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22 जून, 2020|11:16|IST

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योगी आदित्यनाथ बोले-चंदा वसूली वाले लोग PIL दाखिल करके युवाओं के रोजगार की राह में बाधा बन रहे हैं

मुख्य बातें

योगी आदित्यनाथ बोले-चंदा वसूली वाले लोग PIL दाखिल करके युवाओं के रोजगार की राह में बाधा बन रहे हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'हिन्दुस्तान' के प्रधान संपादक शशि शेखर को शुक्रवार को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। अनलॉक 1.0 के इस सबसे बड़े इंटरव्यू में कोरोना से निपटने की तैयारी, रोजगार, लेबर लॉ, शिक्षक भर्ती और तबलीगी जमात से लेकर कांग्रेस के आरोपों से जुड़े सवालों का योगी ने विस्तार से जवाब दिया।  

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने जन्मदिन पर दिए इस इंटरव्यू में कहा- आज का हमारा संकल्प है कि पर्यावरण की रक्षा करें। उत्तर प्रदेश इस सीजन में 30 करोड़ वृक्ष लगाएगा। बन महोत्वस पर यूपी में एक ही दिन में 25 करोड़ वृक्ष लगाए जाएंगे। पीएम के मार्गदर्शन में हम लोगों ने नमामि गंगे यात्रा निकाली थी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी का आह्वान था कि क्या गंगा जी की अविरलता को लेकर हम संकल्प ले सकते हैं कि गंगा जी के दोनों तटों पर फलदार वृक्ष लगाएं। हमने इसकी शुरुआत कर दी है। पर्यावरण के अनुकूल वृक्षों को लगाने के साथ उन किसानों को जो अपनी खेत की मेढ़ पर पेड़ लगाएगा उसे मुफ्त में पौधे देंगे। किसानों को सब्सिडी भी देंगे। यह पूरी कार्ययोजना तैयार की है। अनेक मुद्दों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 'हिन्दुस्तान' के प्रधान संपादक खास बातचीत कर रहे हैं। 

 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे पास 32 लैब सरकारी और निजी हैं। हम 12 हजार प्रतिदिन टेस्ट कर रहे हैं। 15 जून तक 15 हजार टेस्ट और जून के अंत तक 20 हजार टेस्ट का लक्ष्य है। आज यूपी में 1 लाख 1 हजार 226 आइसोलेशन बेड मौजूद हैं।  हम लोगों ने एक एक जनपद में इसको स्थापित किया। लेवल 1 और जनरल हॉस्पिटल हैं। हम बिना लक्षण वाले मरीजों को लेवल 1 हॉस्पिटल ले जाते हैं। किसी केस को हमने बाहर नहीं घूमने दिया और ना ही होम क्वारंटाइन किया है। सारी व्यवस्था राज्य सरकार कर रही है। लेवल 2 के हॉस्पिटल में हर बेड में ऑक्सिजन की आपूर्ति हो और इसके साथ वेंटिलेटर की व्यवस्था है। जो गंभीर रूप से ग्रस्त हैं। हमने लेवल 3 के 25 हॉस्पिटल बनाए हैं। वहां हर तरह की व्यवस्था है। 

Fri, 05 Jun 2020 06:31 PM

शोध भी चल रहे हैं

कम्युनिटी प्रसार रोकने में आपका कहना है कि सफल रहे हैं। लेकिन क्या आपको लगता है कि शोध के लिए मेडिकल विभाग सही स्थिति में है क्योंकि बहुत से विभाग खाली पड़े हैं। 

हर स्तर पर यहां काम हो रहा है। चाहे प्लाज्मा थेरेपी हो या टेस्टिंग किट जिसके माध्यम से एक से डेढ़ घंटे में परिणाम आ जाए उस पर काम चल रहा है। आज के दिन हमारे लिए महत्वपूर्ण था कि हम हर नागरिक को जागरूक करें। उसे बेहतर उपचार की सुविधाएं दें। उपचार के साथ ही और कैसे बेहतर किया जाए उसको लेकर काम हो रहा है। सभी कोरोना वॉरियर काम कर रहे हैं।

 

Fri, 05 Jun 2020 06:14 PM

तबलीगी जमात पर सख्त कार्रवाई क्यों

जब कोरोना की शुरुआत हुई तो लगा कि सारा दोष एक तबगे, मरकज पर मढा जा रहा है,  आपको लगता है वह सही था

