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लोकसभा चुनाव 2019: वाराणसी से पूर्वी यूपी को साधेंगे सभी राजनीतिक दल  

वाराणसी संसदीय सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव लड़ने से अन्य राजनीतिक दल भी पूर्वी उत्तर प्रदेश को साधने में जुट गए हैं। पीएम मोदी की वजह से पूरे देश की निगाहें बनारस पर टिकी है। प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने के पति राबर्ट वाड्रा के बयान से बनारस के साथ ही पूर्वी यूपी की सियासत और गरमा गयी है। उधर, सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आजमगढ़ को केंद्र बना रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्वांचल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। सत्तारुढ़ पार्टियों का ध्यान हमेशा पूर्वांचल जीतने को लेकर केंद्रित रहता है। इस बार इसलिए खास है कि बनारस से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में भाजपा सहित सभी राजनीतिक दल कांग्रेस व सपा-बसपा ने अपनी सियासी रणभूमि बनारस को बनाया है। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नामांकन को एतिहासिक बनाने में पूरी ताकत झोंक दी है। रोड-शो व नामांकन जुलूस के जरिए पार्टी पूर्वी यूपी के साथ बिहार और बंगाल तक संदेश देना चाहती है। इसके लिए पूर्वी यूपी के सभी जिलों के सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि को आमंत्रित किया जा रहा है। 

वहीं, बनारस सीट पर अभी कांग्रेस से कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है। पार्टी यहां किसी बड़े नेता को उतारने की तैयारी में है। पिछले दिनों प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की अटकलों से पूर्वी यूपी में संगठन में एक नया जोश भर दिया है। यदि बनारस से प्रियंका गांधी चुनाव लड़ती हैं तो इस बार कांग्रेस बनारस को पूर्वी यूपी का केंद्र तैयार करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 18 को आजमगढ़ सीट से नामांकन करने आ रहे हैं। अखिलेश भले ही आजमगढ़ को पूर्वी यूपी का रण जीतने के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं, लेकिन सियासत का केंद्र वाराणसी को मानकर उतरेंगे।
पूर्वी यूपी के सीटों पर उतरीं हस्तियां 

वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, आजमगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, गाजीपुर से केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, मिर्जापुर से केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, डुमरियागंज से पूर्व मुख्यमंत्री जगदम्बिका पाल, देवरिया से पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रमापतिराम त्रिपाठी, कुशीनगर से पूर्व गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, सुल्तानपुर से केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और चंदौली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय।

चार केंद्रीय मंत्रियों का साख दांव पर 
इस चुनाव में केंद्र सरकार के पूर्वी यूपी के चार केंद्रीय मंत्रियों की साख दांव पर लगी है। इसमें गाजीपुर सीट से चुनाव लड़ रहे केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, अमेठी से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, मिर्जापुर से केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल व  सुल्तानपुर से केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 संसदीय सीटें 
वाराणसी, मिर्जापुर, राबर्ट्सगंज, घोसी, जौनपुर, मछलीशहर, चंदौली, गाजीपुर, भदोही, बलिया, सलेमपुर, आजमगढ़, लालगंज, प्रतापगढ़, फूलपुर, प्रयागराज, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, महराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, अमेठी, कौशाम्बी व सुल्तानपुर। 

पांचवें चरण में 14 सीटें 
नामांकन : 10 से 18 अप्रैल 
मतदान : 06 मई 
सीट : अमेठी व कौशाम्बी। 

छठवें चरण में 14 सीटें 
नामांकन : 16 से 23 अप्रैल 
मतदान : 12 मई 

सीट : सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, फूलपुर, अम्बेडकर नगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संतकबीरनगर, जौनपुर, मछलीशहर, भदोही, आजमगढ़ व लालगंज।

सातवें चरण में 13 सीटें 
नामांकन : 22 से 29 अप्रैल 
मतदान : 19 मई 
सीट : वाराणसी, मिर्जापुर, राबर्ट्सगंज, घोसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, सलेमपुर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया व बांसगांव।

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019 All political parties will hand over Eastern UP to Varanasi