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lok sabha election results 2019: मीसा भारती फिर से हारीं, जानें दिग्गजों के बेटे-बेटियों का हाल

misa bharti with his father lalu   yadav file

Lok Sabha Election Result 2019 Live Updates: लोकसभा की 542 और चार राज्यों -आंध्रप्रदेश, ओडिशा, सिक्किम तथा अरुणाचल प्रदेश- की विधानसभाओं के चुनाव के लिए मतगणना गुरुवार को हुई। 542 सीटों के लिए 8,000 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। देशभर में मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए। इस बार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किसी भी पांच मतदान केन्द्रों के ईवीएम के वोटों को वीवीपैट पर्चियों से मिलान किया गया।

-लालू की बेटी मीसा भारती

राजद अध्यक्ष लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती पाटलीपुत्र से अपने चाचा रामकृपाल यादव के खिलाफ दोबारा मैदान में उतरीं। अंतिम राउंड तक चली कांटे की टक्कर में मीसा भाजपा उम्मीदवार रामकृपाल यादव से करीब 38 हजार वोटों से हार गईं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती लगातार दूसरी बार पाटलीपुत्र लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही थीं। यहां उनका मुकाबला भाजपा के मौजूदा सांसद रामकृपाल यादव से था। यहां 19 मई को सातवें चरण में मतदान हुआ था।

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पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में राजद के रामकृपाल यादव ने भाजपा प्रत्याशी सी. पी. ठाकुर को 38562 (4.28%) वोटों के अंतर से हराया था। राम कृपाल यादव को 433853, जबकि सी. पी. ठाकुर को 395291 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 58.48 रहा था। 2009 में जदयू के रंजन प्रसाद यादव ने राजद प्रत्याशी लालू प्रसाद यादव को 23541 वोटों के अंतर से हराया था। रंजन प्रसाद यादव को 269298, जबकि लालू प्रसाद को 245757 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 41.17 रहा था। 2014 में भाजपा के रामकृपाल यादव ने राजद प्रत्याशी मीसा भारती को 40322 वोटों के अंतर से हराया था। राम कृपाल यादव को 383262, जबकि मीसा भारती को 342940 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 56.38 रहा था।

-कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ

मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर आजादी के बाद से आजतक कांग्रेस चुनाव नहीं हारी है। इस बार सूबे के मुखिया कमलनाथ की प्रतिष्ठा यहां दांव पर थी। कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने इस सीट पर 37,536 वोटों के मामूली अंतर से जीत हासिल की है।

कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर छिंदवाड़ा से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वहां उनका मुकाबला भाजपा के नत्थन शाह से है। 2009 में कांग्रेस उम्मीदवार कमलनाथ ने छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव जीता था। उन्हें 409736 (49.41 प्रतिशत) वोट मिले थे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी मरोट राव खासवे को हराया था। खासवे को 288516 (34.79 प्रतिशत) मत मिले थे। 2014 में भी कांग्रेस उम्मीदवार और उस समय सांसद रहे कमलनाथ ने छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव जीता था। उन्हें 559755 (50.54 प्रतिशत) वोट मिले थे। उन्हेंन भाजपा प्रत्याशी चंद्रभान कुबेर सिंह को हराया था। कुबेर सिंह को 443218 (40.01 प्रतिशत) मत मिले थे। छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को चौथे चरण में मतदान संपन्न हुए थे।

कमलनाथ का गढ़ रहा है छिंदवाड़ा 
मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ रहा है। कमलनाथ इस सीट से 1980 से लोकसभा का चुनाव जीतते आ रहे हैं। इस सीट से उन्हें सिर्फ एक बार 1997 में हार का सामना करना पड़ा था। इस बार छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव लड़ सकते हैं। नकुल पर पिता की प्रतिष्ठा को बरकरार रखने की चुनौती होगी। भाजपा के लिए छिंदवाड़ा सीट अभी भी चुनौती बनी हुई है। मोदी लहर में जब भाजपा ने मध्य प्रदेश की 29 में से 27 सीटें जीती तब भी छिंदवाड़ा से कमलनाथ जीत गए। सिर्फ 1997 में हुए उप चुनाव में सुंदर लाल पटवा ने भाजपा के टिकट पर यह चुनाव जीता था। भाजपा ने अभी तक इस सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।

