Know about Indira Gandhi connection with Faridabad Lok Sabha seat - फरीदाबाद में इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी से बदली चुनाव की सूरत DA Image
18 नबम्बर, 2019|2:26|IST

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फरीदाबाद में इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी से बदली चुनाव की सूरत

                                    photo- facebook indira gandhi

पहली गैर कांग्रेसी जनता पार्टी की सरकार ने कुछ दिन बाद ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद इंदिरा गांधी को यहां फरीदाबाद में बड़खल झील पर लाया गया। पहले से ही फरीदाबाद वासियों के बीच खासी लोकप्रिय रही इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी की जानकारी से हजारों लोग बड़खल मोड़ पर जमा हो गए। लोगों का हुजूम देखकर इंदिरा गांधी कार से उतरकर सड़क पर बैठ गईं। इसी आंदोलन और लोगों के आक्रोश के बाद वर्ष 1980 में हुए सातवें आम चुनाव में कांग्रेस की चुनावी तस्वीर बदल गई। इस सीट पर कांग्रेस के पूर्व सांसद तैयब हुसैन ने जनता पार्टी के खुर्शीद अहमद को मात्र 158 मतों से *हराया था।

इस चुनाव से पहले जनता पार्टी की सरकार के बावजूद कांग्रेस और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई। हालांकि हरियाणा में देवीलाल और सूरजभान जैसे जनता पार्टी के नेताओं का वर्चस्व बना हुआ था, लेकिन भजनलाल ने राजनीतिक सूझबूझ से हरियाणा की सरकार पर कब्जा कर लिया। इसका लाभ चुनाव में कांग्रेस को हुआ। वर्ष 1980 में हुए आम चुनाव में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया और दस में से पांच सीटे जीतकर मजबूत वापसी की। बाकी की पांच सीटों पर जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। 

इंदिरा गांधी ने हरियाणा में चुनाव से पहले कई जनसभाएं कीं। इसलिए एक बार फिर इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की जीत हुई। 

लोकसभा चुनाव का परिणाम 

उम्मीदवार पार्टी प्राप्त मत मत फीसदी
तैयब हुसैन कांग्रेस 151665 34.40%
खुर्शीद अहमद जनता पार्टी 151507 34.37%
धर्मवीर वशिष्ठ जेपीएन एस 119043 27.00%
पीएन वर्मा निर्दलीय 07463 01.69%
केएस सरदाना निर्दलीय 02881 00.65%
पीसी अग्रवाल निर्दलीय 02789 00.63%
एसआर बौध आरपीके 01895 00.43%

सीट मात्र 158 मतों के अंतर से जीती

वर्ष 1980 में हुए आम चुनाव में कांग्रेस फरीदाबाद लोकसभा सीट मात्र 158 मतों के अंतर से जीती। कांग्रेस ने इस चुनाव में अपने पूर्व सांसद तैयब हुसैन को मैदान में उतारा। जबकि उनका मुख्य मुकाबला जनता पार्टी के उम्मीदवार खुर्शीद अहमद से रहा। कांग्रेस उम्मीदवार तैयब हुसैन को इस चुनाव में 151665 मत प्राप्त हुए। जबकि खुर्शीद अहमद को 151507 वोट मिले और इस कड़ी टक्कर में कांग्रेस के तैयब हुसैन यह चुनाव जीतकर सातवीं लोकसभा के सांसद बने। इस चुनाव में 740832 मतदाताओं में से 449927 मतदाताओं ने मतदान किया।

इंदिरा-भजनलाल का जादू

जनता पार्टी के बिखराव के बाद हरियाणा में मुख्यमंत्री भजनलाल और इंदिरा गांधी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही थी। कांग्रेसी नेता बीआर ओझा बताते हैं कि इंदिरा गांधी ने चुनाव से पहले हरियाणा में कई जनसभाएं कीं। फलस्वरूप लोकसभा चुनाव में एक बार फिर इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की जीत हुई। कांग्रेस ने इस चुनाव में करीब 43 फीसदी वोटों के साथ 353 लोकसभा सीटें जीतीं। हरियाणा की 10 में पांच सीटें कांग्रेस के खाते में गईं।

चुनाव से पहले फरीदाबाद आई थीं इंदिरा गांधी

बुजुर्ग कांग्रेसी नेता बीआर ओझा बताते हैं कि देश बंटवारे के समय पाकिस्तानी इलाके से आए लोगों को यहां बसाया गया। तभी से नेहरू और इंदिरा का फरीदाबाद एनआईटी से विशेष लगाव रहा। फरीदाबाद विकास बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद थे, विकास कार्यों की देखभाल और लोगों से मिलने इंदिरा गांधी आती रहती थीं। इस चुनाव से पहले जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो बड़खल लाया गया। जनता पार्टी के लोगों को यह अंदाजा नहीं था कि फरीदाबाद जैसी छोटी जगह में उनके इतने समर्थक होंगे। जब उन्हें रिहा किया गया तो कुछ दिन बाद ही वह फरीदाबाद आईं। 

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