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लोकसभा चुनाव 2019: बंगाल में मतदान के दौरान हुई भारी हिंसा दे रही थी परिवर्तन का संकेत

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पिछले लोकसभा चुनाव में बंगाल के अंदर सिर्फ 2 सीट हासिल करनेवाली भारतीय जनता पार्टी ने इस बार राज्य में बेहद शानदार प्रदर्शन कर ममता के किले में सेंध लगा दी। लेकिन, लोकसभा चुनाव के दौरान इस बार गलत वजहों से पश्चिम बंगाल लगातार सुर्खियों में बना रहा। वहां से सिर्फ हिंसा और बवाल की खबर हर चरण, हर रैली और हर हफ्ते आती रही। पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं और इस बार यहां पर सात चरणों में वोटिंग कराई गई है।

हर चरण की वोटिंग के दौरान यह हिंसा के चलते हेडलाइन में बनी रही। इस बार के चुनाव में यहां पर हत्या, आपसी टकराव, पत्थरबाजी, लाठीचार्ज, फायरिंग इसके गवाह रहे। बीजेपी, तृणमूल कांग्रेस और वापंथी दलों ने एक दूसरे के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर हत्या और पिटाई करने का आरोप लगाया। लेकिन, इस हिंसा की शुरुआत दरअसल पिछले साल हुए पंचायत चुनाव के दौरान ही हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब पचास लोग इस चुनाव के दौरान मारे गए थे।

ममता के सामने गढ़ बचाने की थी चुनौती

लोकसभा चुनाव के दौरान वैसे तो छिटपुट हिंसा की खबर कई राज्यों से आई लेकिन सबसे ज्यादा बवाल अगर कहीं हुआ तो वह था ममता बनर्जी के गढ़ पश्चिम बंगाल में। एग्जिट पोल ने भले ही चुनाव बाद यह जाहिर कर दिया हो यहां पर भारतीय जनता पार्टी को बड़ी बढ़त मिलने जा रही है, लेकिन जिस तरह का टकराव तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच देखा गया, उससे साफतौर पर संकेत मिल रहे थे राज्य में बड़े परिवर्तन के।

पश्चिम बंगाल में हर चरण में हुआ बवाल

पश्चिम बंगाल एक ऐसा राज्य है जहां तकरीबन लोकसभा चुनाव के हर चरण में भारी हिंसा देखने को मिली और यहां के सियासी मैदान में उतरे उम्मीदवारों पर हमले किए गए, उनकी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया गया और राजनीतिक समर्थकों की जमकर पिटाई की गई। लेकिन सबसे बड़ा बवाल आखिरी चरण के चुनाव प्रचार से ठीक पहले उस वक्त देखने को मिला जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कोलकाता रोड शो में उनके ट्रक के ऊपर डंडे फेंके गए।

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आखिरी चरण में सबसे ज्यादा बवाल

जिसके बाद हुई हिंसा में आगजनी, लाठी चार्ज के साथ विद्यासगर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए चुनाव आयोग को एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार पर रोक लगाना पड़ा। लेकिन, हिंसा इतना भर से ही नहीं थमी। पश्चिम बंगाल में सातवें चरण में नौ लोकसभा सीटों के लिए हो रही वोटिंग के बीच डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे बीजेपी कैंडिडेट निलांजन रॉय की कार पर हमला हुआ है। यहां के डोंगरिया इलाके में रॉय की कार पर हमला हुआ। बीजेपी ने इसको लेकर टीएमसी गुंडों पर आरोप लगाया।

छठे चरण में बीजेपी उम्मीदवार पर हमला

छठे चरण के दौरान पश्चिम बंगाल से सबसे ज्यादा हिंसा की खबर सामने आई। बंगाल की बहुचर्चित पूर्व IPS ऑफिसर और घाटल सीट से बीजेपी प्रत्याशी भारती घोष ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदतमीजी की। उन्होंने आरोप लगाया है कि केशपुर में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी की। TMC कार्यकर्ताओं ने भारती घोष की गाड़ी पर भी हमला कर दिया।

पांचवें चरण में भी बंगाल में सबसे ज्यादा हिंसा, बीजेपी कैंडिडेट पर हमला

पश्चिम बंगाल में पांचवें चरण के दौरान भले ही सबसे ज्यादा 74 फीसदी वोटिंग हुई लेकिन सबसे ज्यादा बवाल भी यहीं पर देखने को मिला। पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। यहां से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने कहा कि मुझ पर टीएमसी के गुंडों ने हमला किया। इन गुंडों को बाहर से लाया गया था। ये लोग वोटरों को डरा रहे हैं। मैं भी घायल हो गया हूं। भाजपा ने यहां दोबारा मतदान कराने की मांग की।

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चौथे चरण में भारी हिंसा, आसनसोल से बीजेपी उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो की गाड़ी तोड़ी

चौथे चरण में भी पश्चिम बंगाल से भारी हिंसा की खबर आई। आसनसोल के कुछ बूथों पर जमकर बवाल हुआ और यहां के सियासी मैदान में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर उतरे बाबुल सुप्रियो की गाड़ी पर हमला कर शीशे तोड़ दिए गए। बीजेपी के उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो ने ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हार के डर से ममता बनर्जी की पार्टी बड़ी गड़बड़ी करने की कोशिश कर रही हैं। यहां से बाबुल के खिलाफ टीएमसी की मुनमुन सेन चुनावी मैदान में हैं।

जबकि, दुबराजपुर इलाके में केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं जिन्होंने मोबाइल फोन के साथ मतदान केंद्रों के अंदर जाने से रोके जाने पर सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया था। मतदान के दौरान हिंसा की अधिकतर घटनाएं पश्चिम बंगाल में हुई जहां तीन लोग मारे गए और करीब 10 घायल हुए।

तीसरे चरण में टीएमसी काउंसलर के पति पर हमले के बाद बंगाल में बवाल

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान शुरू होने से पहले पश्चिम बंगाल से हिंसा की खबरें आई। चुनाव आयोग ने मामले में संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी। ऐसा बताया गया कि टीएमसी काउंसलर के पति पर दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। कुछ हमलावरों ने टीएमसी काउंसलर के पति पर अचानक हमला बोल दिया है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। टीएमसी ने आरोप लगाया कि हमले के पीछे सीपीएम और कांग्रेस का हाथ है। जबकि, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से हिंसक घटना सामने आयी। यहां पर डोमकाल म्युनिसिपलिटी में देश बम से टीएमसी के तीन कार्यकर्ता घायल हो गए।
 

दूसरे चरण में भी बंगाल में हिंसा, मोहम्मद सलीम की कार पर हमला

दूसरे चरण के दौरान पश्चिम बंगाल से सबसे ज्यादा हिंसा की खबरें आई। दोपहर करीब 12:40 बजे पश्चिम बंगाल के रायगंज में सीपीएम उम्मीदवार मुहम्मद सलीम की कार पर इस्लामपुर में हमला किया गया। इस हमले में उनकी कार के शीशे टूट गए। हालांकि, मुहम्मद सलीम सुरक्षित रहे। सीपीएम ने हमले के पीछे तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हाथ होने का संदेह व्यक्त किया। इससे पहले 11:37 बजे पश्चिम बंगाल के ही दिनाजपुर में सुरक्षाबलों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर जाम लगा रहे लोगों पर लाठी चार्ज किया था और आंसू गैस के गोले दागे थे।

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  • Web Title:Lok Sabha election result 2019 Violence during voting in Bengal was indicative of change