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Hindi News लाइफस्टाइल यात्राKedarnath Yatra: केदारनाथ के आसपास हैं ये खूबसूरत जगहें, बिना देखे अधूरी रह जाएगी ट्रिप

Kedarnath Yatra: केदारनाथ के आसपास हैं ये खूबसूरत जगहें, बिना देखे अधूरी रह जाएगी ट्रिप

Kedarnath Yatra: केदारनाथ से लेकर यमुनोत्री, गंगोत्री के कपाट खुल चुके हैं। अक्षय तृतीया के दिन इन मंदिरों के कपाट दर्शन के लिए खोल दिए जाते हैं। केदारनाथ दर्शन के साथ इन जगहों को भी जरूर देखें।

Kedarnath Yatra: केदारनाथ के आसपास हैं ये खूबसूरत जगहें, बिना देखे अधूरी रह जाएगी ट्रिप
Aparajitaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 10 May 2024 02:12 PM
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केदारनाथ से लेकर यमुनोत्री, गंगोत्री के कपाट खुल चुके हैं। इसके साथ ही लोग इस धार्मिक जगह की सैर के लिए निकल पड़ेंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिमालय की ऊंची चोटियों में बसे भगवान शिव शंकर के इस मंदिर के आसपास और भी बहुत कुछ है। जिसे देखे बिना ये पूरी यात्रा अधूरी रह जाएगी। तो चलिए जानें केदारनाथ धाम की यात्रा में इन जगहों की सैर का भी लुत्फ जरूर उठाएं।

गौरीकुंड
गौरीकुंड धाम से ही केदारनाथ जाने के लिए ट्रैकिंग शुरू होती है। लेकिन इस जगह को केवल स्टार्टिंग प्वाइंट मत समझिए। गौरीकुंड में गर्म पानी के दो कुंड होने के साथ ही माता पार्वती का मंदिर भी है। जो प्राचीन समय से बना है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां की शिला पर बैठकर माता पार्वती ने ध्यान लगाया था। तो गौरीकुंड से पैदल ट्रैक की यात्रा शुरू करने से पहले इस मंदिर और आसपास बने गर्म कुंड को जरूर देखें।

भैरवनाथ मंदिर
केदारनाथ मंदिर से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी पर ही भैरव नाथ का मंदिर बना है। जहां पर जाने के लिए गौरीकुंड से होकर ही जाना पाड़ता है। केदारनाथ मंदिर के दर्शन के बाद लोग इस मंदिर के दर्शन जरूर करते हैं। तो भैरवनाथ मंदिर के आसपास ने नजारों को देखें बिना ये ट्रिप अधूरी रह सकती है। 

तुंगनाथ मंदिर
तुंगनाथ मंदिर दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर में गिना जाता है। केदारनाथ की यात्रा के लिए निकले हैं तो इस मंदिर के दर्शन भी जरूर करें। जहां पहुंचने के लिए आपको आसानी से टैक्सी या कैब मिल जाएगी। 3 किमी के ट्रैक के बाद मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। तुंगनाथ मंदिर को तृतीय केदारनाथ भी कहते हैं। इतनी दूर आने के बाद अक्सर लोग इस मंदिर के दर्शन भी जरूर करते हैं।

चंद्रशिला ट्रैक
गौरीकुंड से लेकर तुंगनाथ मंदिर के ट्रैक को चंद्रशिला ट्रैक कहते हैं। जिस पर चलने पर बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। 

वासुकी ताल
केदारनाथ के दर्शन के बाद अक्सर लोग पैदल ही इस ताल को देखने के लिए जाते हैं। 8 किमी का ट्रैक काफी कठिन होता है क्योंकि रात को यहां रुक नहीं सकते और वापस केदारनाथ मंदिर तक वापस आना होता है। लेकिन सुबह शुरू करके इस ट्रैकिंग को वासुकी ताल पहुंचा जा सकता है। जहां से बर्फीले वासुकी ताल का नजारा शानदार होता है।