Election on the Nook: There is no confidence in leader Nayi Jaan - नुक्कड़ पर चुनाव: अतिआत्मविश्वास कहीं नेता जी नैया ही न डूबो दे DA Image
10 दिसंबर, 2019|5:35|IST

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नुक्कड़ पर चुनाव: अतिआत्मविश्वास कहीं नेता जी नैया ही न डूबो दे   

चुनावी बिगुल बजने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। चौक-चौराहों से लेकर चाय और पान की दुकानों पर इन दिनों चर्चाएं राजनीति के ही ईद-गिर्द घूम रही हैं। गुरुवार की सुबह मोरहाबादी मैदान के एक चाय की दुकान पर कुछ लोग चाय की चुस्कियों के बीच बातों में मशगूल थे। चर्चाएं चल रही थीं, इसी दौरान एक सज्जन ने कहा- इस बार बीजेपी ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कड़िया मुंडा जैसे कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं दिया। कुछ समझ में नही आया। पार्टी के लिए खून-पसीना एक करनेवाले इन नेताओं के साथ ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था। तभी एक अन्य शख्स ने उनकी बात काटी- अरे भाई अब कितना ये लोग चुनाव लड़ेंगे।

इतनी उम्र तो हो गई है। अब आराम करें। इस पर पहले सज्जन ने कहा- भाई पार्टी ने तो इनको प्रचार करने लायक भी नहीं माना। इस पर दूसरे ने कहा- हां, इस बार इनकी अनदेखी किए जाने से दुख हो रहा है। फिर चर्चा में आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के पुराने दिनों को याद उनके कसीदे गढ़े जाने लगे। इसके बाद बात छिड़ी रांची के निवर्तमान सांसद रामटहल चौधरी की। इस पर एक शख्स ने कहा- सुने हैं कि इस बार चौधरी जी का नाम ही नहीं है और चौधरी जी बगावत करने के भी मूड में हैं। उनकी बात सुनते ही बगल में बैठे एक नौजवान ने कहा- अगर सही में पार्टी इनको टिकट नहीं देती है और ये निर्दलीय मैदान में उतरते हैं तो कहीं ऐसा न हो कि दो लोग आपस में लड़ ले और तीसरा निकल जाए। इसी कड़ी में खूंटी और गिरिडीह को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। इस पर चाय की चुस्की ले रहे एक व्यक्ति ने कहा-  ये दोनों सीटें तो बीजेपी की रही हैं तो बीजेपी एतना रिस्क काहे ले रही है। कहीं अतिआत्मविश्वास इनकी नैया न डूबो दे। अभी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि एक नौजवान ने उन्हें रोकते हुए कहा- कुछ भी हो जाए जनता ने अपना नेता चुन लिया है। वोट करने की औपचारिकता बाकी है। 
 

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