Election on the Nook: Who is listening to the poor in the market of Khadgadha - नुक्कड़ पर चुनाव: खादगढ़ा के बाजार में.....गरीब की बात कौन सुनता है DA Image

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नुक्कड़ पर चुनाव: खादगढ़ा के बाजार में.....गरीब की बात कौन सुनता है  

रातू रोड के खादगढ़ा सब्जी बाजार में मंगलवार की शाम काफी भीड़ थी। यहां शाम के समय हजारों लोग सब्जी खरीदने आते हैं। बाजार में सब्जी की खरीदारी के साथ चर्चा भी जमकर होती है। मंगलवार की शाम बाजार के चौराहे पर नींबू चाय की दुकान पर इसी तरह की चर्चा चल पड़ी। बात सब्जी की महंगाई से शुरू हुई और चुनाव तक पहुंच गई। 

एक वृद्ध ने कहा  पिछले कुछ वर्षों में जनजीवन में काफी बदलाव आया है। गरीबों के घर में शौचालय बना है। उनके घर में रसोई गैस का कनेक्शन लगा है। इसका असर तो चुनाव पड़ेगा। उनकी बात सुनते ही बगल में खड़े उनकी ही उम्र के आदमी बोल पड़े- सब  बकवास है। पांच साल में कुछो नहीं हुआ।  कोई बदलाव नहीं आया। दोनों की बात सुन रहे एक युवक भी बहस में उतर आया। उसने कहा- लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ जितना मजबूती से काम हुआ है आप उसको दरकिनार कैसे कर सकते हैं। आखिर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कौन किया? इसी सरकार ने। 

उसकी बात सुनते ही वहां खड़ा दूसरा युवक हंस पड़ा। उसने तेज आवाज में कहा- हां-हां, क्यों नहीं।  15 लाख रुपये का अब तक हम सभी लोग इंतजार कर ही रहे हैं। खाते में नहीं आए पैसे। रोजगार भी कम मिल रहा है। पहले कम से कम गरीबों की पूछ तो थी। इस बार का चुनाव हवा-हवाई नहीं होने वाला भाई। लोग सवाल तो पूछेंगे। 

बगल में खड़े में दूसरे युवक ने कहा- सही बोल रहे हैं। अब तो युवाओं को पकौड़ा बेचने की सलाह दी जा रही है। खुद को देश का चौकीदार बताने वाले लोग लाखों रुपए का ड्रेस पहनते हैं। बहस को शुरू करने वाले वृद्ध व्यक्ति अभी तक शांति से सबकी बात सुन रहे थे। इस बार वह हंसे- और जो खाते में 72 हजार देने की बात कर रहा है उससे भी तो पूछिये कि पैसा कहां से आएगा। सबकी बात सुन रहा नींबू चाय वाला इस बार बोला- गरीब के मन की बात कौन जानता है। उसके लिए कौन सोचता है।  वह तो केवल चुनाव के समय ही याद आता है।  बहस में शामिल लोग उसकी बात सुनकर मुस्कुराने लगे। 
 

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  • Web Title:Election on the Nook: Who is listening to the poor in the market of Khadgadha