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Amroha Lok Sabha Seat: निर्दलियों से लेकर वामपंथियों तक अमरोहा ने लगाया गले

amroha lok sabha seat

कभी मुरादाबाद का हिस्सा रहे अमरोहा को 15 अप्रैल  1997 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने पहली बार ज्योतिबा फुले नगर नाम से जिले का अस्तित्व प्रदान किया। हालांकि यह नाम उनकी सरकार के जाते ही बदल गया। सपा सरकार ने जिले का नाम बदलकर अमरोहा कर दिया। अमरोहा लोकसभा सीट पहले ही आम चुनाव से अस्तित्व में रही। गंगा किनारे बसा यह शहर कॉटन के कपडे, हाथ करघा बुनाई, मिटटी के बर्तनों, चीनी मिल और गलीचे के उत्पादन के लिए पहचाना जाता है।

अमरोहा संसदीय सीट इस मायने में मंडल की अन्य सीटों मुकाबले अलहदा है कि यह मंडल की इकलौती ऐसी सीट है जहां के वोटरों ने वामपंथियों को भी गले लगाया। दो बार इस सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के इशाक सम्भली को जिताकर संसद भेजा। इतना ही नहीं यहां के मतदाताओं ने अगर पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान को दो बार सांसद बनाया तो निर्दलीय हरीश नागपाल को भी देश की संसद तक पहुंचाया। बाद में हरीश के भाई देवेंद्र नागपाल भी राष्ट्रीय लोकदल के टिकट से यह सीट जीते। बसपा नेता राशिद अल्वी भी यहां से सांसद रह चुके हैं। पहले लोक सभा चुनाव में इस सीट से जीतने वाले  हिफुजुर्रहमान भी मंडल के इकलौते ऐसे जनप्रतिनिधि रहे जिन्होंने किसी एक ही सीट से जीत की हैट्रिक लगाई। इस बार भी इस सीट पर काफी दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है।

इतिहास के झरोखे से

अमरोहा शब्द संस्कृत शब्द आम्र शब्द से उत्पन्न माना जाता है। आम्र यानी आम। अपने नाम को चरितार्थ करते हुए यह शहर नाम के कारोबार के लिए प्रसिद्ध है। अमरोहवी आमों की खास पहचान है। ऐहासिक तथ्यों की बात करें तो अमरोहा पर सन 676 ई. से सन 1141 ई. तक भारद्वाज तागास ने शासन किया था। गयासुद्दीन बलबन ने इस क्षेत्र में विद्रोह का ऐसा क्रूर दमन किया था, जिसकी वजह से बदौन और अमरोहा सालों तक सन्नाटे में रहे। अमरोहा में ही अम्बर सुल्तानी ने मस्जिद भी बनवाया था। सैयद अब्दुल माजिद खान द्वारा बानवाया गया मुरादाबादी दरवाज़ा अब भी मौजूद है। यहाँ दिल्ली सल्त्नत और मुग़ल काल में बनवाए गए कई ऐतिहासिक स्मारक हैं। बाबा फरीद के वंशज आज भी इस क्षेत्र में बसे हैं। प्राचीन काल में लगभग दो शताब्दियों तक गुप्त वंश का शासन इस क्षेत्र पर रहा। बाद में यह क्षेत्र अवध के नियंत्रण में आ गया। परन्तु 1801 में यह क्षेत्र ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के अधीन हो गया।

आंकड़े बोलते हैं

2,321 वर्ग किलोमीटर में बसे इस शहर में 1,840,221 की आबादी बसी है. इसमें से लगभग 53% पुरुष और 47% महिलाओं की आबादी है. चुनाव समिति की 2009 की रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 1,173,915 है. यहाँ लिंगानुपात 1000:910 है, यानि यहाँ प्रति 1000 पुरुषों पे 910 महिलाएं हैं. यहाँ की औसत साक्षरता दर 63.84% है. 74.54% पुरुष यहाँ साक्षर हैं और 52.10% महिलाएं साक्षर हैं।

कुल मतदाता-1633188

महिला मदताता-764162

पुरुष मतदाता- 868915

अमरोहा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर 5 विधान सभा क्षेत्र आते है जिसमें से एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है;

विधानसभाएं

धनौरा (एस.सी.)

नौगावां सादात

अमरोहा

हसन पुर

गढ़मुक्तेश्वर

मौजूदा सांसद

अमरोहा के मौजूदा सांसद भाजपा के कंवर सिंह तंवर हैं।

तंवर ने अवर मैट्रिक तक पढ़ाई की है और पेशे से कारोबारी हैं।

21 जनवरी 1961 को जन्मे कंवर सिंह तंवर का स्थायी पता फतेहपुर बेरी दिल्ली है।

लोक सभा               सांसद      पार्टी         वर्ष से      वर्ष तक

पहली       मोहम्मद हिफजुर रहमान         भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस            1952        1957

दूसरी       मोहम्मद हिफजुर रहमान         भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस            1957        1962

तीसरी      मोहम्मद हिफजुर रहमान         भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस            1962        1967

चौथी        इशाक़ संभाली         कम्युनिस्ट पार्टी                                         1967      1971

पांचवी      इशाक़ संभाली         कम्युनिस्ट पार्टी                                         1971      1977

छठवीं       चंद्रपाल सिंह            भारतीय लोक दल                                      1977     1980

सातवीं     चंद्रपाल सिंह            जनता पार्टी                                                1980      1984

आठवीं     राम पल सिंह            भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस                             1984       1989

नौवीं        हर गोविंद सिंह         जनता दल                                                 1989      1991

दसवीं      चेतन चौहान            भारतीय जनता पार्टी                                 1991        1996

ग्यारहवीं  प्रताप सिंह                समाजवादी पार्टी                                           1996   1998

बारहवीं    चेतन चौहान            भारतीय जनता पार्टी                                   1998      1999

तेरहवीं     रशीद अल्वी             बहुजन समाज पार्टी                                 1999        2004

चौदहवीं   हरीश नागपाल         निर्दलीय                                                        2004  2009

पंद्रहवीं     देवेन्द्र नागपाल       राष्ट्रीय लोक दल                                        2009     2014

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