Khagaria Lok Sabha Seat: indecision condition in announcement of NDA and Mahagathbandhan candidates - लोकसभा चुनाव 2019: खगड़िया में एनडीए और महागठबंधन के प्रत्याशी पर असमंजस DA Image

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लोकसभा चुनाव 2019: खगड़िया में एनडीए और महागठबंधन के प्रत्याशी पर असमंजस

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खगड़िया लोकसभा सीट एक बार फिर लोजपा के खाते में गई है। लेकिन प्रत्याशी को लेकर पेच फंसा है। वहीं महागठबंधन से किस दल के कौन उम्मीदवार होंगे, इस पर भी संशय बरकरार है।

संभावित प्रत्याशियों में अंदर ही अंदर बैचेनी
तस्वीर साफ नहीं होने से मतदाताओं में असमंजस की स्थिति है वहीं संभावित प्रत्याशियों में अंदर ही अंदर बैचेनी है। आखिर हो भी क्यों नहीं, गठबंधन की राजनीति में कब किसका पत्ता साफ हो जाय और कब किसे टिकट मिल जाए कहना मुश्किल है। सूत्रों की माने तो लोजपा से टिकट लेने की होड़ में निवर्तमान सांसद चौधरी महबूब अली कैसर व जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव डॉ. संजीव कुमार रेस में हैं। हालांकि पूर्व सांसद सह मंत्री रेणु कुशवाहा भी अपने को रेस में बता रही हैं।
 
खगड़िया सीट पर लोजपा प्रत्याशी को लेकर मंथन जारी
डॉ. संजीव परबत्ता के जदयू विधायक आरएन सिंह के बेटे हैं। रेणु कुशवाहा यहां की एक मात्र महिला सांसद है। वह विधायक के साथ-साथ बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। श्रीमती रेणु 1999 के संसदीय उपचुनाव में जदयू की टिकट पर विजयी हुई थी। एनडीए और लोजपा के लिए खगड़िया सीट कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार को जारी प्रत्याशियों की सूची में केवल खगड़िया का ही नाम ब्लैंक था। खगड़िया सीट पर प्रत्याशी को लेकर मंथन जारी है।

महागठबंधन में कृष्णा कुमारी यादव राजद से रेस में
महागठबंधन में यह सीट किसके खाते में जाएगी यह तय नहीं है। लेकिन कृष्णा कुमारी यादव राजद से रेस में हैं। हसनपुर विस के पूर्व विधायक सुनील कुमार पुष्पम के भी रेस में होने की बात कही जा रही है। कृष्णा पूर्व विधायक व बाहुबली रणवीर यादव की पत्नी व सदर विधायक पूनम देवी यादव की बहन है। 2014 के लोकसभा चुनाव में कृष्णा कुमारी यादव दूसरे नंबर पर रही थीं। 

नजरें अपने-अपने पार्टी के अलाकमान पर टिकी
कृष्णा 76 हजार मतों से पराजित हुई थी। इस चुनाव में विजयी लोजपा प्रत्याशी चौधरी महबूब अली कैसर को तीन लाख 13 हजार 806 मत मिले थे, जबकि दूसरे स्थान पर रही कृष्णा कुमारी यादव को दो लाख 37 हजार 803 वोट मिली थी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि महागठबंधन के तहत यदि खगड़िया सीट वीआईपी को गई तो मुकेश सहनी या फिर डॉ. राजनंदन चौधरी (सहनी) अपनी दावेदारी दे सकते हैं। फिलवक्त सबकी नजरें अपने-अपने पार्टी के अलाकमान पर टिकी है कि वे किस उम्मीदवार को इस चुनावी जंग में उतारते हैं। 

जदयू का गढ़ खगड़िया, छह में पांच विस पर कब्जा
खगड़िया। खगड़िया संसदीय क्षेत्र जदयू का गढ़ माना जाता है।  इस संसदीय क्षेत्र में छह विधानसभा आते हैं। इसमें पांच पर जदयू का ही कब्जा है। खगड़िया सदर, परबत्ता, बेलदौर, सिमरी बख्तियारपुर व हसनपुर पर जदयू का तो वहीं अलौली सुरक्षित सीट पर राजद कब्जा है। 2015 के विधान सभा चुनाव में  जदयू की टिकट पर खगड़िया सदर से पूनम देवी यादव, परबत्ता से आरएन सिंह, बेलदौर से पन्ना लाल पटेल, सिमरी बख्तियारपुर के दिनेश चन्द्र यादव व हसनपुर से  राज कुमार राय चुनाव जीते थे। जबकि अलौली सुरक्षित क्षेत्र से राजद के चंदन कुमार बाजी मारी थी।  

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