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छिंदवाड़ा एक समय मध्य प्रदेश का सबसे पिछड़ा इलाका माना जाता था। लेकिन वर्तमान में देश की कई नामी कंपनियों की फैक्ट्री इस शहर में है। इसका श्रेय भी लोग कमलनाथ को देते हैं। 1957 से छिंदवाड़ा सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा है। 1977 में जनता पार्टी की लहर के बावजूद भी कांग्रेस ने यहां से चुनाव जीता और गार्गी शंकर मिश्रा सांसद बनी। कमलनाथ 1980 में पहली बार इस सीट से सांसद बने थे।

मां के लिए कर चुके हैं प्रचार- 
कमलनाथ की ही तरह नकुलनाथ ने भी दून स्कूल से पढ़ाई की है। अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है। लोग बताते हैं कि नकुल अपनी छुट्टियों के दौरान छिंदवाड़ा आते थे और अक्सर अपने पिता के साथ बैठकों में जाया करते थे। नकुल पहली बार 1996 में राजनीति में गंभीर भूमिका में नजर आए। इस दौरान नकुल ने अपनी मां अलका नाथ की छिंदवाड़ा से जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। नकुलनाथ चुनाव के दौरान अपने पिता कमलनाथ की भी मदद करते रहे हैं।

मौजूदा सांसद कमलनाथ
* वर्तमान में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं कमलनाथ-
* मई 2018 मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए गए
* 09 बार इस सीट से जीत चुके हैं कमलनाथ
* 1996 में हवाला में नाम आने के बाद चुनाव नहीं लड़ा था
* 16वीं लोकसभा में उन्हें प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया था

कमलनाथ का सियासी सफर
* 1980 में पहली बार सांसद
* 1991 में केंद्रीय पर्यावरण और वन राज्य मंत्री
* 1995 से 1996 तक केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री
* 2001 से 2004 तक कांग्रेस के महासचिव
* 2004 से 2009 तक केंद्रीय उद्योग मंत्री रहे 
* 2009 में केंद्रीय परिवहन मंत्रालय का प्रभार 
* 2011 में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री बने 

छिंदवाड़ा जिला-
इस क्षेत्र में ‘छिन्द' (ताड़) के पेड़ बहुतायत में हैं जिससे इसका नाम छिंदवाड़ा पड़ा। एक समय यहां शेरों की बहुतायत थी, इसलिए इसे पहले ‘सिन्हवाडा' भी कहा जाता था। छिंदवाड़ा जिले का गठन 01 नवंबर 1956 को किया गया था। 11,815 वर्ग किलोमीटर में फैला छिंदवाड़ा क्षेत्रफल के लिहाज से राज्य का सबसे बड़ा जिला है। इस जिले की सीमा दक्षिण में नागपुर (महाराष्ट्र राज्य), उत्तर में होशंगाबाद, नरसिंहपुर जिले, पूर्व में सिवनी एवं पश्चिम में बैतुल जिले को छूती है। यह जिला सतपुड़ा रेंज के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में स्थित है। पांच प्रमुख नदियां हैं जो इस जिले से होकर बहती हैं- कन्हान, पेंच, जाम, कुलबेहरा, शककर और दुध। 1980 से पहले छिंदवाड़ा महज के जिला मुख्यालय के तौर पर जाना जाता था। परसिया छिंदवाड़ा बड़ी लाइन बनने के बाद छिंदवाड़ा से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेनें।

- मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ. लोकसभा सीट पर भाजपा के प्रत्याशी भोजपुरी सितारे दिनेश लाल यादव निरहुआ को 2.59 लाख वोटों से शिकस्त दी। यादव को छह लाख 21 हजार 578 वोट मिले जबकि निरहुआ को तीन लाख 61 हजार 704 वोट मिले।

