरण में ही इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों और वीवीपैट ने दगा दे ही दिया। 

 प्रदेश में 11 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान पश्चिमी यूपी की 8 लोकसभा सीटों पर मतदान शुरू होने से पहले यानि सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच हुए मॉक पोल में ही ईवीएम की 128 बैलेट यूनिट, 61 कण्ट्रोल यूनिट और 121 वीवीपैट बदली गईं।

फिर जब मतदान शुरू हुआ तो  89 बैलेट यूनिट, 89 कण्ट्रोल यूनिट और 428 वीवीपैट में खराबी आई और वह बदले गए। कुछ देर के लिए ही सही मतदान केन्द्रों पर अफरातफरी मची, मतदान बाधित हुआ। मतदान के दौरान मशीनों में आई खराबी की इन शिकायतों को केंद्रीय चुनाव आयोग ने गम्भीरता से लिया।

 यही वजह रही कि बीते शुक्रवार को दूसरे चरण के मतदान की तैयारियों के लिए प्रदेश की अन्य 8 लोकसभा सीटों से जुड़े जिला निर्वाचन अधिकारियों व मतदान की जिम्मेदारी संभालने वाले अन्य अफसरों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू की ओर से  सख्त हिदायत दी गई कि मतदान से पहले ही इन मशीनों की अच्छी तरह जांच पड़ताल कर लें।

 यह भी कहा गया कि बढ़ती गर्मी की वजह से अक्सर इन मशीनों के कनेक्शन ढीले हो जाते हैं जिनकी वजह से मशीनें समुचित ढंग से काम नहीं कर पातीं इसलिए दिक्कत आने पर बजाए आनन- फानन में मशीन बदलने के पहले कनेक्शन की पड़ताल करें और ढीले कनेक्शन पाने पर उसे दुरुस्त करवाएं। यही नहीं जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया कि दूसरे चरण का मतदान करवाने वाले पोलिंग स्टाफ को मतदान से पहले इन मशीनों के संचालन की समुचित व्यवहारिक ट्रेनिंग दें।  

हालांकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अफसरों का यह भी कहना है कि पहले चरण में ईवीएम तो महज एक फीसदी ही खराब हुईं, हां वीवीपैट खराबी की शिकायतें जरूर तीन से चार फीसदी रहीं जबकि कैराना में हुए लोकसभा के उपचुनाव में एक ही लोस सीट पर 350 के आसपास मशीनें खराब हुई थीं। इसलिए इस बार पहले चरण के मतदान में मशीनों के खराब होने का औसत बहुत ज्यादा नहीं है।

चुनाव मशीनरी को दूसरे दौर के लिए किया अलर्ट
दूसरे चरण के मतदान के लिए जिलों की चुनाव मशीनरी को इस बाबत अलर्ट कर दिया गया है। बताते चलें कि प्रदेश में इस बार हो रहे लोस चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की आपूर्ति ई.सी.आई.एल. और बेल कम्पनियों ने की है। शुरूआती तीन चरणों में अधिकांश मशीनें ईसीआईएल की लगी हैं और इसके बाद के चरणों के मतदान में बेल की मशीनें लगाई गई हैं। 

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019: Commission serious on complaints of EVMs and VVPAT deterioration in first phase