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Lok Sabha Elections 2019- बिहार में कैडर साधने को बिना सपा के खम ठोक रही बसपा

यूपी सहित कई राज्यों में गलबहियां करने वाली सपा-बसपा की बिहार में राहें जुदा हैं। बसपा जहां सभी सीटों पर लड़ रही है, वहीं सपा चुनावी परिदृश्य से पूरी तरह गायब है। अलबत्ता चुनाव न लड़ने के कारण सपा के प्रदेश अध्यक्ष सहित कई अन्य पार्टी ही छोड़ गए। अब वे झंझारपुर से निर्दलीय मैदान में हैं। 

बसपा ने धीरे-धीरे बिहार के विभिन्न जिलों में अपना आधार वोट तैयार कर लिया है। खासतौर से यूपी से सटे राज्य के जिलों में यह आधार वोट मजबूती से उसके साथ है। यही कारण है कि दूसरे दलों में दाल न गल पाने की स्थिति में कई नेताओं ने चुनाव लड़ने के लिए बसपा को ही चुना है। 

दरअसल बिहार में सारी सीटों पर लड़ने के पीछे बसपा की मंशा अपने कैडर वोट को बांधे रखने की कवायद है। सपा और बसपा दोनों ने ही इस लोकसभा चुनाव में एनडीए और यूपीए दोनों से दूरी बना रखी है। सपा ने उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में तो बसपा से गठजोड़ कर लिया मगर बिहार में सपा चुनावी समर में पिछले पायदान पर सरक गई। 

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सपाई दबी जुबान में इसके पीछे एक बड़ा कारण राजद को मान रहे हैं। सपा आलाकमान यहां राजद नेतृत्व से भी संबंध बिगाड़ना नहीं चाहता। ऐसे में पार्टी ने यहां बसपा संग गठबंधन से भी दूरी बना ली। नतीजा यह हुआ कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव निर्दलीय झंझारपुर से खम ठोंक रहे हैं, जबकि सपा नेता श्रीभगवान प्रभाकर पटना साहिब सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। 

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  • Web Title:BSP trying to break cadre tools in Bihar