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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश की सियासत की धुरी रहे मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव आजमगढ़ लोकसभा सीट से सपा के प्रत्याशी हैं। यहां उनका मुकाबला भोजपुरी अदाकारी में अपना लोह मनवा चुके दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' से है। 12 मई को छठे चरण में आजमगढ़ सीट पर वोटिंग हुई थी।  बसपा के साथ गठबंधन कर सपा उत्तर प्रदेश की 36 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। अखिलेश खुद अपने पिता मुलायम सिंह यादव की सीट आजमगढ़ से उम्मीदवार हैं। अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव कन्नौज से, पिता मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को पहली बार पूर्ण बहुमत मिला और मुलायम ने उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में बसपा के रमाकांत यादव ने सपा प्रत्याशी दुर्गा प्रसाद यादव को 6968 (0.98%) वोटों के अंतर से हराया था। रमाकांत यादव को 258216, जबकि दुर्गा प्रसाद को 251248 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 49.93 रहा था। 2009 में भाजपा के रमाकांत यादव ने बसपा प्रत्याशी अकबर अहमद को 49039 वोटों के अंतर से हराया था। रमाकांत यादव को 247648, जबकि अकबर अहमद को 198609 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 44.64 रहा था। 2014 में सपा के मुलायम सिंह यादव ने भाजपा प्रत्याशी रमाकांत यादव को 63204 वोटों के अंतर से हराया था। मुलायम सिंह यादव को 340306, जबकि रमाकांत यादव को 277102 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 56.40 रहा था।

- वसुंधरा के बेटे दुष्यंत सिंह

राजस्थान के बारां-झालावाड़ संसदीय क्षेत्र से एक बार फिर दुष्यंत सिंह ने जीत दर्ज की है। इस क्षेत्र से पूर्व सीएम वसुधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद शर्मा को 4,53,928 रिकॉर्ड मतों से हराया है।

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री एवं धौलपुर की महारानी वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह चौथी बार झालावाड़-बारां लोकसभा पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वे यहां से मौजूदा सांसद भी हैं और पिछले तीन आम चुनावों में यहां की जनता ने उन्हें संसद पहुंचाया है। राजे ने 2004 में अपने बेटे के लिए यह सीट खाली की थी। कांग्रेस ने नए चेहरे प्रमोद शर्मा पर दांव लगाया है, जो कि कुछ समय पहले ही भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं। पिछले आठ लोकसभा चुनाव से इस क्षेत्र पर लगातार भाजपा का कब्जा कायम है। यहां 1989 से 1999 तक लगातार 5 बार वसुंधरा राजे सांसद बनीं। उसके बाद 2004 से अब तक लगातार तीन बार दुष्यंत सिंह यहां से सांसद हैं। इस सीट पर प्रदेश में लोकसभा के चौथे चरण में 29 अप्रैल को चुनाव संपन्न हुए हैं। यहां इस बार बीजेपी के दुष्यंत सिंह का मुकाबला कांग्रेस के नए चेहरे प्रमोद शर्मा से है। लोकसभा क्षेत्र के 71.94 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। यह गत बार हुए मतदान से 3.29 फीसदी अधिक है।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में भाजपा के दुष्यंत सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी संजय गुर्जर को 81579 (14.37%) वोटों के अंतर से हराया था।  दुष्यंत सिंह को 303845, जबकि संजय गुर्जर को 222266 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 56.9 रहा था। 2009 में भाजपा के दुष्यंत सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला जैन को 52841 वोटों के अंतर से हराया था। दुष्यंत सिंह को 429096, जबकि उर्मिला जैन को 376255 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 60.29 रहा था। 2014 में भाजपा के दुष्यंत सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद भाया को 281546 वोटों के अंतर से हराया था। दुष्यंत सिंह को 676102, जबकि प्रमोद भाया को 394556 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 68.65 रहा था।

-गहलोत के बेटे वैभव कुमार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने गढ़ माने जाने वाले जोधपुर से अपने बेटे वैभव को चुनाव नहीं जिता पाए। भाजपा प्रत्याशी केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस प्रत्याशी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव को हराया। शेखावत ने चुनाव में 2,74,440 वोट से जीत हासिल की है।

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव कुमार पहली बार जोधपुर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं। यहां उनका मुकाबला भाजपा के मौजूदा सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत से है। 29 अप्रैल को चौथे चरण में यहां मतदान हुआ था।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में यहां भाजपा प्रत्याशी जसवंत सिंह बिश्नोई ने बाजी मारी थी। उन्होंने कांग्रेस के बद्री राम जाखड़ को 42495 वोटों के अंतर से हराया था। जसवंत सिंह को 434352, जबकि बद्री राम को 391857 मत मिले थे। 2009 में यहां कांग्रेस की प्रत्याशी चंद्रेश कुमारी ने बाजी मारी थी। उन्होंने भाजपा के जसवंत सिंह बिश्नोई को 98329 वोटों के अंतर से हराया था। चंद्रेश कुमारी को 361577, जबकि जसवंत सिंह को 263248 मत मिले थे। 2014 में यहां भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत ने बाजी मारी थी। उन्होंने कांग्रेस के चंद्रेश कुमारी को 410051 वोटों के अंतर से हराया था। गजेंद्र सिंह को  713515, जबकि चंद्रेश को 303464 मत मिले थे।

- रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव फिरोजाबाद सीट पर भाजपा के चन्द्र सेन जादौन से 28 हजार वोटों से हार गए हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार अक्षय को जादौन ने 28 हजार 781 वोटों से हराया। सपा के अक्षय को चार लाख 67 हजार 38 वोट, जबकि भाजपा के जालौन को चार लाख 95 हजार 819 वोट मिले। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के संस्थापक शिवपाल यादव को 91 हजार 869 वोट मिले। 2014 में अक्षय इस सीट पर चुनाव जीते थे।

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव सपा-बसपा गठबंधन की ओर से फिरोजाबाद लोकसभा सीट से दूसरी चुनावी मैदान में हैं। यहां उनका मुकाबला भाजपा के डॉ. चन्द्रसेन और मुलायम के भाई शिवपाल सिंह यादव जिन्होंने प्रसपा बनाई है, से है। कांग्रेस ने यहां से प्रत्याशी नहीं उतारा है। 23 अप्रैल को तीसरे चरण में यहां वोटिंग हुई थी। फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने तीन बार जीत हासिल की है। भाजपा के सांसद प्रभु दयाल कठेरिया लगातार तीन बार (1991, 1996 और 1998 में) लोकसभा के लिए चुने गए। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के रामजीलाल सुमन को भी यहां की जनता ने दो बार 1999 और 2004 में जिताकर संसद पहुंचाया।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन ने भाजपा प्रत्याशी किशोरी लाल को 54788 (10.31%) वोटों के अंतर से हराया था। रामजी लाल को 212383, जबकि किशोरी लाल को 157595 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 40.69 रहा था। 2009 में समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने बसपा प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल को 67301 वोटों के अंतर से हराया था। अखिलेश यादव को 287011, जबकि एसपी सिंह बघेल को 219710 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 48.16 रहा था। 2014 में समाजवादी पार्टी के अक्षय यादव ने भाजपा प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल को 114059 (67.49%) वोटों के अंतर से हराया था। अक्षय यादव को 534583, जबकि एसपी सिंह बघेल को 420524 वोट मिले थे। यहामतदान का प्रतिशत 67.49 रहा था।

- स्व.गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे

महाराष्ट्र की बीड लोकसभा सीट से बीजेपी की प्रीतम मुंडे ने NCP के बजरंग मनोहर सोनवणे को 168368 बोटों से हराया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की बेटी प्रीतम मुंडे महाराष्ट्र के बीड लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। यहां उनका मुकाबला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के बजरंग मनोहर सोनवणे से है। इनके अलावा बीड से वंचित बहुजन आघाडी ने विष्णु जाधव, तो समाजवादी पार्टी ने सैयद मुजम्मिल सैयद जमील को उतारा है। इसके साथ ही 26 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। बीड सीट पर 18 अप्रैल को दूसरे चरण में वोटिंग हुई थी। महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे गोपीनाथ मुंडे ने 2014 में बीड लोकसभा सीट को 1.36 लाख वोट से जीता था। उनके खिलाफ मैदान में राकांपा के नेता सुरेश दास थे। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के कैबिनेट में शामिल होने के बाद 3 जून 2014 को मुंडे का निधन एक कार दुर्घटना में हो गया। इसके बाद हुए उपचुनाव में प्रीतम मुंडे 6.96 लाख वोटों से चुनाव जीतकर लोकसभा सदस्य बनीं। लोकसभा चुनाव के इतिहास में यह सबसे बड़े अंतर की जीत थी। प्रीतम ने कांग्रेस उम्मीदवार अशोकराव पाटिल को शिकस्त दी थी। बीड लोकसभा सीट पर 19,57,132 मतदाता हैं। इनमें से 10,39,789 पुरुष हैं और 9,17,343 महिलाएं हैं।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में राकांपा के जयसिंह राव गायकवाड़ पाटिल ने भाजपा प्रत्याशी प्रकाश सुंदर राव सोलंकी को 47412 (5.36%) वोटों के अंतर से हराया था। जयसिंह राव को 425051, जबकि प्रकाश सुंदर राव को 377639 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 67.01 रहा था। 2009 में भाजपा के गोपीनाथ मुंडे ने राकांपा प्रत्याशी रमेश बाबूराव को 140952 वोटों के अंतर से हराया था। गोपीनाथ मुंडे को 553994, जबकि रमेश बाबूराव को 413042 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 65.60 रहा था। 2014 में भाजपा के गोपीनाथ मुंडे ने राकांपा प्रत्याशी सुरेश दास को 136454 वोटों के अंतर से हराया था। गोपीनाथ मुंडे को 635995, जबकि सुरेश दास को  499541 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 68.75 रहा था।