मरकज और तबलीगी ने जो किया था वह अक्षम्य था। क्योंकि बीमारी होना कोई अपराध नहीं है, लेकिन बीमारी यह जानते हुए कि संक्रमण बढ़ सकता है, और कैरियर बनें यह अक्षम्य है। तबलीगी जमात के लोगों ने जगह जगह संक्रमण फैलाया। जब पुलिस ने उन्हें निकाला, हॉस्पिटल ले जाया गया तो वहां भी जो उन्होंने जैसे काम किए, कहीं नंगे हो जाना, कहीं मेडिकल स्टाफ पर थूकना आदि, इस वजह से ये कटघरे में खड़े हुए। उस समय यदि ये लोग सावधानी बरतते तो जो ग्राफ देश में बढ़ा है वह इतना नहीं बढ़ता। 

चाहे जिन भी कारणों से रहा हो, बार बार अपील की जा रही थी कि सामने आइए, लेकिन जिस तरह की दलीलें दी गईं वह शरारत से कम नहीं था। उस समय दलील देना कि मरेंगे तो मस्जिद में मरेंगे, यह बहुत गलत था। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक है। हम लोगों ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की है। यदि हम सख्ती नहीं करते तो पूरा उत्तर प्रदेश, 23-24 करोड़ की आबादी संक्रमण की चपेट में होती। उस समय सख्ती का ही परिणाम है कि हमारे पास एक्टिव केस 3 हजार 500 हैं। हमारे यहां 5 हजार 600 से अधिक लोग ठीक होकर जा चुके हैं।   

Fri, 05 Jun 2020 06:07 PM

69000 शिक्षकों की भर्ती पर बोले योगी

पिछले तीन दिन में सबसे ज्यादा सवाल तीन चीजों पर आए... पुलिस परीक्षा हुई जिसमें तीन महीने पहले रिजल्ट आ गया, अभी तक मेडिकल नहीं हुई। शिक्षकों पर हाईकोर्ट का आदेश आया आपकी नीति का इंतजार है। कुछ वीडियो वगैरा के एग्जाम हुए लेकिन ज्वॉइनिंग नहीं हुई। आपको लगता है परिणाम और ज्वॉइनिंग के गैप को पाटा जा सकता है? इसके लिए क्या योजना है?

हमने पिछले तीन साल में 1 लाख 37 हजार पुलिस की भर्ती को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। हम इसलिए सफल हुए क्योंकि हमारे पास प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग की सुुविधा 6 हजार की थी, हमने इसे बढ़ाकर 12 हजार किए। हमें भर्ती ज्यादा करनी थी इसलिए पैरामिलिट्री और अन्य प्रदेश में ट्रेनिंग सेंटर भी लिए।लेकिन अन्य राज्यों में भी भर्ती होने की वजह से उनकी ट्रेनिंग चल रही है। इसलिए हमें सेंटर नहीं उपलब्ध होने की वजह से वेटिंग में रखा गया है। 

शिक्षकों की भर्ती की जो व्यवस्था है, जो हम कहते थे और सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा था कि मेरिट के आधार पर अच्छे शिक्षकों की भर्ती होने चाहिए। जनरल कैटेगरी मेरिट को 65 फीसदी और रिजर्व कैटिगरी को 60 फीसदी रखा। हमारे पास 69 हजार शिक्षकों की भर्ती करनी है। पहले केवल 1 लाख 5 हजार लोगों ने आवेदन किया, केवल 41 हजार लोग पास हुए, हमने उन्हें ज्वाइन करा दिया। दूसरी बार फिर 69 हजार की भर्ती निकाली। पहली बार की भर्ती में बीएड की भर्ती को एनसीटीई ने योग्य नहीं पाया। दूसरी बार जब योग्य माना तब 5 लाख से अधिक आवेदन आए। इसलिए मेरिट को आगे बढ़ाना पड़ा। इसके बाद कहना कि आपको 40 और 45 को ही मेरिट रखना चाहिए। लेकिन यह परीक्षा अथॉरिटी का अधिकार है कि मेरिट क्या रखा जाए ताकि अच्छे लोग आएं, जो सुप्रीम कोर्ट की मंशा है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के फैसले को सही माना। लेकिन काउंसिलिंग की प्रक्रिया जब होती तब उसे फिर स्टे किया गया है। हम डिवीजन बेंच जा रहे हैं, जो सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, उन्हीं तथ्यों को फिर रखने जा रहे हैं। कुछ लोग हैं जो हर अच्छे काम, क्योंकि उन्हें चंदे वसूली के माध्यम चाहिए, जो नहीं चाहते कि युवाओं को रोजगार मिले वे चंदा वसूली करके पीआईएल दाखिल करके बाधा डालते हैं। जब सुप्रीम कोर्ट कह चुका है, तब तो कोई बात नहीं आनी चाहिए थी। यह न्याय की लड़ाई है। राज्य सरकार युवाओं के हित में यह लड़ाई लड़ेगी। इसमें दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।   

