मैंने नींद लाने के ये दो Weird तरीके ट्राई किए- दिमाग अपने आप शांत हो गया!
क्या आपका दिमाग रात में लगातार चलता रहता है और नींद नहीं आती? आपके शरीर में कुछ नेचुरल ट्रिक्स हैं जो बिना दवा के आपको जल्दी सुलाने में मदद कर सकते हैं। इनमें से 2 तरीके मैंने भी ट्राई किए।

कई बार शरीर थका होता है, लेकिन दिमाग बंद ही नहीं होता। बिस्तर पर लेटते ही सोचों की रील चलने लगती है- कल का काम, पुरानी बातें, बेवजह की चिंता। मेरे साथ भी यही होता था। ऐसे में मैंने जानने की कोशिश की कि क्या हमारा शरीर खुद ही नींद लाने के लिए कुछ करता है? जवाब है- हां। हमारे शरीर में कुछ ऐसे इन-बिल्ट मैकेनिज्म होते हैं जो सही तरीके से इस्तेमाल किए जाएं तो दिमाग को शांत करके नींद की ओर ले जाते हैं। अच्छी बात यह है कि ये तरीके आसान हैं, नेचुरल हैं और घर पर ही ट्राई किए जा सकते हैं।
ये तरीके शरीर के इन-बिल्ट सिस्टम को एक्टिव करते हैं जो दिमाग को 'अब आराम करो' का सिग्नल देते हैं। मैंने इन सभी ट्रिक्स के बारे में पढ़ा, लेकिन इनमें से दो को खुद पर ट्राई किया। असर तुरंत नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही देर में दिमाग शांत हुआ और नींद गहरी आने लगी। यहां मैं वही तरीके शेयर कर रही हूं- क्या काम आया और क्यों।
शरीर के ये इन-बिल्ट ट्रिक्स नींद लाने में कैसे मदद करते हैं:
- आंखें जितनी देर खुली रख सकें, रखें (Paradoxical Intention): मैंने ये तरीका ट्राई किया। जब मैंने खुद को जबरदस्ती जागने के लिए कहा, तो दिमाग ने उल्टा रिएक्ट किया। इसे paradoxical intention कहते हैं- जितना आप जागने की कोशिश करते हैं, दिमाग उतनी जल्दी हार मान लेता है।
- 4-7-8 ब्रीदिंग टेक्निक: 4 सेकंड सांस लें, 7 सेकंड रोकें और 8 सेकंड में छोड़ें। यह शरीर के parasympathetic nervous system को एक्टिव करता है, जो शरीर का नेचुरल 'ऑफ स्विच' माना जाता है।
- चेहरा और कंधे रिलैक्स करें: मैंने महसूस किया कि जब चेहरा ढीला छोड़ दिया और कंधों को गिरने दिया, तो शरीर को सेफ और आराम का सिग्नल मिलने लगा।
- आंखें बंद करके ऊपर की ओर तीन बार घुमाना: यह आंखों की वही मूवमेंट है जो नींद के दौरान होती है। इससे दिमाग को लगता है कि अब सोने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
- 300 से उल्टी गिनती, 3-3 घटाते हुए: मैंने इसे भी ट्राई किया। 300, 297, 294… यह इतना मुश्किल होता है कि दिमाग भटक नहीं पाता, लेकिन इतना बोरिंग कि जागे भी नहीं रह पाता। कुछ देर में नींद अपने आप आ जाती है।
मेरा अनुभव: मैंने पहला और आखिरी तरीका ट्राई किया। तुरंत असर नहीं दिखा, लेकिन कुछ ही मिनटों में दिमाग शांत हुआ और नींद गहरी आई। आप भी इनमें से कोई तरीका ट्राई कर सकते हैं।
जरूरी बात: हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। अगर लंबे समय तक नींद की समस्या बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज ना करें और डॉक्टर या स्लीप एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

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