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UP Lok Sabha Election Results: आजगमढ़ में अखिलेश यादव ने निरहुआ को ढाई लाख से ज्यादा वोटों से हराया

आजमगढ़ लोकसभा सीट पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा प्रत्याशी भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ को 2 लाख 59 हजार 874 मतों से हरा दिया है। अखिलेश को 6 लाख 21 हजार 578 अौर निरहुआ को 3 लाख 61 हजार 704 वोट मिले। शुरुआती रुझान से ही अखिलेश ने बड़ी बढ़त बना ली थी। रात दस बजे तक यहां गिनती चलती रही। यहां की दूसरी सीट लालगंज में बसपा की संगीता आजाद 1 लाख 61 हजार 597 वोटों से जीतीं। संगीता को 5 लाख 18 हजार 820 अौर बीजेपी की नीलम को 3 लाख 57 हजार 223 मत मिले। 

आजमगढ संसदीय क्षेत्र और लालगंज के 13-13 प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई। लालगंज सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी भी अपनी जमानत नहीं बचा पाया। ओमप्रकाश राजभर की भासपा और शिवपाल यादव की पार्टी के प्रत्याशी भी जमानत बचा नहीं पाया।

आजमगढ़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 26 वें राउंड की गणना तक जनहित किसान पार्टी के प्रमोद तिवारी को 2872 मत,ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भासपा के अभिमन्यू को 8409 , नैतिक पार्टी के एहसान अहमद को 898, नागरिक एकता पार्टी के अरविंद को 875, बहुजन उदय मंच के गोरखराम निषाद को 1138 , निर्दल गौरव सिंह को 1317,राजीव सिंह तलवार को 1987, भारद के राजीव पांडेय को 3414, निर्दल बुधिराम यादव को 1926,भारतीय लोकसवा दल के राजाराम गोंड को 1752, उलेमा कौसिंल के अनिल को 6297, सर्वश्रेष्ट दल के मोहिन्दर कुमार को 2704, आम जनता पार्टी के पवन कुमार को 1001मत ही मिल पाए थे।

लालगंज संसदीय सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी पंकज मोहन सोनकर को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। 29 वें राउंड की गणना तक कांग्रेस के पंकज मोहन को मात्र 17066 वोट मिले थे। इस सीट पर भारत प्रभात पार्टी के चंद्रशेखर को 1528 ,राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के राधेश्याम को 5959 , पृथ्वीराज जनशक्ति पार्टी के लछिमन को 1827 , कम्युनिस्ट पार्टी के त्रिलोकी को 8559, आम आदमी पार्टी के अजीत सोनकर को 4402 , सुहेलदेव भासपा के दिलीप कुमार को16853,शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के हेमराज पासवान को 2257, निर्दल सुभाष सरोज को 3196 , रामचंद्र को 7149 , काशीराम बहुजन दल के पिंटू को 1603, निर्दल अखिलेश को 3139, संतोष कुमार को 3082मत पाकर अपनी जमानत गवांनी पड़ी।

 आजमगढ़ लोकसभा सीट के लिए शहर के बेलइसा एफसीआई गोदाम में मतगणना हो रही है। विधानसभावार मतगणना के लिए 14-14 टेबल लगाए गए हैं। इसके अलावा एक-एक टेबल आरओ के लिए लगाए गए हैं। आजमगढ़ लोकसभा के मेहनगर विधानसभा में सबसे अधिक 436 बूथों की गणना पूरी करने में 32 राउंड होगी। यहां भी 31 वें राउंड के बाद दो ही बूथों की ईवीएम की गिनती रह जाएगी। 32 वें राउंड में दो बूथों की गिनती होगी। 

आजमगढ़ और लालगंज लोकसभा की मतगणना के लिए 140 टोली में 560 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। प्रत्येक टोली में एक मतगणना सुपरवाइजर, दो मतगणना सहायक और एक चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी शामिल है। बेइलइसा एफसीआई गोदाम में आजमगढ़ लोकसभा के लिए विधानसभावार 14-14 टेबल लगाए गए हैं। इसी तरह चकवल एफसीआई गोदाम में विधानसभावार 14-14 टेबल लगाए गए हैं। सुबह पहले बैलेट मतपत्रों की गिनती की जाएगी। इसके बाद ईवीएम से वोटों की गिनती शुरू की जाएगी।  