Fri, 05 Jun 2020 05:54 PM

तीन हाईवे बदलेंगे यूपी की इकॉनमी

आपका महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट है पूर्वांचल और बुंदेलखंड हाईवे। क्या कोविड की वजह से आपके प्रॉजेक्ट लेट हो रहे हैं? क्या समयसीमा पर नहीं बना पाएंगे?

हमारा लक्ष्य था कि पूर्वांचल एक्सप्रेस को हम दिवाली की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। कोरोना की वजह से 2 महीने काम बंद रहा। लेकिन हमारा प्रयास होगा कि मेन हाईवे हम दिसंबर 2020 तक बना देंगे। और सर्विस लेन में 3 महीने और लगेंगे। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर भी काम शुरू हो चुका है। तीसरा हमारा हाईवे गोरखपुर लिंक का है उस पर भी काम शुरू होने जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण एक्सप्रेस वे बनने जा रहा है गंगा एक्सप्रेस वे। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने के लिए डीपीआर बन चुका है। साल के अंत तक इसका काम शुरू कर सकते हैं। ये तीन एक्सप्रेस वे यूपी की इकॉनमी की रीढ़ बन जाएंगे। हम यूपी को देश में सबसे अच्छी इकॉनमी बनाएंगे। पीएम का जो लक्ष्य है 2024 तक भारत की इकॉनमी को 5 ट्रिलियन डॉलर की बनाने की। उसमें यूपी का बड़ा रोल होगा। 

क्या कोरोना के बावजूद 2024 तक यह लक्ष्य पूरा होगा?

हां, पूरा होगा।  जिस तरह पीएम ने कार्ययोजना बनाई है वह लक्ष्य जरूर हासिल करेगा। भारत में वह क्षमता है। विषम परिस्थिति में भी देश को नई दिशा देने और लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सक्षण नेतृत्व है।

Fri, 05 Jun 2020 05:47 PM

तीन साल में 3 लाख करोड़ का निवेश

आप चाहते हैं कि जो लोग चीन से प्रॉजेक्ट हटाएं वे यूपी में आएं। आप डिफेंस कॉरिडोर चाहते हैं। यूपी में औद्योगिक शहर बनाए गए थे नोएडा और ग्रेटर नोएडा उनकी हालत बहुत ठीक नहीं है। आपको लगता है कि पहले हम गेटवे को ठीक करें?

नोएडा और ग्रेटर नोएडा तीन साल पहले जहां थे उससे आगे बढ़ चुके हैं। जेवर में हम दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बना रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से थोड़ी समस्या आई है, लेकिन हम इसे आगे बढ़ाएंगे। दुनिया के 100 सबसे अच्छे प्रॉजेक्ट में से एक जेवर एयरपोर्ट है। हम दुनिया का बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक सिटी के रूप में जेवर और उसके आसपास बसाएंगे। हमने व्यापक कार्ययोजना बनाई है। पिछले तीन साल में तीन लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। इससे लोगों के मन में विश्वास पैदा हुआ है। तीन साल पहले सैमसंग खुद को युपी से समेट रहा था। अब सबसे बड़ी फैक्ट्री यहां डाला है। टीसीएस पहले अपना कारोबार यहां से समेट रही थीं अब नोएडा में 30 हजार से ज्यादा  लोगों को रोजगार देने वाला सेंटर बनाया है। 

जो कंपनियां पहले चीन में थीं उन्होंने अब नोएडा को केंद्र बनाया है। चीन ही नहीं दुनिया में कहीं से भी निवेश आएगा तो भारत उनके लिए सबसे अच्छा स्थान है और भारत में यूपी सबसे बेहतर है।  

Fri, 05 Jun 2020 05:42 PM

निवेश लाने के लिए लेबर लॉ में बदलाव

आपने आयोग बनाया। श्रम सुधार में सबसे आगे यूपी रहा, सवाल श्रमिक अधिकारों का है कि श्रमिक अधिकारों को संरक्षित करते हुए व्यावसायिक गतिविधियों को कैसे बढ़ाया जाए?
 

हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि उद्योग चलेंगे तो ही श्रमिकों की सुरक्षा की गारंटी दे सकेंगा। जो मानते हैं कि उद्योग बंद करके हम श्रमिकों को सुरक्षा दे रहे हैं। वे उन्हें धोखा दे रहे हैं। हमने एक सुविधा दी है, जो पहले से उद्योग चल रहे हैं और उनमें जो श्रमिक हैं वे लेबर लॉ उद्योग के तहत ही चलेंगे। लेकिन जो नए उद्योग नए मैन पावर को लेना चाहते हैं तो एक हजार दिन के लिए हमने सभी लेबर लॉ को सस्पेंड करते हुए कुछ चीजें सुनिश्चित की है। मिनिमिन वेज का लाभ मिलना चाहिए। 8 घंटे से अधिक काम नहीं करा सकते हैं। लेबर और प्रबंधन दोनों की सहमति है तो अलग विषय है। महिलाओं को रात में काम पर नहीं बुला सकते। हर लेबर की सुरक्षा की गारंटी देनी होगी। इससे ज्यादा सुरक्षा क्या होगी। हम लेबर लॉ के नाम पर मजदूरों के पेट पर लात नहीं मार सकते। हमें इन लोगों को काम देना है। अधिक से अधिक लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। इसलिए हमें लेबर लॉ से संबंधित बदलाव करने पड़े। एमएसएमई सेक्टर में 30 लाख लोग काम करे हैं। बड़े उद्योग में 75 हजार लोग काम करे हैं।

Fri, 05 Jun 2020 05:33 PM

शोध बी चल रहे हैं

कम्युनिटी प्रसार रोकने में आपका कहना है कि सफल रहे हैं। लेकिन क्या आपको लगता है कि शोध के लिए मेडिकल विभाग सही स्थिति में है क्योंकि बहुत से विभाग खाली पड़े हैं। 

हर स्तर पर यहां काम हो रहा है। चाहे प्लाज्मा थेरेपी हो या टेस्टिंग किट जिसके माध्यम से एक से डेढ़ घंटे में परिणाम आ जाए उस पर काम चल रहा है। आज के दिन हमारे लिए महत्वपूर्ण था कि हम हर नागरिक को जागरूक करें। उसे बेहतर उपचार की सुविधाएं दें। उपचार के साथ ही और कैसे बेहतर किया जाए उसको लेकर काम हो रहा है। सभी कोरोना वॉरियर काम कर रहे हैं।

 

Fri, 05 Jun 2020 05:29 PM

कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं होने दिया

जो लोग आएं हैं माना जा रहा है कि उनकी वजह से कोरोना का प्रसार हो गया और यदि कोरोना फैलता है तो इलाके को बंद करना पड़ता है तो क्या यह बाधा नहीं उत्पन्न नहीं कर रहा है?

बीमारी से इनकार नहीं किया जा सकता है। वह इस समय संकट में है। उत्तर प्रदेश उसका घर है। हम उसे घर आने से रोक नहीं सकते। वह हमारा भाई है। उत्तर प्रदेश में हम उसका स्वागत कर रहे हैं। एक लाख से अधिक टीम हमारी स्क्रीनिंग कर रहे हैं। पहले क्वारंटाइन सेंटर में स्क्रीनिंग कर रहे हैं। जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं उन्हें घर ले जा रहे हैं। वहां भी निगरानी की जा रही है। फिर से मेडिकल स्क्रीनिंग हो रही है। कहीं भी कोई लक्षण दिखता है तो लोग खुद सूचना दे रहे हैं। उनकी जांच कराते हैं। लोगों को कोविड हॉस्पिटल में ले जाकर सुविधाएं देते हैं। बड़ी आबादी और बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद हमने कम्युनिटी ट्रांसमिशन में नहीं बदलने दिया। यही कारण है कि हम यूपी को सुरक्षित करने में सफल रहे। 

Fri, 05 Jun 2020 05:25 PM

प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने का प्लान

आपने कहा है कि प्रवासी मजदूरों को वापस ना जाना पड़े, उन्हें यहीं रोजगार मिले, जब राज्य में पहले से बेरोजगारी है तो आप कौन से कदम उठा रहे हैं कि उन्हें यहां रोजगार मिल सके।

