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भारत के इस फेमस मंदिर में प्रसाद में बंटता है चाऊमीन और मोमोज, जानें कहां है ये मंदिर

भारत के इस फेमस मंदिर में प्रसाद में बंटता है चाऊमीन और मोमोज, जानें कहां है ये मंदिर

संक्षेप:

भारत में ऐसे कई मंदिर हैं, जिन्हें लेकर अलग मान्यताएं और चमत्कारों के बारे में आपने सुना होगा। लेकिन क्या कभी ऐसे मंदिर के बारे में सुना है, जहां भगवान को फल-फूल नहीं बल्कि नूडल्स-मोमोज चढ़ाए जाते हैं।

Dec 10, 2025 07:49 am ISTDeepali Srivastava लाइव हिन्दुस्तान
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भारत देश में ऐसी कई जगहें हैं, जो अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर हैं। इन जगहों का खान-पान भी अलग है और रहन-सहन भी। साथ ही देश में ऐसे कई फेमस मंदिर हैं, जिन्हें लेकर अलग मान्यताएं और चमत्कारी कहानियां लोगों ने सुनी हुई हैं। आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं वह माता जी का है और वहां प्रसाद में फल, मेवे, मिठाई, लड्डू नहीं चढ़ाए जाते, बल्कि लोग मोमोज या चाऊमीन मां को चढ़ाते हैं। फिर यही प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। चलिए बताते हैं ये मंदिर कहां है और यहां पर ये प्रसाद क्यों बांटा जाता है।

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कहां है ये मंदिर

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बना है ये मां काली का मंदिर। ये मंदिर तांग्रा क्षेत्र में बना हुआ है, इस जगह को लोग चाइना टाउन के नाम से भी जानते हैं। यहां पर आने वाला हर इंसान इस मंदिर के दर्शन जरूर करता है और प्रसाद लेता है। कहते हैं इस मंदिर में अनोखी शक्ति है, जो भक्तों ही हर मनोकामना पूरी करती है।

पीछे की कहानी

इस मशहूर मंदिर के पीछे एक कहानी भी है। कहा जाता है सालों पहले इस क्षेत्र में एक बच्चा बीमार हो गया था और डॉक्टर ने जवाब दे दिया था। ऐसे में उसके माता-पिता ने उम्मीद नहीं छोड़ी। इस जगह पर पहले एक पेड़ के नीचे दो काले पत्थर रखकर मां काली की पूजा होती थी। घरवालों ने बच्चे को वही लेटाया और कहां कि अगर ये ठीक हो गया तो मंदिर बनवा देंगे। माता का चमत्कार हुआ और बच्चा उठ खड़ा हुआ। बस तभी से मां काली को यहां पूजा जाता है और उनका मंदिर बना है। इस मंदिर के बाहर चाइनीज मां काली लिखा हुआ है।

चाऊमीन-मोमोज

दरअसल, सिविल वॉर के दौरान चाइनीज तांग्रा क्षेत्र में रहने के लिए आए हुए थे। उस वक्त उन्होंने भी मां काली की पूजा की और जो उन्हे सबसे ज्यादा खाना पसंद है, वही मां को भेंट स्वरूप चढ़ाया। तभी से मां काली के इस मंदिर में मोमोज, फ्राइड राइस, चाऊमीन प्रसाद में मिलता है। यहां पर हिंदू और चाइनीज दोनों ही पूजा करने आते हैं और अगरबत्ती जलाते हैं। तो आप कब जा रहे हैं इस मंदिर के दर्शन करने और प्रसाद खाने।

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Deepali Srivastava

लेखक के बारे में

Deepali Srivastava
दीपाली श्रीवास्तव लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं। इन्होंने गणित विषय से BSc की डिग्री ली है। जागरण इंस्टीट्यूट से मास कम्यूनिकेशन में तीन साल की डिग्री ली है। लाइव हिंदुस्तान से पहले ये अमर उजाला, इनशॉर्ट्स, सत्य हिंदी, राजस्थान पत्रिका जैसे संस्थानों में काम कर चुकी हैं। इन्हें साढ़े छह साल का मीडिया इंडस्ट्री में अनुभव है। शुरू से ही मनोरंजन बीट पर काम करती रही हैं। इस सेक्शन से जुड़ी स्टोरी लिखना और पढ़ना दोनों ही इन्हें काफी पसंद है। पुराने संस्थानों में फिल्मों के रिव्यू, सुनिए सिनेमा जैसे न्यूज वीडियो और सेलेब्स इंटरव्यू किए हैं। इन्हें घूमना, कहानी या कविता लिखना और फिल्में देखना काफी पसंद है। और पढ़ें

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