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जमुई लोकसभा सीट: एनडीए और महागठबंधन के स्टार प्रचारकों के दौरे से गरमाई सियासत

jamui lok sabha constituency  ljp leader chirag paswan from ndas and bhudev choudhary of mahagathban

जमुई सुरक्षित लोकसभा सीट पर 11 अप्रैल को प्रथम चरण में मतदान होना है। यहां नौ प्रत्याशी मैदान में हैं जिसमें मुख्य रूप एनडीए और महागठबंधन के प्रत्याशी पूर्व और निवर्तमान सांसद के बीच मुकाबला माना जा रहा है। जहां एनडीए से चिराग पासवान हैं तो वही महागठबंधन की तरफ से रालोसपा से भूदेव चौधरी हैं। दोनों जमुई से पहले भी एमपी का चुनाव जीत चुके हैं। दोनों के अपने मजबूत जनाधार भी हैं और दोनों ने एनडीए से ही पहले चुनाव लड़ कर जीत हासिल की है। दोनों प्रत्याशियों की शाख दांव पर लगी है।

एनडीए और महागठबंधन दोनों ने पूरी ताकत झोंकी 
कोई इस चुनाव में पीछे नहीं रहना चाहते इस बाबत दोनों ने अपनी पूरी ताकत इस चुनाव में झोंक दी है। इस वजह से जमुई लोकसभा के हर विधान सभा क्षेत्र में दोनों पार्टियों के स्टार प्रचारक अपने गठबंधन के प्रत्याशी के पक्ष में सभा कर रहे हैं। एनडीए के तरफ से जहां पीएम नरेंद्र मोदी ने चिराग के लिए जमुई की धरती पर पहली बार आकर प्रचार किया वहीं भूदेव के लिए महागठबंधन की तरफ से बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव जमुई व जमुई लोकसभा के अन्य क्षेत्रों में सभा कर रहे हैं। 

बड़े बड़े नेताओं के जमुई में आने की संभावना 
आगामी कुछ दिनों में और भी बड़े बड़े नेताओं के जमुई में आने की संभावना है। शनिवार को एनडीए की तरफ से स्टार प्रचारक राजनाथ सिंह की जमुई के कृष्ण सिंह स्टेडियम में सभा होने वाली है। साथ ही आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार भी जमुई में प्रचार करने के लिए आने वाले हैं।

राजनीतिक पंडितों के बीच चर्चा का बिषय बना 
महागठबंधन ने भी अपने स्टार प्रचारकों के जरिये जमुई में पूरी ताकत झोंक दी है। संभावना है कि बीजेपी से अलग हुए शत्रुघ्न सिन्हा महागठबंधन के तरफ से जमुई में प्रचार करने आ सकते हैं। जमुई में स्टार प्रचारकों के दौरे से जनता भी चुनाव को लेकर काफी उत्साहित दिख रही है। जमुई में प्रचार के लिए बड़े राजनेताओं के आने से जमुई की सीट इसबार के 2019 लोकसभा में बड़े बड़े राजनीतिक पंडितों के बीच चर्चा का बिषय बना हुआ है। 

चैती छठ के कारण वोट प्रतिशत पर पड़ेगा असर
वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयास पर चैती छठ असर डाल  सकता है। चैती छठ का पहला अर्घ्य 11 अप्रैल को दिया जाएगा। इसी दिन लोकसभा चुनाव के लिए वोट भी डाले जाएंगे। इससे पहले 10 अप्रैल को लोहंडा का पर्व मनाया जाएगा। लोहंडा के दिन भी पूरे दिन निर्जला उपवास कर व्रती शाम में प्रसाद ग्रहण करती हैं और इसके बाद 36 घंटे का उपवास शुरू होता है। लोगों का मानना है कि उपवास में वोट डालना व्रतियों के लिए कठिन होगा। हालांकि चैती छठ का जोर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा होता है। शहरी क्षेत्र की वोट प्रतिशत पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन ग्रामीण इलाकों में वोट प्रतिशत पर असर पड़ सकता है। हालांकि जिला प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए भी भरपूर प्रयास कर रहा है।

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  • Web Title:Jamui Lok Sabha seat: rally of Star campaigners of NDA and mahagathbandhan for jamui