प्रदेश में इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार हुई है। इस क्रम में हमने हर प्रवासी कामगार और श्रमिकों की स्कील मैपिंग कराई है। प्रदेश में जितने भी कामगार पहले से हैं उनकी भी स्किल मैपिंग कराई जा रही है। जो पहले से स्किल मैनपावर है उन्हें काम देने के लिए उद्योग जगत से कार्ययोजना बढ़ रही है। कृषि क्षेत्र में भी रोजगार बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। इस समय हमारी प्राथमिकता सबको बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की है। हर प्रवासी कामगार को राशन और पोशन भत्ता दे रहे हैं। उनको रोजगार और आर्थिक सुरक्षा गारंटी योजना के लिए कामगार श्रमिक सेवायोजन और रोजगार आयोग का गठन किया जा रहा है। राज्य स्तर पर उसकी एक बॉडी होगी, जिसमें कुछ मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी, उद्योग जगत प्रतिनिधि और मजदूर संगठनों के लोग रहेंगे। उसको हम दो भागों में बांट रहे हैं। हमारे पास सबसे बड़ा एमएसएमई सेक्टर में रोजगार की मैपिक कर रहे हैं और दूसरा कृषि और इससे जुड़े कार्यों में रोजगार की संभावना है। जिला स्तर पर जो सेवायोजन का कार्यालय कई सालों से निष्क्रिय था। अब तकनीक का इस्तेमाल करते हुए हर व्यक्ति का मैपिंग करने और रोजगार उपलब्ध कराने का काम शुरु किया है। लॉकडाउन के तीसरे फेज शुरू होने के साथ ही करीब 1 हजार बड़े उद्यम शुरू हो गए हैं। उनमें 75 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। एमएसएमई सेक्टर में करीब 30 लाख लोग रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। जितने बड़े प्रॉजेक्ट हैं हाइवे निर्माण, मेट्रो, पावर प्रॉजेक्ट सभी शुरू कर दिए हैं। सभी जगह रोजगार सृजन हुआ है। मनरेगा के तहत 41-42 लाख लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान 119 चीनी मिलें, 12 हजार से अधिक ईंट भट्टे को सावधानी बरतते हुए चलाए गए थे। हर स्तर पर हमारा प्रयास है कि यूपी के युवा को कहीं भटकना ना पड़े। 

ये जो ताकत प्रवासी मजदूरों के रूप में आई है हम उसका बेहतरीन उपयोग करेंगे। हम एक जिला एक उत्पाद के रूप में एमएसएमई सेक्टर को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे पास 30 लाख पीएम आवास योजना के तहत घर बनाए थे। आज जब हर प्रवासी मजदूर घर आता है तो अपने घर में रहता है। किसी को दूसरे के पास शरण नहीं लेनी पड़ी। हर गरीब का घर बना है। पीएम का जो संकल्प था कि हर गरीब को सिर ढंकने के लिए घर देंगे तो हमने 30 लाख घर पीएम आवास के तहत दिए हैं। शेष हमने सीएम आवास योजना में बनाए हैं। हर गरीब के पास घर, शौचालय, बिजली कनेक्शन है।  

Fri, 05 Jun 2020 05:11 PM

जनता के जीवन से खिलवाड़ का हक नहीं

आपने उनके प्रदेश अध्यक्ष को इतने दिनों से बंद कर रखा है? जमानत नहीं मिल रही है। इतनी कठोर कार्रवाई क्यों

यह कार्रवाई इस आधार पर हुई है कि आप लॉकडाउन में प्रशासन के कार्य में बाधा नहीं डाल सकते, लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं कर सकते। आपको जनता के जीवन से खिलवाड़ का हक नहीं। हमने बंद करके नहीं रखा है। कानून अपना काम कर रहा है।

Fri, 05 Jun 2020 05:09 PM

प्रियंका के बस ऑफर पर बोले सीएम...

वे सहयोग करते हैं तो आप लेते कहां है। प्रियंका जी ने बसें भेजीं, आपने तो यूपी में घुसने नहीं दीं बसें?

