अद्भुत यात्रा: भारत के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर- आस्था, विज्ञान और कला का मेल

अद्भुत यात्रा: भारत के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर- आस्था, विज्ञान और कला का मेल

संक्षेप:

भारत में सूर्य उपासना की परंपरा बेहद प्राचीन है और इसे दर्शाते हैं देशभर में बने अद्भुत सूर्य मंदिर। अपनी अनूठी वास्तुकला, इतिहास और आध्यात्मिक महत्व के कारण ये मंदिर आज भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

Nov 14, 2025 12:19 pm ISTShubhangi Gupta लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

भारत में सूर्य उपासना का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। विभिन्न सभ्यताओं, राजवंशों और संस्कृतियों ने सूर्य देव को ऊर्जा, शक्ति, प्रकाश और जीवन का प्रतीक माना है। इसी आस्था और श्रद्धा का प्रमाण हैं देश के कई प्राचीन सूर्य मंदिर जो ना सिर्फ आध्यात्मिक महत्व रखते हैं बल्कि भारतीय वास्तुकला, गणित, खगोल विज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के अनोखे उदाहरण भी हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

देश के कुछ सूर्य मंदिर अपनी स्थापत्य कला की भव्यता, पत्थरों पर उकेरी गई कहानियों, सूर्य की किरणों के वैज्ञानिक कोण और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण आज भी दुनिया भर के पर्यटकों का आकर्षण बने हुए हैं। विशेष रूप से कोणार्क, मोढेरा और मार्तंड सूर्य मंदिर जैसे प्राचीन धरोहरें ना सिर्फ पूजा के स्थान हैं बल्कि भारत की प्राचीन इंजीनियरिंग क्षमता का भी उत्कृष्ट प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।

1. कोणार्क सूर्य मंदिर, ओडिशा

दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सूर्य मंदिर और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट।

13वीं शताब्दी में राजा नरसिंहदेव ने बनवाया।

मंदिर को सूर्य देव के रथ के रूप में डिजाइन किया गया—24 विशाल पहिए और सात घोड़े इसकी खास पहचान।

2. मोढेरा सूर्य मंदिर, गुजरात

1026 ई. में सोलंकी राजा भीमदेव द्वारा निर्मित।

सूर्यकुंड, सभा मंडप और गर्भगृह वास्तुकला की अनोखी मिसाल।

खास बात: वर्ष के दो विशेष दिनों में सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह में प्रवेश करती हैं।

3. मार्तंड सूर्य मंदिर, जम्मू-कश्मीर

8वीं शताब्दी में राजा ललितादित्य मुक्‍तापीड द्वारा निर्मित।

कश्मीरी इतिहास और स्थापत्य का अनमोल खजाना।

आज खंडहर रूप में, फिर भी अद्भुत भव्यता का एहसास दिलाता है।

4. कटारमल सूर्य मंदिर, उत्तराखंड

लगभग 9वीं शताब्दी का मंदिर, समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित।

‘बड़ादित्य मंदिर’ के नाम से जाना जाता है।

प्राकृतिक सौंदर्य और प्राचीन वास्तुकला का उत्कृष्ट संगम।

ये भी पढ़ें:संस्कृति और विरासत की झलक: बिहार में घूमने की बेहतरीन जगहें

5. सूर्यनार कोविल मंदिर, तमिलनाडु

नवग्रह मंदिरों में से प्रमुख, सूर्य देव के साथ 9 ग्रहों की पूजा का विशेष महत्व।

दक्षिण भारतीय द्रविड़ शैली की सुंदर नक्काशी।

6. रणकपुर सूर्य मंदिर, राजस्थान

13वीं शताब्दी का प्रसिद्ध मंदिर, पर्यटन के लिए बेहद लोकप्रिय स्थल।

नागर शैली की बारीक नक्काशी और मार्बल की उत्कृष्ट कारीगरी।

7. लोढुरवा सूर्य मंदिर, जैसलमेर (राजस्थान)

प्राचीन थार सभ्यता की धरोहर।

पीले बलुआ-पत्थर से बना, राजपूताना वास्तुकला का सुंदर उदाहरण।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta
चार साल से भी ज्यादा समय से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय शुभांगी गुप्ता लाइव हिंदुस्तान की वेब स्टोरीज टीम का हिस्सा हैं। एंटरटेनमेंट, फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े आर्टिकल लिखने में उनकी रुचि है। इनका उद्देश्य अपने लेखन से पाठकों को बांधे रखना है। लाइव हिंदुस्तान टीम के साथ जुड़ने से पहले ये अमर उजाला में काम कर चुकी हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।