- प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन

मुंबई उत्तर मध्य से बीजेपी उम्मीदवार पूनम महाजन ने कांग्रेस की प्रिया दत्त को तकरीबन 130005 वोटों से चुनाव हरा दिया है।

दिवंगत भाजपा नेता प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन मुंबई नॉर्थ सेंट्रल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं। वे यहां से वर्तमान में सांसद भी हैं। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस की उम्मीदवार प्रिया दत्त से है। वहीं बसपा ने भी इस सीट पर इमरान मुस्तफा खान को मैदान में उतारा है। यहां 29 अप्रैल को चौथे चरण में वोटिंग हुई थी। भाजपा के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे प्रमोद महाजन की 2006 में हत्या के बाद उनकी बेटी पूनम ने राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने कुछ साल तक कुछ साल तक पार्टी संगठन में काम करने के बाद उन्हें 2010 में भाजपा ने भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया।

2014 में पूनम महाजन ने कांग्रेस की प्रिया दत्त को हराया
2014 में पूनम महाजन ने पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा और अपनी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की प्रिया दत्त को करीब दो लाख वोटों से हराया। इसके बाद 2016 में भाजपा ने उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। लोकसभा चुनाव 2019 में एक बार फिर से पूनम महाजन और प्रिया दत्त आमने-सामने हैं।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में कांग्रेस के एकनाथ गायकवाड़ ने शिवसेना प्रत्याशी मनोहर गजानन जोशी को 13329 (2.59%) वोटों के अंतर से हराया था। एकनाथ को 256282, जबकि मनोहर जोशी को 242953 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 46.05 रहा था। 2009 में कांग्रेस की प्रिया दत्त ने भाजपा प्रत्याशी राम जेठमलानी को 174555 वोटों के अंतर से हराया था। प्रिया दत्त को 319352, जबकि जेठमलानी को 144797 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 39.52 रहा था। 2014 में भाजपा की पूनम महाजन ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रिया दत्त को 186771 वोटों के अंतर से हराया था। पूनम महाजन को 478535, जबकि प्रिया दत्त को 291764 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 48.67 रहा था।

- कांग्रेस नेता सुनील दत्त की बेटी प्रिया दत्त 

मुंबई उत्तर मध्य से बीजेपी उम्मीदवार पूनम महाजन ने कांग्रेस की प्रिया दत्त को तकरीबन 130005 वोटों से चुनाव हरा दिया है।

फिल्म अभिनेता और राजनेता सुनील दत्त और नर्गिस की बेटी प्रिया दत्त मुंबई उत्तर-मध्य से लगातार दूसरी बार चुनावी मैदान में हैं। यहां उनका मुकाबला मौजूदा सांसद पूनम महाजन से है। वहीं बसपा ने भी इस सीट पर इमरान मुस्तफा खान को मैदान में उतारा है। यहां 29 अप्रैल को चौथे चरण में वोटिंग हुई थी।

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2014 में प्रिया दत्त को करना पड़ा था हार का सामना
2014 में पूनम महाजन ने पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा और कांग्रेस की प्रिया दत्त को करीब दो लाख वोटों से हराया। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रिया दत्त को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि 2005 में पिता सुनील दत्त के निधन के बाद प्रिया दत्त उपचुनाव जीतकर पहली बार सांसद बनी थीं। संजय दत्त के पिता और बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त भी सांसद रह चुके हैं।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में कांग्रेस के एकनाथ गायकवाड़ ने शिवसेना प्रत्याशी मनोहर गजानन जोशी को 13329 (2.59%) वोटों के अंतर से हराया था। एकनाथ को 256282, जबकि मनोहर जोशी को 242953 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 46.05 रहा था। 2009 में कांग्रेस की प्रिया दत्त ने भाजपा प्रत्याशी राम जेठमलानी को 174555 वोटों के अंतर से हराया था। प्रिया दत्त को 319352, जबकि जेठमलानी को 144797 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 39.52 रहा था। 2014 में भाजपा की पूनम महाजन ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रिया दत्त को 186771 वोटों के अंतर से हराया था। पूनम महाजन को 478535, जबकि प्रिया दत्त को 291764 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 48.67 रहा था।

