Flashback: Safe areas pressed into safe areas in the 15th Lok Sabha elections - फ्लैशबैक: 15वीं लोकसभा चुनाव में झारखंड के सुरक्षित सीटों पर खूब दबाया गया नोटा बटन DA Image
13 नबम्बर, 2019|5:41|IST

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फ्लैशबैक: 15वीं लोकसभा चुनाव में झारखंड के सुरक्षित सीटों पर खूब दबाया गया नोटा बटन

लोकसभा चुनाव में झारखंड की सुरक्षित सीटों पर सर्वाधिक नोटा में वोट डाले गए। साल 2014 में 15 वीं लोकसभा के लिए वोटिंग के दौरान नोटा के सर्वाधिक वोट एससी के लिए सुरक्षित सीट सिंहभूम और खूंटी में पड़े थे। सिंहभूम में 27,307 जबकि खूंटी में 23,816 वोट नोटा में डाले गए थे। नोटा के तहत सबसे कम 5791 वोट चतरा लोकसभा में पड़े थे। 

गौरतलब है कि साल 2014 में पहली बार लोकसभा चुनाव में नोटा का विकल्प दिया गया था। इससे पहले 2009 में राज्य विधानसभा के चुनाव में नोटा का विकल्प दिया गया था। 

घटती बढ़ती रही उम्मीदवारों की संख्या
लोकसभा की 14 सीटों के लिए 2004 में 182 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। 2009 में यह संख्या 249 हो गई। 2014 में उम्मीदवारों की संख्या घटकर 240 हो गई। प्रत्याशियों के कम होने के बावजूद वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई थी। 2014 में 12.84 प्रतिशत वोट अधिक पड़े थे।  इस साल चुनाव में झारखंड में पांच राष्ट्रीय पार्टियां भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सीपीआई, सीपीआई एम के अलावा झाविमो, झामुमो, आजसू और राजद के अलावा 31 अन्य निबंधित पार्टियों के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे।  

झारखंड में नोटा को 1.49 फीसदी वोट
1.49 फीसदी लोगों ने पहली बार नोट का इस्तेमाल लोकसभा चुनाव में किया था। क्षेत्रीय पार्टियों में सर्वाधिक 12.25 प्रतिशत वोट जेवीएम को मिले थे। वहीं जेएमएम को 9.42 प्रतिशत वोट मिलेे। बावजूद इसके जेएमएम को दुमका और राजमहल पर जीत मिली थी। क्षेत्रीय दलों में आजसू तीसरे नंबर पर थी, आजसू को 3.77 प्रतिशत और राजद को 1.66 प्रतिशत वोट मिले। भाजपा को 40.71 प्रतिशत वोट मिले थे। कांग्रेस को 13.48 प्रतिशत वोट मिले थे। बसपा को 1.10, भाकपा को .61 व सीपीआई एम को .53 प्रतिशत वोट मिले। 

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  • Web Title:Flashback: Safe areas pressed into safe areas in the 15th Lok Sabha elections