आजमगढ़ में कभी किसी लहर का प्रभाव नहीं रहा। चाहे वह जनता लहर हो, राम लहर रहा हो या फिर मोदी लहर। हर चुनाव में यहां के वोटरों ने लहर के विपरीत परिणाम दिया है। 1978 में जब देश में कांग्रेस के खिलाफ लहर थी तब उपचुनाव में कांग्रेस की मोहसिना किदवई को जीत मिली। नब्बे के दशक के अंत में जिस वक्त पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ वीपी सिंह अपने पक्ष में लहर बनाने में कामयाब हुए, जनता दल अौर बीजेपी को बड़ी जीत मिली तब भी यहां जनता दल के प्रत्याशी त्रिपुरारी पूजन सिंह को पराजय मिली अौर बसपा के रामकृष्ण यादव जीते। रामलहर में भी भाजपा का प्रत्याशी जीत नहीं दर्ज करा सका। इसी तरह 2014 के चुनाव में इस सीट पर मोदी लहर का असर नहीं दिखा। भाजपा प्रत्याशी रमाकांत यादव सपा के मुलायम सिंह यादव से हार गए। इस बार मुकाबला सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अौर भोजपुरी स्टार भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ के बीच है।

हर चुनाव में यहां दलित, यादव व मुस्लिम मतदाता ही जीत हार का फैसला करते रहे हैं। आंकड़ों को देखें तो इसी यादव, दलित, मुस्लिम में से किसी दो के गठजोड़ को जो भी उम्मीदवार अपने पाले में करने में सफल रहा उसी के सिर जीत का सेहरा बंधा। आाजादी के बाद के दो चुनाव के बाद सीमांकन से आजमगढ़ नाम से संसदीय सीट बनी। 

जातिगत समीकरण से ही 1962 से लगातार इस सीट पर या तो यादव प्रत्याशी विजयी हुआ या फिर उपविजेता रहा। कई बार तो ऐसा रहा कि यादव उम्मीदवार ही यादव से लड़ा। इस तगड़े जातिगत समीकरण का ही जलवा रहा कि 1962 से अब तक हुए 14 आम चुनाव अौर दो उपचुनाव में बारह बार यादव जाति के उम्मीदवारों ने अपना परचम लहराते हुए लोकसभा पहुंचे। तीन बार मुस्लिम प्रत्याशियों ने कामयाबी हासिल की। 

कभी कोसल साम्राज्य का हिस्सा रहे आजमगढ़ को प्रशासनिक रूप से ब्रिटिश हुकूमत ने 1832 में जनपद बनाया। बेहद संवृद्ध व गौरवशाली इतिहास वाले जनपद की इस संसदीय क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास भी कम ओजपूर्ण नहीं रहा है। 1994 में आजमगढ जिला मण्डल मुख्यालय घोषित हुआ।

तमसा नदी के तट पर स्थित आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में स्थित है। ऐतिहासिक द़ष्टि से भी यह स्थान काफी महत्वपूर्ण था। यह जिला मऊ, गोरखपुर, गाजीपुर, जौनपुर, सुल्तानपुर और अम्बेडकर जिले की सीमा से लगा हुआ है। याायावर साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन, नाट्य सम्राट लक्ष्मीनरायन मिश्र, कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध, शायर कैफी आजमी, डा तुलसीराम ,छन्नूलाल मिश्र, जैसे मनीषी इस मजबूत सांस्कृतिक परंपरा के वाहक रहे हैं। 

 

वर्ष           सांसद          पार्टी               

1962          राम हरख यादव    कांग्रेस 

1967          चंद्रजीत यादव     कांग्रेस 

1971          चंद्रजीत  यादव    कांग्रेस

1977          रामनरेश यादव भारतीय लोकदल 

1978           मोहसिना किदवई कांग्रेस  (उपचुनाव)       

1980          चंद्रजीत यादव    जनता पार्टी सेक्युलर

\1985         संतोष सिंह  कांग्रेस 

1989          राम कृष्ण  यादव  बसपा 

1991          चंद्रजीत   यादव जनता पार्टी  

1996          रमाकांत यादव समाजवादी पार्टी

1998         अकबर अहमद डंपी  बसपा 

1999        रमाकांत यादव   समाजवादी पार्टी 

2004        रमाकांत यादव   बसपा 

2008        अकबर अहमद डंपी बसपा (उपचुनाव)       

2009        रमाकांत यादव    भाजपा 

2014       मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी 

 

आजमगढ़ में मतदाता

कुल मतदाता   17.70 लाख               

महिला    8.08   लाख                                   

पुरुष     9.63  लाख                                                                      

अन्य    74      

संसदीय क्षेत्र की विधानसभाएं  

गोपालपुर, सगड़ी,  मुबारकपुर, आजमगढ, मेंहनगर      

 

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  • Web Title:Lok Sabha Elections 2019 Akhilesh Yadav gets bigger victory in Azamgarh three times higher than Nirhua