- प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर

भाजपा के अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर सीट करीब 4 लाख वोट से जीत ली है। इस सीट से 11 प्रत्याशी मैदान में थे लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही था। साल 1967 के बाद से अब तक हुए यहां हुए 15 में से नौ चुनावों में बीजेपी की जीत हासिल की है।

हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर हमीरपुर लोकसभा सीट से चौथी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इससे पहले तीन बार लगातार वे यहां से जीत की तिकड़ी लगा चुके हैं। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के रामलाल ठाकुर से है, जो पूर्व एथलीट और पांच बार विधायक रह चुके हैं। रामलाल इस संसदीय सीट से तीन बार चुनाव हार चुके हैं। यहां 19 मई को आखिरी चरण में मतदान हुआ था।  1996 में इस सीट से कांग्रेस के मेजर विक्रमजीत सिंह कंवर ने चुनाव जीता था, लेकिन उसके बाद लगातार 7 लोकसभा चुनावों से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। अनुराग के पिता प्रेम कुमार धूमल भी हमीरपुर लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं। क्रिकट की सियासत में भी अनुराग ठाकुर ने काफी नाम कमाया है। वे मई 2016 से फरवरी 2017 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनका क्रिकेट कॅरियर ना के बराबर रहा है। उन्होंने बतौर खिलाड़ी सिर्फ एक ही प्रथम श्रेणी मैच खेला, जिसमें वह बिना खाता खोले आउट हो गए थे।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में भाजपा के सुरेश चंदेल ने कांग्रेस प्रत्याशी राम लाल ठाकुर को 1615 (0.25%) वोटों के अंतर से हराया था। सुरेश चंदेल को 313243, जबकि राम लाल को 311628 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 61.47 रहा था। 2009 में भाजपा के अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र ठाकुर को 72732 वोटों के अंतर से हराया था। अनुराग सिंह को 373598, जबकि नरेंद्र ठाकुर को 300866 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 44.64 रहा था। 2014 में भाजपा के अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह राणा को 98403 वोटों के अंतर से हराया था। अनुराग सिंह को 448035, जबकि राजेंद्र सिंह को 349632 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 66.98 रहा था।

अनुराग ठाकुर का सियासी सफर
*2008 में पहली बार हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से उपचुनाव में सांसद चुने गए।
* 2009 और 2014 में भी इसी क्षेत्र से अनुराग ठाकुर सांसद बने।
* अनुराग भाजपा की युवा शाखा भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
* मई 2016 से फरवरी 2017 तक वह बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रहे।
* 25 साल की उम्र में हिमाचल प्रदेश राज्य क्रिकेट संघ के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने।
* 2016 में प्रादेशिक सेना में नियमित कमीशन अधिकारी बनने वाले पहले सांसद सदस्य बने।
* भारतीय जूनियर क्रिकेट टीमों का चयन करने के लिए 2001 में 26 साल की उम्र में सबसे युवा राष्ट्रीय चयनकर्ता बने।
* हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष।
* हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव।
* हॉकी हिमाचल प्रदेश के महासचिव।
* भारतीय ओलंपिक संघ के कार्यकारी सदस्य।
* अनुराग ठाकुर सेना में लेफ्टिनेंट भी बन चुके हैं।
* सेना प्रमुख जनरल सुहाग ने अनुराग ठाकुर को खुद टेरिटोरियल आर्मी में शामिल किया था।