ये लोग झूठ बोलने में माहिर हैं। ये इनके जीन का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने हमें पत्र लिखा, हमने तुरंत स्वीकार किया। कहा कि हमें प्रसन्नता है। हमने उनसे कहा कि आपके बास बसें हैं तो आप बसों के नंबर आदि उपलब्ध करा दिए जाएं। उन्होंने एक हजार जो नंबर दिए, उनमें से 294 के पास ना तो फिटनेंस था या इंश्योरेंस नहीं था। यानी आप भद्दा मजाक कर रहे हैं श्रमिकों के साथ। कबाड़ा गाड़ियों से आप उनके जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। 67 नंबर ऐसे थे जो थ्री वीलर थे। 68 ऐसे थे जिस नंबर से कोई वाहन नहीं था। 31 का स्कूटर के नाम पर रजिस्ट्रेशन था। आप भद्दा मजाक कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गलती हो गई। हमारी बसें खड़ी हैं नोएडा बॉर्डर पर। हमने कहा कि 12 बजे तक डीएम को उपलब्ध करा दें, लेकिन एक दिन बाद शाम 5 बजे कहा कि हमारी बसें आगरा बॉर्डर पर हैं। वहां कुछ बसें राजस्थान परिवहन निगम की बसें थी। राजस्थान की बसें क्या कांग्रेस पार्टी की निजी संपत्ति है? कोटा से जब हमें 12 हजार छात्रों को लाना था। पहले हमें कम छात्रों की जानकारी थी तो कम बसें गई थीं। हमें बस कम पड़ीं तो हमने राजस्थान सरकार से बसें मांगी थीं। तब उन्होंने असहमित जताई। बाद में कुछ बसें दीं तो पहले 19 लाख रुपए तेल के लिए लिए और फिर 36 लाख रुपए किराया लिया। 

आप फ्री के नाम पर जनता को धोखा दे रहे हैं। इस दौरान भी आप शासकीय कामकाज में बाधा डाल रहे हैं। यह राजनीति का समय नहीं है। जनता और उन प्रवासी कामगारों के लिए जो इस समय वेदना से तड़प रहे हैं। तब वे राजनीति कर रहे हैं। इसलिए हमें कार्रवाई करनी पड़ी।

Fri, 05 Jun 2020 05:01 PM

राहुल गांधी पर साधा निशाना

90 फीसदी बिना लक्षण वाले मरीज हैं वे फैलाते रहते हैं बीमारी को। इसका इलाज बताया जाता है कि अधिक से अधिक टेस्टिंग हो। राहुल गांधी भी आरोप लगा रहे हैं कि ज्यादा टेस्ट नहीं हो रहे हैं। आप 0 से 32 हजार टेस्टिंग की व्यवस्था कर ली है, लेकिन क्या 25 करोड़ की आबादी में पर्याप्त टेस्ट हो रहे हैं?

राहुल जी क्या बोल रहे हैं क्या नहीं बोल रहे हैं। यदि राहुल जी और उनके परिवार की बात कोई सुनेगा तो वह भारत को इटली बना देंगे। भगवान करें भारत भारत ही रहे। इन लोगों के पास ना देश के लिए कोई अजेंडा है और ना ही ईश्वर ने इनको कोई दूरदर्शिता दी है। 

भारत के अंदर जब कोरोना आया था तब देश में एक टेस्टिंग लैब थी आज करीब 650 लैब हैं। करीब 2 लाख टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं। यही पीएम मोदी की दूरदर्शिता और लोककल्याणकारी भावना का परिणाम है। मेडिकल स्क्रीनिंग बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। यूपी में 23-24 करोड़ के हिस्से एक 1 मेडिकल स्क्रीनिंग टीम लगी हुई है जो कंटेनमेंट जोन में एक एक व्यक्ति की स्क्रीनिंग कर रही है। प्रदेश में 32 लाख से अधिक प्रवासी कामगार आया है इनके स्क्रीनिंग हो रही है। 

आजादी के बाद से इन लोगों ने देश की जनता को बेवकूफ बनाया है। आज पलायन के लिए वे ही दोषी हैं जिन्होंने छह दशक शासन किया। लेकिन इन गरीब लोगों को नारे के अलावा कुछ नहीं दिया। यूपी में 32 से 35 लाख श्रमिक आया लेकिन कोई बदहाल नहीं है, क्योंकि सभी को पहले ही आवास दिया जा चुका है। सभी के पास शौचालय है। क्वारंटाइन सेंटर में 15 लाख लोगों की व्यवस्था की है। हर व्यक्ति को राशन दिया जा रहा है। आज वह लाचारी भी नहीं है कि 100 रुपया भेजते हैं तो नीचे 10 रुपया ही जाता है। आज तो पीएम 100 रुपए भेजते हैं तो खाते में 100 ही पहुंचता है।  80 करोड़ लोगों को पीएम पैकेज का लाभ मिलना, 80 करोड़ लोगों को अनाज मिलना इस बात को प्रमाणित करता है। 

जो लोग कोरोना संकट में सहयोग के बजाय आज राजनीति कर रहे हैं, वह इस देश के गरीबों और किसानों का युवाओं, महिलाओं का अपमान कर रहे हैं।  

Fri, 05 Jun 2020 04:52 PM

यूपी में 1 लाख से ज्यादा बेड

इस समय जब कोरोना हमारे सामने बड़े विकराल रूप में है, आप कैसे जूझ रहे है, कोरोना के शुरुआत में मेडिकल सुविधाएं इस लायक नहीं थी, आपने कौन सी कठिनाइयां उठाईं?

