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लोकसभा चुनाव 2019 : 17वीं लोकसभा चुनाव में बढ़ी दागियों की संख्या, जानें 10 साल में कितनी बढ़ी संख्या

criminal background candidates

17वीं लोकसभा के जारी चुनाव अंतिम चरण में है। रविवार 19 मई 2019 को वोटिंग के साथ ही इस प्रक्रिया का एक हिस्सा खत्म हो जाएगा। इसके बाद लोगों को नतीजों का रहेगा। आम चुनाव को साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कई प्रावधान किए, जिनका व्यापक असर भी देखने को मिला। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद एक चीज, जो अब तक कम नहीं की जा सकी है वह है चुनावों में आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को टिकट मिलना। यह कवायद पिछले कई चुनावों से बदस्तूर जारी है। 

2009 में 15 फीसदी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले और 8 फीसदी गंभीर आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवार थे। 2014 में चुनाव 17 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले थे, जबकि 11 फीसदी पर गंभीर मामले दर्ज थे। इस मामले में 2019 के चुनाव ने सबसे पीछे छोड़ दिया है। 17वीं लोकसभा के चुनाव में विभिन्न पार्टियों ने 19 फीसदी ऐसे उम्मीदवारों को उतारा है जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस 13 फीसदी गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रहे हैं। 

चुनाव संबंधी आंकड़े जुटाने वाले संस्थान एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स ने चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों की संख्या का आकलन किया। इसके मुताबिक 17वीं लोकसभा के चुनाव में सबसे ज्यादा संख्या में आपराधिक पृष्टभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। अब यह तो 23 मई 2019 को आने वाले चुनाव नतीजे ही बता सकते हैं कि इस लोकसभा में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कितने उम्मीदवार प्रतिनिधि बनकर संसद पहुंचते हैं। इसके बारे में विस्तार से समझने के लिए यहां दिए चार्ट को देख सकते हैं :

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019 candidates with criminal background increase in last 10 Years