
क्या आप जानते हैं दिल्ली में भी है ‘मिनी लद्दाख’? भीड़ से दूर करना है एंजॉय तो घूम आएं!
दो पल सुकून के चाहते हैं तो इसके लिए किसी दूर पहाड़ पर जाने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि दिल्ली के बीचों-बीच एक ऐसी जगह भी है, जहाँ का माहौल बहुत ही सुकून देने वाला है। इस खास जगह को दिल्ली के 'मिनी लद्दाख' के नाम से जाना जाता है।
दिल्ली एक ऐसा शहर है जहां हर तरफ जिंदगी तेज रफ्तार में भागती हुई लगती है। यूं तो ये शहर बहुत ही बिजी है, जहां हर तरफ भीड़-भाड़ ही देखने को मिलती है। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि दिल्ली में कहीं सुकून नहीं मिलेगा। अगर आप दिल्ली की तेज रफ्तार जिंदगी में दो पल सुकून के चाहते हैं तो इसके लिए किसी दूर पहाड़ पर जाने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। क्योंकि दिल्ली शहर के बीचों-बीच एक ऐसी जगह भी है, जहाँ का माहौल बहुत ही सुकून देने वाला है। यहां कदम रखते ही मन को एक अलग ही शांति मिलेगी। इस खास जगह को दिल्ली के 'मिनी लद्दाख' के नाम से जाना जाता है। चलिए जानते हैं देश की राजधानी में बसी इस जगह के बारे में।
दिल्ली में बसा है 'मिनी लद्दाख'
'मिनी लद्दाख' के नाम से मशहूर दिल्ली की यह शांत और सुकून देने वाली जगह महरौली में फैले 12.5 एकड़ के पुराने कैंपस में स्थित है। यह जगह जिसे लोग प्यार से 'मिनी लद्दाख' कहते हैं, असल में अशोक मिशन के नाम से जानी जाती है। इसकी स्थापना 1948 में कंबोडिया के भिक्षु वें. धर्मवारा महाथेरा ने की थी। जिसमें उन्हें भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का भी सहयोग मिला था। सालों से ये जगह लोगों को शांति और सुकून देती आई है।
आध्यात्मिकता और प्रकृति का सुंदर मेल
अशोक मिशन के कैंपस में एंट्री करते ही मन को एक अजीब सा सुकून महसूस होता है। यहां 1953 में म्यांमार के नेता द्वारा लगाया गया बोधि वृक्ष है और इसी के नीचे एक शांत श्राइन, विशाल बुद्ध प्रतिमा स्थापित है। सुबह के समय इस कैंपस में एक अलग ही नजारा देखने को मिलता है। सुबह की खुली हुई धूप के साथ यहां की हरियाली मन को सुकून देती है। यहाँ नियमित रूप से ध्यान शिविर, अनुष्ठान, और सामाजिक सेवा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
दिल्ली का हिडेन स्प्रिचुअल स्पॉट
ज्यादातर लोग दिल्ली की भीड़भाड़ वाली जगहों के बारे में जानते हैं, लेकिन यह शांत कोना अक्सर लोगों की नजरों से छूट जाता है। यही वजह है कि इसे शहर के सबसे सुंदर और कम जाने-पहचाने आध्यात्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहाँ आने वाले लोग अक्सर कहते हैं कि यह जगह उन्हें मन की शांति देती है और कुछ देर के लिए उन्हें शहर की हलचल से दूर कर देती है।
कैसे पहुँचे और कब जाएँ
अशोक मिशन पहुँचने के लिए कुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन (येलो लाइन) सबसे पास है। यहाँ आने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है, जब वातावरण ठंडा और शांत होता है और परिसर की हरियाली अपनी सबसे सुंदर अवस्था में दिखती है। अगर आपको ध्यान लगाना है या नेचर के बीच कुछ सुकून के पल बिताने हैं, तो इसके लिए सुबह का टाइम बिल्कुल परफेक्ट है।

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




