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2019 Lok Sabha Elections: जानिए, शरद पवार के लिए कितना मायने रखता है यह चुनाव और कैसा रह सकता है पार्टी का प्रदर्शन

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शरद पवार (Sharad Pawar) की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के लिए इस बार का चुनाव खास अहमियत रखता है, जिससे न सिर्फ वर्तमान बल्कि पार्टी का भविष्य भी तय होगा।

महाराष्ट्र के अंदर हर लोकसभा चुनावों में एनसीपी का वोट शेयर गिरता जा रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में एनसीपी की सीट घटकर आधी यानि चार सीट (उप-चुनाव मिलाकर पांच सीट) हो गई। जमीनी हकीकत को भांपकर 11 अप्रैल से शुरू हो रहे लोकसभा चुनावों में एक साथ उतरने का फैसला किया है। इस चुनाव से एनसीपी की महाराष्ट्र में भविष्य और राष्ट्रीय राजनीति में उसकी अहमियत तय होगी।

1999 से महाराष्ट्र में कभी दोहरे अंक नहीं हासिल

एनसीपी ने लोकसभा चुनाव की सीटों के दोहरे अंक हासिल करने के लिए काफी कोशिशें की। लेकिन 1999 में पार्टी के गठन के बाद से लेकर अब तक ऐसा नहीं हो पाया। साल 2004 के चुनावों में उनकी सीटों की संख्या बढ़कर 11 तक पहुंची लेकिन इनमें वो सीटें भी शामिल थी जो उन्होंने अन्य राज्यों में तीन सीटें जीती थी।

पवार ने चुनाव लड़ने का फैसला किया लेकिन पारिवारिक दबाव के चलते उन्हें कदम पीछे हटाने पड़े। उनके ऊपर सीनियर पार्टी नेता अजीत पवार के बेटे पार्थ को पुणे जिले के मवाल सीट से चुनाव में उतारने का दबाव था।

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पिछले चुनावों से हो सकता है बेहतर प्रदर्शन

इन कोशिशों का आखिर क्या मतलब है? राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार एनसीपी का प्रदर्शन बेहतर रहेगा लेकिन वह दोहरे अंक (डबल डिजिट) को नहीं छू पाएगी।

गेम प्लान

राज्य की 48 सीटों में से एनसीपी 22 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं। इनमें से उनका लक्ष्य 12 से 14 सीटों पर जीत हासिल करना है। इसके लिए उन्होंने 2017 से ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। इससे यह तय होगा कि पार्टी 2014 में करारी शिकस्त खाने के बाद एक बार फिर से उभरी है। साथ ही, लोकसभा चुनावों के छह महीने बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी अपना आधार बनाने को तैयार है।

यह चुनाव परिणाम शरद पवार के लिए खास मायने रखता है, उसकी वजह ये है कि 2023 में वह 83 साल के हो जाएंगे और शायद वह राजनीतिक रूप से सक्रिय न रहें।

पार्टी इस बात का भी संकेत देगी कि लोकसभा चुनाव बाद किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की सूरत में नई सराकर बनने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के खिलाफ विपक्षी नेताओं को एकजुट करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एनसीपी चीफ के एक करीबी सूत्र ने बताया- विपक्षी नेताओं को एकजुट करने में वह बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में स्पष्ट जनादेश न मिलने की सूरत में वह सभी के लिए स्वीकार्य चेहरे के तौर पर सामने आ सकते हैं।

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  • Web Title:2019 Lok Sabha elections know How will Sharad Pawar Nationalist Congress Party perform in Maharashtra