DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:
asianpaints

आओ राजनीति करें : सर्विस वोटर की गिनती का प्रशिक्षण देगा आयोग 

सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों के वोटों की गिनती करने के लिए विशेष इंतजाम होंगे। मतगणना से पहले चुनाव आयोग जिला स्तर के अधिकारियों को गिनती करने के तरीके का प्रशिक्षण देगा। इस बार सेना के तीनों अंग मतदान में उत्साह से शामिल हुए हैं। इन सर्विस वोटर के वोटों की गिनती बार कोड स्कैनर के जरिए की जाएगी। सर्विस वोटरों को जो मतपत्र दिए गए थे उनमें बार कोड लगाया गया था। 

फिलहाल जो तैयारी है उसके हिसाब से सैनिकों के वोटों की गिनती के लिए 10 मेज अलग लगाई जाएंगी। बार कोड स्कैनर एक घंटे में 350 से अधिकतम 400 वोटों की ही गिनती कर सकता है। राजधानी में 4 हजार 243 सर्विस वोटर हैं। इनके अलावा बाकी सभी अन्य कर्मचारी जिन्होंने पोस्टल बैलेट से मतदान किया है, उनके वोटों की गिनती के लिए पांच अलग मेज लगाई जाएंगी।

डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि मतगणना के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षण 16 मई को होगा। 23 मई के दिन दूसरा रैंडेमाइजेशन होगा। यानी कर्मचारियों की ड्यूटी तय होगी। मतगणना से ऐन पहले मेजों के इस आवंटन में कर्मचारियों को पता चलेगा कि उनकी ड्यूटी कहां लगी है।

इस बार 10 कमरों में होगी मतगणना
रमाबाई रैली स्थल स्थित कमरों में वोटों की गिनती होगी। अभी तक पोस्टल बैलेट भी ईवीएम के वोटों संग गिने जाते थे। इस बार सर्विस वोटरों और पोस्टल बैलेट की गिनती अलग कक्ष में की जाएगी। डीएम ने बताया कि नौ विधान सभा क्षेत्रों की ईवीएम मशीनों से वोटों की गिनती नौ कमरों में की जाएगी। एक कक्ष जो खाली रहता था वहां सर्विस वोटरों के मतों की गिनती होगी। इससे मतगणना का काम तेजी से होगा और नतीजे आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।   

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Come politics: Train the count of service voters will commission