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किस्सा 1957 का: जब बिहार में जवाहरलाल नेहरू ने चांदी की कुर्सी को ठोकर मारकर हटा दिया, जानें क्यों

                                           photo- bccl

Lok Sabha Elections: दूरदर्शी नेता कई बार अपने हावभाव से भी जनता को संदेश देते हैं। ऐसा ही कुछ किया था आजादी के बाद दूसरे लोकसभा चुनाव में देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने। वह 1957 में बिहार में भागलपुर लोकसभा सीट से बनारसी प्रसाद झुनझुनवाला के समर्थन में चुनावी सभा करने आए थे। नेहरू के लिए मंच पर कुर्सेला महाराज के रजवाड़े से चांदी की कुर्सी मंगाई गई। नेहरू मंच पर पहुंचे तो वह नाराज हुए और कुर्सी को पैर मारकर हटा दिया।

कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता तालिब अंसारी बताते हैं कि नेहरू हवाईजहाज से भागलपुर के उसी मैदान पर उतरे थे, जो अभी हवाई अड्डा है। वह जीप में बैठकर सैंडिस कंपाउंड की सभा को संबोधित करने पहुंचे। मैदान में मिट्टी के टीले पर नेहरू के लिए मंच बनाया गया। अंसारी बताते हैं नेहरू चांदी की कुर्सी देख न सिर्फ नाराज हुए बल्कि पैर से मारकर हटा दिया। उन्होंने कहा, देश आजाद हो गया है, अब जनता का शासन है। जनता को बैठने के लिए दरी नहीं है, तो मैं चांदी की कुर्सी पर कैसे बैठूं?

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  • Web Title:kissa 1957 ka when first prime minister jawaharlal nehru kicked silver chair and remove it from the stage