
पश्चिम बंगाल की जानी मानी शिक्षाविद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार से आने वाली कृष्णा बोस तीन बार लोकसभा का चुनाव जीत कर संसद पहुंची। वाजपेयी के शासनकाल में देश की विदेश नीति निर्धारण में...

ग्यारहवीं लोकसभा में 1996 में गया से चुनाव जीत कर संसद में पहुंचने वाली भगवती देवी की कहानी बाकी सांसदों से काफी अलग है। एक पत्थर तोड़ने वाली महादलित समाज की महिला संसद में पहुंचीं। न सिर्फ वह सांसद...

रानो एम शाइजा नगालैंड से लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद में पहुंचने वाली पहली महिला सांसद थीं। वर्ष 1977 के चुनाव में उन्होंने नगालैंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार होकिसे...

सुभाषिनी अली 1989 में कानपुर से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद में पहुंची। सुभाषिनी समाज के निर्बल वर्ग और महिला अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करने वाली...
समाजवादी नेत्री प्रमिला दंडवते सातवीं लोकसभा का चुनाव जीतकर 1980 में संसद में पहुंचीं। जीवनभर आम आदमी और महिलाओं के हक में आवाज उठाने वाली प्रमिला बहुमुखी प्रतिभा की धनी थीं। अपने संगठन...
दसवीं लोकसभा चुनाव के नतीजे जब 1991 में आए तो अविभाजित बिहार की 54 सीटों में से कांग्रेस ने सिर्फ एक सीट पर जीत दर्ज की। भले केंद्र में तब कांग्रेस की सरकार बनी थी पर बिहार में यह पार्टी का बुरा...
राजेंद्र कुमारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश के सीतापुर से लगातार तीन बार लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद में पहुंचीं। उन्होंने 1980 के बाद 1984 और 1989 में यहां से लोकसभा का चुनाव जीता। उत्तर प्रदेश की राजनीति...
गीता मुखर्जी वामपंथी आंदोलन और नारी सशक्तिकरण का सशक्त चेहरा थीं। पश्चिम बंगाल से लगातार सात बार लोकसभा में पहुंचने वाली गीता मुखर्जी लोकसभा की दमदार आवाज थीं। वे 1980 में पहली बार बंगाल के पनसुकरा...
मृणाल गोरे का नाम देश की जानी-मानी समाजवादी नेत्रियों में शुमार है। वे 1977 में मुंबई उत्तर से संसद सदस्य चुनीं गईं। वे सभासद, विधायक और सांसद के तौर पर लगातार गरीबों के लिए संघर्ष करती रहीं। मुंबई...
प्रेमलाबाई चह्वाण पहली बार 1973 में महाराष्ट्र के करड लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत कर संसद में पहुंचीं। वे कुल चार बार लोकसभा का चुनाव जीतीं। वहीं वे उच्च सदन राज्यसभा की भी सदस्य...