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Loksabha Election 2019: वोटरों के सामने इस बार फर्स्‍ट डिविजन लाने की चुनौती

मतदान को लेकर जहां तैयारियां तेज हो गई है वहीं दूसरी ओर इस बार मतदान में फर्स्ट डिवीजन आने की चुनौती है। 2014 के लोकसभा चुनाव में जहां सदर विधानसभा में महज 49 फीसदी मतदान हुआ था वहीं 2018 के उप चुनाव में 52 फीसदी। पिछले वोटिंग प्रतिशत को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी आरके श्रीवास्तव ने बताया कि मतदान से जुड़ी सभी टीमों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है।

लोस चुनाव में सदर विस क्षेत्र में 50 फीसदी भी नहीं हुआ था मतदान 
जिला प्रशासन के सामने 60 फीसदी से अधिक वोटिंग है अब चुनौती 
वर्ष 2014 में सदर विधानसभा क्षेत्र में थी सिर्फ 49.13 फीसदी वोटिंग
इस चुनाव में सर्वाधिक 60 फीसदी वोटिंग पिपराइच विधानसभा में हुई
शेष अन्य विधान सभा क्षेत्रों में 53 से 55 फीसदी लोगों ने किया मतदान  

सभी को निर्देश दिए गए हैं कि मतदान प्रतिशत के लिए जागरूकता कार्यक्रम को बेहतर से बेहतर तरीके से चलाएं। 
2014 में जहां सदर विधानसभा में सबसे में मतदान हुआ था वहीं सबसे अधिक मतदान पिपराइच विधानसभा में दर्ज किया गया था। इसके साथ ही बाकी अन्य पर औसत 54 फीसदी मतदान हुआ था। 

सदर विधानसभा में मतदान प्रतिशत तब कम है जब यहां सभी सुविधाएं हैं। बूथों पर आसानी से पहुंचने की सुविधा और गांव की तुलना में वोेट के प्रति ज्यादा जागरूक। बावजूद इसके सदर विधानसभा में मतदान प्रतिशन अन्य विधानसभा क्षेत्रों की अपेक्षा कम ही रहता है। 

2014 सदर लोकसभा में वोटर और मतदान की स्थिति
विधानसभा        वोटर        मतदान         प्रतिशत 
सहजनवा        350430    193733        54
ग्रामीण            389193    211791        54.93
सदर            422448    207558        49.13
पिपराइच            379324    226697        60
कैम्पियरगंज        361969    198616        54.88  
 

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  • Web Title:Challenge to get first division before voters this time in Gorakhpur