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तेज धूप और गर्म हवायें भी आधी आबादी के हौसले को डिगा नहीं पाई

आधी आबादी का जोश लोकतंत्र के महापर्व में भी दिखा। लोकतंत्र में अपने वोट की आहुति देने के लिए गोरखपुर की महिलाएं जोश से लबरेज नजर आयीं। आधी आबादी अपने वोट की ताकत पहचानती हैं, वो जानती है कि एक मजबूत सरकार बिना आधी आबादी की भागीदारी से बनाना नामुमकिन है। इसीलिए महिलाओं ने पूरे जोश और उत्साह के साथ लोकतंत्र में आहुति देते हुये अपने मताधिकार का प्रयोग कर दूसरों को जागरूक भी किया। 

सुबह से शहर सभी मतदान केन्द्रों में मतदान करने वालों की भीड़ थी। लेकिन ये भी सच है कि महिला मतदाताओं की लाइन सबसे लम्बी थीं। कहीं बुर्के में तो कहीं सूट और साड़ियां पहने लाइन में लगी महिलाओं ने 17 वीं लोकसभा के चुनाव में अपना मतदान दिया। अधिकत्तर महिलाओं ने सुबह 7 से 9 बजे और शाम से 4 से 6 बजे के बीच अपना मतदान कर लोकतंत्र निर्माण का कर्तव्य निभाया। गोरखपुर मे 8,95,300 महिला मतदाता हैं। 2014 के आम चुनावों में महिला मतदाताओं ने जमकर भागीदारी निभायी थी। 

गर्भवती महिलाओं में सबसे ज्यादा जोश
आम चुनाव में मतदान के लिए गर्भवती महिलाओं ने सभी पीड़ाओं को पीछे छोड़ते हुये अपने मतदान का प्रयोग किया। पादरी बाजार में रहने वाली प्रियंका श्रीवास्तव गर्भवती हैं और वो अपना वोट डालने सुबह-सुबह ही मतदान केन्द्र पंहुची। प्रियंका ने कहा कि हमें पांच साल में एक बार अपने पसंद की सरकार चुनने का मौका मिलता है, इसलिए किसी भी दशा में ये मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती थी। अपने शहर और देश को ध्यान में रखते हुये मतदान किया है। 

वोट के लिए दिल्ली की यात्रा स्थगित
राष्ट्र निर्माण के लिए वोट करने वाले अंकिता तिवारी को साक्षात्कार के सिलसिले में शनिवार को ही दिल्ली पंहुचना था लेकिन रविवार को वोटिंग का दिन था। अंकिता ने कहा कि मेरे लिये ये बहुत दुविधा पूर्ण था कि इंटरव्यू के लिए दिल्ली जाऊं या अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिये यहां रुक जाऊं और मतदान करूं। आखिरकार मतदान करने का फैसला लिया क्योंकि लोकतंत्र का ये पर्व पांच साल में एक बार आता है। 

मतदान की वजह से शादी में नहीं गईं
अर्चना गौड़ ने दोपहर तकरीबन दो बजे अपने मताधिकार का प्रयोग किया। आज के दिन मतदान भी करना है और आज ही कई सौ किलोमीटर दूर अर्चना की दोस्त की शादी भी है। अब अर्चना को तय करना था कि वो दोस्त की शादी में शिरकत करे या अपने वोट का प्रयोग करते हुये देश निर्माण मे सहयोग करें। आखिरकार अर्चना ने दोस्ती से ऊपर देश को रखते हुये अपने मताधिकार का प्रयोग करना जरूरी समझा और शादी में नहीं जा पायी।

उम्र के इस पड़ाव में भी हौसला भरपूर
आधी आबादी के जोश को अगर प्रेरणा मिलती है तो वो बुजुर्ग महिलाओं के हौसले को देखकर मिलती है। 80, 90, 100 या इससे ऊपर आयु की महिलाओं ने एक बार फिर 17 वीं लोकसभा के चुनाव में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चन्द्रावती देवी की उम्र 92 वर्ष और वो व्हील चेयर पर ही चलती हैं। लेकिन मतदान के प्रति उनका हौसला आज भी बुलंद हैं। चन्द्रावती ने महात्मा गांधी इंटर कॉलेज मतदान केन्द्र में अपने वोट का प्रयोग किया। इसी मतदान केन्द्र पर 80 वर्षीय अन्नूपर्णा श्रीवास्तव,96 वर्षीय पलटू ने जंगल धूषण में ,81 साल की बागेश्वरी देवी ने दाऊदपुर प्राथमिक विद्यालय, ने भी मतदान किया। 

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  • Web Title:Half population voted in hot wind in Gorakhpur