DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:
asianpaints

बसपा ने शर्तें नहीं मानीं तो वापस ले लिया नामांकन: फातमी

bsp

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री मो. अली अशरफ फातमी ने सोमवार को कहा कि मधुबनी में बसपा से नामांकन को लेकर उन्होंने दो शर्तें रखी थीं। पहली शर्त बसपा सुप्रीमो मायावती के मधुबनी में उनके पक्ष में चुनावी सभा करने और दूसरी शर्त मेरी व्यक्तिगत थी। दोनों शर्तें नहीं माने जाने पर मैंने अपना नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया। अब बसपा से मेरा कोई लेना देना नहीं है। लहेरियासराय के खाजासराय  स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में फातमी ने कहा, ‘बिहार ही एक ऐसा राज्य है जहां एनडीए काफी मजबूत है। नीतीश कुमार हमारे दोस्त रहे हैं और मैंने व्यक्तिगत रूप से कभी नीतीश कुमार की आलोचना नहीं की है।’ उन्होंने कहा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव यदि कठोर से कठोर बात भी कह देते तो मुझे सदमा नहीं पहुंचता। लेकिन तेजस्वी यादव के बयान ने मुझे सदमा पहुंचाया। इसलिए राजद में लौटने का सवाल ही नहीं उठता। फातमी ने कहा, ‘टिकट बंटवारे के एक दिन पूर्व तक मुझे मधुबनी से टिकट देने का आश्वासन दिया जा रहा था। लेकिन बिना जनाधार वाली वीआईपी पार्टी को मधुबनी सीट दे दी गई। इससे मैं स्तब्ध रह गया।  मेरा मकसद बीजेपी को हराना था इसलिए मैंने अपना नामांकन किया था। मो. फ़ातमी ने कहा कि मधुबनी से दो-दो पूर्व मंत्रियों के चुनाव लड़ने पर वहां के हमारे साथियों ने विचार कर मुझे नाम वापस लेने की सलाह दी।’  

लोकसभा चुनाव 2019: तीसरे चरण में इन दिग्गज नेताओं की किस्मत दांव पर


क्या जदयू में जा रहे हैं? पत्रकारों के इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फिलहाल मैं कहीं नही जा रहा हूं। जहां सम्मान मिलेगा वहां अवश्य जाऊंगा। मो. फातमी ने कहा कि जब वह पहली बार नौकरी छोड़कर आए थे तो नीतीश कुमार ही उनके सबसे बड़े प्रोमोटर थे।  

फोटो: 22-अप्रैल-दरभंगा-18: दरभंगा के लहेरियासराय के खाजासराय  स्थित अपने आवास पर सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते 
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री मो. अली अशरफ फातमी।  
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:BSP candidate md ali ashraf fatimi taken back his nomination from madhubani