मैंने नींद लाने के ये दो Weird तरीके ट्राई किए- दिमाग अपने आप शांत हो गया!

Jan 29, 2026 03:32 pm ISTShubhangi Gupta लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

क्या आपका दिमाग रात में लगातार चलता रहता है और नींद नहीं आती? आपके शरीर में कुछ नेचुरल ट्रिक्स हैं जो बिना दवा के आपको जल्दी सुलाने में मदद कर सकते हैं। इनमें से 2 तरीके मैंने भी ट्राई किए।

मैंने नींद लाने के ये दो Weird तरीके ट्राई किए- दिमाग अपने आप शांत हो गया!

कई बार शरीर थका होता है, लेकिन दिमाग बंद ही नहीं होता। बिस्तर पर लेटते ही सोचों की रील चलने लगती है- कल का काम, पुरानी बातें, बेवजह की चिंता। मेरे साथ भी यही होता था। ऐसे में मैंने जानने की कोशिश की कि क्या हमारा शरीर खुद ही नींद लाने के लिए कुछ करता है? जवाब है- हां। हमारे शरीर में कुछ ऐसे इन-बिल्ट मैकेनिज्म होते हैं जो सही तरीके से इस्तेमाल किए जाएं तो दिमाग को शांत करके नींद की ओर ले जाते हैं। अच्छी बात यह है कि ये तरीके आसान हैं, नेचुरल हैं और घर पर ही ट्राई किए जा सकते हैं।

ये तरीके शरीर के इन-बिल्ट सिस्टम को एक्टिव करते हैं जो दिमाग को 'अब आराम करो' का सिग्नल देते हैं। मैंने इन सभी ट्रिक्स के बारे में पढ़ा, लेकिन इनमें से दो को खुद पर ट्राई किया। असर तुरंत नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही देर में दिमाग शांत हुआ और नींद गहरी आने लगी। यहां मैं वही तरीके शेयर कर रही हूं- क्या काम आया और क्यों।

शरीर के ये इन-बिल्ट ट्रिक्स नींद लाने में कैसे मदद करते हैं:

  1. आंखें जितनी देर खुली रख सकें, रखें (Paradoxical Intention): मैंने ये तरीका ट्राई किया। जब मैंने खुद को जबरदस्ती जागने के लिए कहा, तो दिमाग ने उल्टा रिएक्ट किया। इसे paradoxical intention कहते हैं- जितना आप जागने की कोशिश करते हैं, दिमाग उतनी जल्दी हार मान लेता है।
  2. 4-7-8 ब्रीदिंग टेक्निक: 4 सेकंड सांस लें, 7 सेकंड रोकें और 8 सेकंड में छोड़ें। यह शरीर के parasympathetic nervous system को एक्टिव करता है, जो शरीर का नेचुरल 'ऑफ स्विच' माना जाता है।
  3. चेहरा और कंधे रिलैक्स करें: मैंने महसूस किया कि जब चेहरा ढीला छोड़ दिया और कंधों को गिरने दिया, तो शरीर को सेफ और आराम का सिग्नल मिलने लगा।
  4. आंखें बंद करके ऊपर की ओर तीन बार घुमाना: यह आंखों की वही मूवमेंट है जो नींद के दौरान होती है। इससे दिमाग को लगता है कि अब सोने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  5. 300 से उल्टी गिनती, 3-3 घटाते हुए: मैंने इसे भी ट्राई किया। 300, 297, 294… यह इतना मुश्किल होता है कि दिमाग भटक नहीं पाता, लेकिन इतना बोरिंग कि जागे भी नहीं रह पाता। कुछ देर में नींद अपने आप आ जाती है।

मेरा अनुभव: मैंने पहला और आखिरी तरीका ट्राई किया। तुरंत असर नहीं दिखा, लेकिन कुछ ही मिनटों में दिमाग शांत हुआ और नींद गहरी आई। आप भी इनमें से कोई तरीका ट्राई कर सकते हैं।

जरूरी बात: हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। अगर लंबे समय तक नींद की समस्या बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज ना करें और डॉक्टर या स्लीप एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta

परिचय एवं अनुभव

शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।


करियर का सफर

लाइव हिंदुस्तान में शुभांगी लाइफस्टाइल टीम का हिस्सा हैं, जहां वह हेल्थ, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी, फूड और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार कर रही हैं।


विशेषज्ञता

शुभांगी की लेखन शैली की खास बात यह है कि वह जटिल विषयों को भी बेहद सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने में भी सहायक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह एक्सपर्ट्स की राय, रिसर्च और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़कर ऐसे ‘हैंडी टिप्स’ साझा करती हैं जिनसे पाठक खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।


पुरस्कार

लाइव हिंदुस्तान में काम करते हुए शुभांगी को ज्यादा रीडर एंगेजमेंट के लिए मंथली अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके कंटेंट की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। डिजिटल ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझना उनकी बड़ी ताकत है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।