आज यदि हम लोग सफल हैं तो इस सफलता के पीछे यदि किसी एक व्यक्ति का हाथ है तो वह पीएम मोदी जी का है। उन्होंने जब मई 2014 में पद संभाला था तो उन्होंने देश में कई कार्यक्रम शुरू किए उसमें स्वास्थ्य सेवा को मजबूत बनाने का कार्य भी शुरू किया था। लोग बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन सच्चाई क्या है? 1947 से 2016 तक यूपी में केवल 12 मेडिकल कॉलेज थे। 2106 से 2019 के बीच 30 मेडिकल कॉलेज बना रहे हैं या बनाने जा रहे हैं। दो एम्स यूपी में शुरू हो चुके हैं। पीएम मोदी जी ने इसकी पृष्ठभूमि रख दी थी रुचि लेकर। केंद्र सरकार ने स्वीकृत किया, कैबिनेट ने मंजूर किया वह औपचारिकता हो गई, लेकिन पीएम मोदी हर योजना की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग करते हैं। पिछली सरकार ने अडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस नहीं लिए थे। हमने  100 दिन में 150 एंबुलेंस ली और हर जनपद को 2-2 एंबुलेंस लीं। दूसरे चरण में 100 और मांगी। बड़े में 4 और छोटे में 3 लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं। हमने जब भी केंद्र से सहयोग मांगा तो भरपूर सहयोग मिला। लॉडाउन के पहले चरण में जब पीएम ने मुख्यमंत्रियों से बात की तो उन्होंने कहा कि यह संक्रमण है, राज्य सरकारें यदि केंद्र से सहयोग करती हैं तो पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने राज्यों से टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने को कहा। हमारे पास जब पहला केस आया था तब हमारे पास टेस्टिंग की सुविधा नहीं थी। आइसोलेशन वार्ड नहीं था। लेकिन आज हमारे पास पर्याप्त मात्रा में लैब हैं। हमारे पास 32 लैब सरकारी और निजी हैं। हम 12 हजार प्रतिदिन टेस्ट कर रहे हैं। 15 जून तक 15 हजार टेस्ट और जून के अंत तक 20 हजार टेस्ट का लक्ष्य है। आज यूपी में 1 लाख 1 हजार 226 आइसोलेशन बेड मौजूद हैं।  हम लोगों ने एक एक जनपद में इसको स्थापित किया। लेवल 1 और जनरल हॉस्पिटल हैं। हम बिना लक्षण वाले मरीजों को लेवल 1 हॉस्पिटल ले जाते हैं। किसी केस को हमने बाहर नहीं घूमने दिया और ना ही होम क्वारंटाइन किया है। सारी व्यवस्था राज्य सरकार कर रही है। लेवल 2 के हॉस्पिटल में हर बेड में ऑक्सिजन की आपूर्ति हो और इसके साथ वेंटिलेटर की व्यवस्था है। जो गंभीर रूप से ग्रस्त हैं। हमने लेवल 3 के 25 हॉस्पिटल बनाए हैं। वहां हर तरह की व्यवस्था है। 

सबसे बड़ी बात है कि भारत सरकार का बहुत सकारात्मक सहयोग है। यूपी जैसे राज्य में 1 लाख से अधिक बेड,  टेस्टिंग, इलाज की सारी व्यवस्था सरकार बहुत अच्छे ढंग से कर रही है। पीएम ने मार्च के अंतिम सप्ताह में ही कह दिया था कि मौत की दर को कम रखना है तो हमें हर मरीज की स्क्रीनिंग की बल्कि उसके अंदर ऑक्सीजन की मात्रा को देखना होगा। ऑक्सीजन की कमी से जीवन को खतरा होता है। 

