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VIP Seat Nagpur: कांग्रेस के गढ़ में गडकरी ने लगाई थी बड़ी सेंध, जानें पूरा लेखाजोखा

nitin gadkari  photo-  raj k  raj hindustan times

महाराष्ट्र की नागपुर लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। लेकिन 2014 में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने इस सीट से भारी मतों से जीत दर्ज कर कांग्रेस के गढ़ में बड़ी सेंध लगा दी। 2019 में एक बार फिर से गडकरी के इस सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है।

साल 1951 में नागपुर सीट के अस्तित्व में आने के बाद से यहां अधिकतर मौकों पर कांग्रेस ने ही परचम लहराया है। आरएसएस मुख्यालय होने के बावजूद यहां से सिर्फ दो बार ही भाजपा को जीत नसीब हुई है। यहां कांग्रेस की अनसूया बाई सबसे पहले 1952 में सांसद बनीं। इसके बाद 1956 में वह दोबारा भी चुनी गईं। हालांकि 1962 में नागपुर सीट से माधव श्रीहरि अणे निर्दलीय जीतकर लोकसभा पहुंचे। लेकिन 1967 में एक बार फिर कांग्रेस यह सीट कब्जाने में सफल रही और नरेंद्र देवघरे सांसद बने। नागपुर में विदर्भ को महाराष्ट्र से अलग करने को लेकर उठी आवाज ने यहां से कांग्रेस को 1970 में फिर बाहर कर दिया और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक पार्टी के जामबुवंत धोटे सांसद चुने गए। जामबुवंत धोटे को उनके समर्थक विदर्भ का शेर भी कहते थे। हालांकि 1977 में कांग्रेस ने इस सीट से फिर वापसी की।

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इसके बाद 1991 तक इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा। कांग्रेस के बनवारी लाल पुरोहित इस बीच यहां से दो बार सांसद (1984-1989) बने। लेकिन राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आ गए। हालांकि दत्ता मेघे ने 1991 के चुनाव में पुरोहित को यहां से हराकर कांग्रेस का दबदबा बरकरार रखा। लेकिन 1996 में पहली बार इस सीट से भाजपा ने जीत का स्वाद चखा और बनवारी लाल पुरोहित सांसद बने। इसके बाद एक बार फिर कांग्रेस ने इस सीट पर कब्जा जमाया और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विलास मुत्तेमवार लगातार चार बार 1998, 1999, 2004 और 2009 में सांसद बने। इसका फल भी उन्हें कांग्रेस पार्टी में भी मिला और वह यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे।

भाजपा ने भी 2014 में इस सीट पर वापसी की और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने चार बार यहां से चुने गए सांसद विलास मुत्तेमवार को हराया। गडकरी की जीत का आंकड़ा भी काफी बड़ा था। उन्होंने मुत्तेमवार को करीब ढाई लाख से ज्यादा वोटों से मात दी।

कांग्रेस से भाजपा सांसद मैदान में
नागपुर सीट से कांग्रेस ने भाजपा के ही पूर्व सांसद नाना पटोले को इस बार टिकट दिया है। पटोले भाजपा के संभावित भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुकाबला करेंगे। ये वही नाना पटोले हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यवहार से नाराज होकर सांसद पद से इस्तीफा दिया था और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

यहां भाजपा के दो बड़े चेहरे
नागपुर की राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखें तो नागपुर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस दो ऐसे चेहरे हैं जो भाजपा में अच्छा खासा दबदबा रखते हैं। साथ ही यहां आरएसएस की जमीनी स्तर पर बीते कुछ सालों में पकड़ काफी मजबूत हुई है।

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                     photo- hindustan

सिर्फ दो बार ही भाजपा जीती
1952-1957    अनुसूया बाई काले    कांग्रेस

1962    महादेव श्रीहरि    निर्दलीय

1967    नरेंद्र आर देवघरे    कांग्रेस

1971    जामबुवंत धोटे    ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक

1977    मनचरसा अवरी    कांग्रेस

1980    जामबुवंत धोटे    कांग्रेस आई

1984-1989    बनवारी लाल पुरोहित    कांग्रेस

1991    दाता मेघे    कांग्रेस

1996    बनवारी लाल पुरोहित    भाजपा

1998-1999    विलास मुत्तेमवार    कांग्रेस

2004-2009    विलास मुत्तेमवार    कांग्रेस

2014    नितिन गडकरी    भाजपा

नागपुर सीट- संतरों की नगरी

  • नागपुर का पुरातन नाम फनींद्रपुरा था। इसकी उत्पत्ति फन या कोबरा के हुड से हुई है। बाद में नाग नदी के नाम पर इसका नाम नागपुर पड़ा।
  • महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का एक प्रमुख व्यावसायिक और राजनीतिक केंद्र संतरों के लिए काफी मशहूर है। इसलिए इसे लोग संतरों की नगरी भी कहते हैं।
  • 1703 ई. में नागपुर की स्थापना देवगढ़ के गोंड राजा बख्त बुलंद शाह ने की थी। यह शहर 1960 तक मध्य भारत राज्य की राजधानी था।
  • 1960 के बाद यहां की मराठी आबादी को देखते हुए इसे महाराष्ट्र के जिले के रूप में शामिल कर लिया गया। यह महाराष्ट्र की शीतकालीन राजधानी भी है।

मौजूदा सांसदः नितिन गडकरी

  • 16वीं लोकसभा में सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री हैं।
  • 1976 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की।
  • 23 साल की उम्र में नितिन गडकरी भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने।
  • 1995 में महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार में लोक निर्माण मंत्री बनाए गए।
  • 1989 में वे पहली बार विधान परिषद के लिए चुने गए।
  • वे महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता भी रहे हैं।
  • 2010-2013 तक गडकरी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

 

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  • Web Title:lok sabha elections 2019 bjp minister nitin gadkari mp from nagpur lok sabha seat which was a congress strong seat