- मुरली देवड़ा के बेटे मिलिंद देवड़ा

मुंबई दक्षिण सीट से शिवसेना के अरविंद गनपत सावंत मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा को हरा दिया है। सावंत करीब 53 फीसदी वोट शेयर के साथ 1 लाख वोटों से जीते हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संप्रग सरकार में पेट्रोलियम मंत्री रहे दिवंगत मुरली देवड़ा के बेटे मिलिंद देवड़ा मुंबई दक्षिण से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। यहां उनका मुकाबला शिवसेना के अरविंद सावंत और बसपा के मिस्त्रीलाल गौतम से है। यहां चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान संपन्न हुआ था। मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट पर 50.69 फीसदी मतदान हुआ था। मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट पर 13 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। इसी साल 25 मार्च को कांग्रेस की मुंबई इकाई के अध्यक्ष संजय निरुपम को अचानक उनके पद से हटा कर, मिलिंद देवड़ा को उऩकी जगह मुंबई में कांग्रेस की कमान सौंप दी गई थी।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा ने भाजपा प्रत्याशी जयवंती बेन मेहता को 10246 (3.73%) वोटों के अंतर से हराया था। मिलिंद देवड़ा को 137956, जबकि जयवंती बेन को 127710 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 44.22 रहा था। 2009 में कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा ने मनसे प्रत्याशी बाला नंदगांवकर को 112682 वोटों के अंतर से हराया था। मिलिंद देवड़ा को 272411, जबकि नंदगांवकर को 159729 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 40.37 रहा था। 2014 में शिवसेना के अरविंद सावंत ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलिंद देवड़ा को 128564 वोटों के अंतर से हराया था। अरविंद सावंत को 374609, जबकि मिलिंद देवड़ा को 246045 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 52.49 रहा था।

- शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले

राकांपा प्रमुख शरद पवार की पुत्री सुप्रिया सुले ने पश्चिमी महाराष्ट्र की बारामती सीट 1.55 लाख से अधिक वोटों के अंतर से अपने पास बरकरार रखने में सफलता पायी है। बारामती को पवार परिवार को गढ़ माना जाता है। सुले को 6,86,714 वोट मिले जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार कंचन कुल को 5,30,940 मत मिले। सुले को 52.63 फीसदी वोट हासिल हुए जबकि कुल को 40.69 फीसदी वोट हासिल हुए। वंचित बहुजन अगाडी उम्मीदवार नवनाथ पडालकर को 44,134 वोट प्राप्त हुए। सुले ने इस बार अपनी जीत का अंतर बेहतर किया। पिछली बार वह बारामती से आरएसपी के महादेव जानकर के खिलाफ 69,719 वोटों से जीते थी। 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले महाराष्ट्र की बारामती लोकसभा सीट से अपनी किस्मत आजमा रही हैं। वे यहां से मौजूदा सांसद भी हैं। उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार कंचन कुल से है। सुप्रिया सुले 2006 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुनी हुईं। 2009 में उन्होंने पिता शरद पवार की पारंपरिक सीट बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बारामती सीट पर 23 अप्रैल को तीसरे चरण में वोट डाले गए थे।

पिछले तीन आम चुनावों में क्या रही है स्थिति:
2004 में राकांपा के शरद पवार ने भाजपा प्रत्याशी पृथ्वीराज साहेबराव को 422975 (47.35%) वोटों के अंतर से हराया था। शरद पवार को 634555, जबकि पृथ्वीराज को 211580 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 48.38 रहा था। 2009 में राकांपा की सुप्रिया सुले ने भाजपा प्रत्याशी जय सिंह कांता को 336831 वोटों के अंतर से हराया था। सुप्रिया सुले को 487827, जबकि जय सिंह कांता को 150996 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 46.07 रहा था। 2014 में राकांपा की सुप्रिया सुले ने आरएसपीएस प्रत्याशी महादेव जगन्नाथ को 69719 वोटों के अंतर से हराया था। सुप्रिया सुले को 521562, जबकि महादेव जगन्नाथ को 451843 वोट मिले थे। यहां मतदान का प्रतिशत 58.83 रहा था।

- कुमारास्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी

लोकसभा चुनाव में कर्नाटक में देवगौड़ा परिवार को दोहरा झटका लगा है। इस चुनाव में न सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा को शिकस्त का सामना करना पड़ा, बल्कि उनके पोते एवं मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी को भी करारी हार मिली। देवगौड़ा परिवार से सिर्फ एक सदस्य ही इस चुनाव में जीत हासिल कर सके। देवगौड़ा के एक अन्य पोते एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री एच डी रेवन्ना के बेटे प्रज्वल रेवन्ना ने हासन सीट पर जीत दर्ज की।
 
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी राज्य के मांड्या लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। निखिल मांड्या से जेडीएस और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार हैं। कांग्रेस और जेडीएम के सीट बंटवारे के तहत मांड्या सीट कांग्रेस जेडीएस के खाते में आई थी। यहां 18 अप्रैल को दूसरे चरण में वोट डाले गए थे।

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