Fri, 05 Jun 2020 04:37 PM

यूपी सरकार एक दिन में लगाएगी 25 करोड़ वृक्ष

कोरोना काल में मुझे आपके साथ डिजिटल संवाद का मौका मिला है। मनुष्य सामाजिक प्राणी है और इस नाते वह हर दिन कुछ ना कुछ सीखता है। हर अच्छी बुरी घटना उसका मार्गदर्शन करती हैं। यह व्यक्ति के ऊपर निर्भर करता है कि वह घटनाओं को किस प्रकार ले। जन्मदिन हम सब के जीवन में पुरानी स्मृति को जीवित करने और एक संकल्प के साथ आगे बढ़ने का दिवस होता है। हम लोग प्रतिदिन अपने जीवन में आध्यात्मिक जीवन में कुछ ना कुछ सीखते हैं और फिर एक नई ऊर्जा के साथ लोक कल्याण के पथ पर आगे बढ़ते हैं। आज विश्व पर्यावरण दिवस भी है। आज सबसे बड़ा संकल्प यही है कि प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर ही हम जीव दुनिया की रक्षा कर पाएंगे। यह सनतान धर्म की परंपरा भी रही है। आज का हमारा संकल्प था पर्यावरण की रक्षा करें। उत्तर प्रदेश इस सीजन में 30 करोड़ वृक्ष लगाएगा। बन महोत्वस पर यूपी में एक ही दिन में 25 करोड़ वृक्ष लगाए जाएंगे। पीएम के मार्गदर्शन में हम लोगों ने नमामि गंगे यात्रा निकाली थी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी का आह्वान था कि क्या गंगा जी की अविरलता को लेकर हम संकल्प ले सकते हैं कि गंगा जी के दोनों तटों पर फलदार वृक्ष लगाएं। हमने इसकी शुरुआत कर दी है। पर्यावरण के अनुकूल वृक्षों को लगाने के साथ उन किसानों को जो अपनी खेत की मेढ़ पर पेड़ लगाएगा उसे मुफ्त में पौधे देंगे। किसानों को सब्सिडी भी देंगे। यह पूरी कार्ययोजना तैयार की है। 

Fri, 05 Jun 2020 04:23 PM

श्रमिकों को रोजगार देने के साथ उनको हुनरमंद भी बनाएगी योगी सरकार

कोरोना संकट के कारण दूसरे प्रदेशों में रह रहे श्रमिकों और कामगारों की वापसी उप्र सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर अब तक करीब 32 लाख श्रमिकों की सुरक्षित और ससम्मान वापसी हो चुकी है। अब यह सिलसिला थमता सा नजर आ रहा है। अब सरकार के सामने दूसरी सबसे बड़ी चुनौती वापस आने वाले श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। सरकार ने इस समस्या के हल की भी मुकम्मल कार्ययोजना तैयार कर ली है। जो हुनरमंद हैं उनको सरकार रोजगार देगी और जो अकुशल या अर्द्घकुशल हैं, प्रशिक्षण के जरिए उनका हुनर निखारेगी। इसका इन श्रमिकों को दीर्घकालिक लाभ होगा।

Fri, 05 Jun 2020 04:23 PM

पीएम ने दी शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है, ''यूपी के मेहनती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनके नेतृत्व में राज्य हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है। राज्य के लोगों के जीवन में बड़ा सुधार आया है। भगवान उन्हें लंबी और स्वस्थ जीवन दे।''

Fri, 05 Jun 2020 04:22 PM

योगी का है जन्मदिन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज 49वां जन्मदिन है। हर साल की तरह इस बार भी वह बगैर किसी आयोजन के रोजाना की तरह बैठकों में व्यस्त रहे। जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें बधाई दी है।

Fri, 05 Jun 2020 04:21 PM

अनलॉक 1.0 का सबसे बड़ा इंटरव्यू

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कोरोना काल की चुनौतियों से लड़ रहा है। कोरोना से निपटने में राज्य सरकार का स्वास्थ्य महकमा, पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी कैसे कामयाब हो रही है? ऐसे ही अनेक मुद्दों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 'हिन्दुस्तान' के प्रधान संपादक खास बातचीत।

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  • Web Title:योगी आदित्यनाथ बोले-चंदा वसूली वाले लोग PIL दाखिल करके युवाओं के रोजगार की राह में बाधा बन रहे हैं

चुटकुले

जब पत्नी ने कहा, मैं तुम्हे ऑफिस नही जाने दूंगी

पत्नी:- लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी मैं तुम्हे ऑफिस नही जाने दूंगी।

पति:- क्यों?
😜
पत्नी:- मुझें कामवाली से ज्यादा तुम्हारा काम अछा लगा।