बिहार का अनोखा मंदिर, जहां भगवान नहीं भाई-बहन की होती है पूजा! जानें मुगलों से जुड़ी कहानी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

आपने आजतक जितने भी मंदिरों के बारे में सुना होगा, सभी में किसी ने किसी देवी-देवता की पूजा होती है। लेकिन बिहार में ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां भाई-बहन पूजे जाते हैं। राखी के खास दिन पर बहनें यहां भाई की लंबी उम्र की कामना के लिए आती हैं।

bhaiya bahini mandir
बिहार के इस मंदिर में क्यों पूजे जाते हैं भाई-बहन

हिंदू धर्म में कई देवी-देवता पूजे जाते हैं और हर जगह पर उनके अलग-अलग मंदिर बने हुए हैं। कहीं पर आपको भगवान शिव का मंदिर मिलेगा, तो कहीं पर मां दुर्गा या हनुमान जी का। सभी श्रद्धालु इन मंदिरों में जाकर अपने सुख-दुख ईश्वर से बांटते हैं और प्रार्थना करते हैं लेकिन आज हम आपको एक अनोखे मंदिर की कहानी बताने जा रहे हैं। बिहार में ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां पर देवी-देवता नहीं बल्कि भाई-बहन की पूजा होती है। इतना ही नहीं रक्षा बंधन के खास दिन पर इस मंदिर में खूब भीड़ होती है। यहां पर बहनें भाई की लंबी उम्र की कामना करने आती हैं, चलिए आपको इस मंदिर से जुड़ा इतिहास बताते हैं।

कहां बना हुआ है ये मंदिर

बिहार के सिवान जिले के महाराजगंज के भीखाबांध गांव में स्थित है भैया बहिनी मंदिर। यह मंदिर भाई-बहन के अटूट प्रेम को दर्शाता है और राखी के दिन यहां पर खूब भीड़ होती है। इस मंदिर में खास बात ये है कि यहां पर किसी की भी मूर्ति नहीं है बस दो बरगद के पेड़ आपस में लिपटे हुए है और इन्हें ही लोग पूजते हैं।

क्या है भाई-बहन से जुड़ी कहानी

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मुगल काल में भाई अपनी बहन को ससुराल से विदा कराकर ला रहा था, तभी मुगल सैनिक रास्ते में आ गए। उनकी बुरी नजर बहन पर पड़ी और वह सभी उसके साथ गलत व्यवहार करने लगे। अपनी बहन की रक्षा के लिए अकेला भाई सैनिकों से भिड़ गया लेकिन कब तक लड़ता। ऐसे में बहन ने धरती माता से गुहार लगाई और उसी समय धरती फटी और भाई-बहन उसी में समा गए।

बरगद बन निकले

ऐसा कहा जाता है कि जहां पर भाई-बहन समाए थे वही से बरगद के पेड़ निकले और दोनों आपस में ऐसे लिपटे हैं, जैसे भाई आज भी बहन की रक्षा कर रहा है। इन दोनों पेड़ों की पूजा की जाती है और बहनें भाई की कामना के लिए इसमें धागा भी लपेटती हैं। इस मंदिर में मिट्टी का एक टीला भी बना हुआ है, जिस पर बहनें पहले राखी चढ़ाती है और फिर अपने भाई की कलाई पर बांधती हैं।

हर साल लगता है मेला

भैया-बहिनी मंदिर की कहानी के पीछे कितनी सच्चाई है, इसका पता नहीं लेकिन यहां पर भाई-बहन को पूजते हैं। हर साल राखी के दो दिन पहले से यहां पर मेला लगता है, जिसे लोग देखने आते हैं। सिवान से महाराजगंज तक जाने के लिए आपको ट्रेन या बस मिल जाएगी। महाराजगंज से आपको भीखाबांध गांव जाना होगा और फिर वहां से मंदिर तक जाने के लिए आप ऑटो ले सकते हैं।

Deepali Srivastava

लेखक के बारे में

Deepali Srivastava

दीपाली श्रीवास्तव पिछले 8 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और 5 सालों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। संस्थान में साल 2021 में वेब स्टोरी से अपने सफर की शुरुआत करने के बाद, वह आज लाइफस्टाइल टीम का अहम हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, यूजर बिहेवियर और पाठकों की रुचि को समझने में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली कंटेंट प्रोफेशनल बनाती है।


करियर का सफर

दीपाली ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2018 में राजस्थान पत्रिका की डिजिटल टीम से की। करियर के शुरुआती दौर से ही वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी रही हैं। इसके बाद उन्होंने इन्शॉर्ट्स, सत्य हिंदी, बॉलीवुडशादीज.कॉम और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर लेखन के साथ-साथ सेलेब्रिटी इंटरव्यू, वीडियो स्टोरीज, फिल्म रिव्यू और रिसर्च-बेस्ड कंटेंट की कवरेज की।


एजुकेशन

दीपाली श्रीवास्तव के पास B.Sc (Mathematics) और मास कम्युनिकेशन की डिग्री है। यही शैक्षणिक पृष्ठभूमि उनके काम में तथ्यों की सटीकता, डेटा-आधारित रिसर्च और कंटेंट की विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

दीपाली का मानना है कि डिजिटल युग में एक पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी फैक्ट-चेकिंग और प्रमाणिक जानकारी देना है। उनका उद्देश्य किसी भी बीट पर काम करते हुए पाठकों तक सही, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे बेहतर और जागरूक निर्णय ले सकें।


विशेषज्ञता

हेल्थ, फिटनेस और किचन हैक्स
ट्रैवल, फैशन, रिलेशनशिप और ब्यूटी
एंटरटेनमेंट बीट
सेलेब्रिटी न्यूज
वीडियो स्टोरीज
फिल्मों के रिव्यू

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsलाइफस्टाइल न्यूज़यात्राबिहार के इस मंदिर में क्यों पूजे जाते हैं भाई-बहन? मुगल काल से जुड़ा है रहस्य